सत्ता बल पर भूमाफिया के खेल में उतरे मंत्री राजेश नागर भी

December 31 11:14 2024

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) तिगांव विधायक एवं मंत्री राजेश नागर सत्ता के बल पर अपनी भूमाफियागीरी के लिए पुलिस और प्रशासन का खुला दुरुपयोग कर रहा है। अपने ही वफादार कार्यकर्ता की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने के लालच में उसके खिलाफ एक के बाद एक लगातार झूठे मुकदमे दर्ज करा दबाव बनाया जा रहा है। मंत्री के इशारे पर बेशर्म होकर नाच रही पुलिस भी बिना जांच पड़ताल आनन फानन केस दर्ज कर दबाव बना रही है कि पीडि़त अपनी जमीन छोड़ कर भाग जाए।
सेक्टर 82 रूप एन्कलेव बेथनी नगर निवासी संजय चंडीला 1996 से भाजपा कार्यकर्ता हैंं और 2012 से वर्तमान मंत्री राजेश नागर का खास कार्यकर्ता रहा है। संजय ने 12 जुलाई 2023 को सेक्टर नौ निवासी दिनेश वर्मा से गांव भतौला स्थित उसकी 3 कनाल 15 मरले जमीन 89 लाख छह हजार रुपये में अपनी पत्नी लता के नाम खरीदी थी। सत्ता के बल पर भूमाफियागीरी कर रहे विधायक राजेश नागर और उनके पिता रूप सिंह नागर की नीयत भी इस जमीन पर खराब थी, संजय के इस जमीन को खरीद लेने से विधायक उससे नाराज हो गया और दोनों के बीच संबंध खराब हो गए। राजेश नागर ने संजय पर जमीन छोडऩे का दबाव बनाया, इनकार करने पर पुलिस आयुक्त से कह कर अक़्ल ठिकाने लगवाने की धमकी तक दी।

संजय को सबक सिखाने के लिए राजेश नागर ने सत्ता का दुरुपयोग करना शुरू किया। पुलिस में उसके खिलाफ अपने लोगों से मारपीट और कब्जेदारी की फर्जी शिकायतें दिलवाईं। राजेश नागर ने अपने पीए सुरजीत सिंह से संजय और उनके बेटे विशाल के खिलाफ बीपीटीपी थाने में मारपीट और कब्जेदारी का केस 11 नवंबर 2023 को दर्ज कराया। पुलिस ने इसमें कोई जांच नहीं की और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की अवहेलना करते हुए, तमाम नियम कायदों को दर किनार करते हुए संजय व विशाल को गिरफ़्तार कर लिया, लेकिन न्यायालय में केस नहीं टिका और जज ने उसी दिन जमानत दे दी। मंत्री और उसके पिता रूप सिंह नागर किसी भी कीमत पर इस जमीन को हथियाने के लिए लगातार पुलिस को हथियार की तरह इस्तेमाल करते रहे। अपने गुुर्गे जितेंद्र गोसाईं से संजय और उनके परिवार पर प्लॉट पर कब्जा करने, जान से मारने की धमकी देेने का केस दर्ज करा दिया। विधायक के इशारे पर पुलिस ने बिना कोई तफ्तीश, पूछताछ किए ही तुर्त-फुर्त पूरे परिवार को गिरफ़्तार कर लिया। न्यायालय ने केस को संदिग्ध मानते हुए सबको जमानत दे दी।

इस पर भी बात नहीं बनी तो विधायक के पिता रूप सिंह नागर ने अपने खास चेले हवा सिंह राठी को भी उनके खिलाफ इस्तेमाल करते हुए उसकी पत्नी शकुंतला की ओर से संजय और उनके परिवार के खिलाफ प्लॉट पर कब्जा करने और जान से मारने की धमकी देने का झूठा केस दर्ज करा दिया। दबाव बनाने के लिए पुलिस संजय की पत्नी लता को गिरफ़्तार कर ले गई थी, संजय ने किसी तरह निजी मुचलके पर पत्नी को छुड़वाया। उन्होंने फिर भी जमीन नहीं छोड़ी तो उनका लाइसेंसी रिवाल्वर भी जमा करवा लिया गया।

राजेश नागर के इशारे पर उनके शस्त्र लाइसेंस के आवेदन फाइल से वह शपथपत्र ही गायब करवा दिया गया जिसमें सजंय ने अपने तमाम मुकदमों का विवरण दिया हुआ था। शपथपत्र गायब करने के बाद पुलिस ने इसी बुनियाद पर संजय के खिलाफ धोखाधड़ी का झूठा केस दर्ज करके उन्हें गिरफ़्तार भी कर लिया लेकिन अदालत ने सच्चाई जानने पर तुरंत ही जमानत देते हुए टिप्पणी में लिखा कि यह मुकदमा विधायक के दबाव में दर्ज कराया गया है और पुलिस आयुक्त खुद इसकी जांच कर तफ़्तीशी एएसआई रामसिंह के खिलाफ कार्रवाई करें।

27 जुलाई 2024 की सुबह करीब सवा आठ बजे वह अपनी कार से बदरपुर बॉर्डर की ओर जा रहे थे, उनकी कार के डैशकैम में यह रिकॉर्ड भी है। विधायक के इशारे पर उसके गुर्गे जितेंद्र गोसाईं के भाई सुनील गोसाईं ने संजय चंदीला, उसकी पत्नी लता, बेटे तुषार और विशाल के खिलाफ बीपीटीपी थाने में शिकायत दी कि 27 जुलाई 2024 की सुबह ये सब उसकी जमीन पर कब्जा करने पहुंचे और विरोध करने पर उसके परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। यह भी आरोप लगाया कि संजय ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल दिखा कर धमकी दी, जो कि पहले से ही थाने में जमा थी। अन्य कोई होता तो जमीन पर मल्कियत के मामले को दीवानी केस बता पुलिस उसे न्यायालय जाने की बात कह टरका देती लेकिन विधायक की बात थी तो पुलिस बिना तफ्तीश किए ही एफआईआर दर्ज करने पर उतारू थी। शिकायत मिलते ही एफआईआर दर्ज की गई और आनन-फानन संजय के पूरे कुनबे को गिरफ़्तार कर जेल भी भेज दिया। न्यायालय में संजय के वकील ने कार के डैशकैम की वीडियो क्लिप दिखा कर पीडि़त और उसकी कार के मौके पर नहीं होने का तथ्य प्रस्तुत किया तो जज ने तुरंत जमानत देते हुए पुलिस को ठीक से जांच करने के निर्देश दिए थे।

मंत्री बनने से राजेश नागर के हौसले और भी बुलंद हो गए और उसने अपनी बढ़ी हुई राजनीतिक शक्ति के बल पर गुंडागर्दी को और बढ़ा दिया। संजय के घर बिजली वालों का छापा डलवा दिया। बिजली चोरी नहीं मिली तो जबरन लोड बढ़ा दिया गया। हाईकोर्ट में इन केसों को खारिज करने हुई अपील की तो राजेश नागर ने 11 लोगों से संजय के विरुद्ध हाईकोर्ट मे याचिका डलवा दी लेकिन न्यायाधीश ने बदले की कार्रवाई करार देते हुए उन सबकी याचिका खारिज कर दीं।

इस बीच संजय चंदीला को रूप सिंह नागर और उसके पालतू प्यादों से लगातार धमकियां भी मिलती रहीं। संजय चंदीला के अनुसार राजेश नागर को विधायक बनाने के लिए उन्होंने हर चुनाव में जीतोड़ मेहनत की, यहां तक कि चुनाव प्रचार में बीसियों लाख रुपये लगा दिए। इसका सिला उन्हें मंत्री के इशारे पर पुलिस-प्रशासन द्वारा प्रताडि़त किए जाने से मिल रहा है। उन्हें इसका डर सता रहा है कि उनका और उनके परिवार का नाश करने पर उतारू मंत्री राजेश नागर किसी फर्जी केस में फंसवा कर पूरे परिवार को जेल में सड़ा देंगे, बावजूद इसके वह अंतिम सांस तक न्याय और हक पाने के लिए लडऩे को तैयार हैं।

मंत्री राजेश नागर अपनी दुरआकांक्षाओं की पूर्ति के लिए प्रशासन और पुलिस का मनमाना इस्तेमाल कर रहे हैं। नया नया मंत्री पद हासिल किया है तो भोकाल टाइट करने के लिए पुलिस की दो जीपों के साथ चार-पांच कारों में तीस-चालीस लोगों का काफिला लेकर सायरन बजाते हुए पूरे शहर में घूमते फिर रहे हैं। जिधर से उनका काफिला गुजरता है आम जनता से लेकर वाहन चालकों में भय व्याप्त हो जाता है। मंत्री राजेश नागर जब अपने स्वार्थवश पार्टी को खड़ा करने वाले तीस साल पुराने कार्यकर्ता का नाश करने पर तुल गए हैं, उसकी जमीन हड़पने पर आमादा हैं तो समझा जा सकता है कि उनके सामने आम जनता की बिसात ही क्या है? सुशासन का ढिंढोरा पीटने वाले सीएम सैनी को क्या जनविरोधी करतूत करने वाले अपने मंत्री राजेश नागर पर अंकुश नहीं लगाना चाहिए? लेकिन उनकी किसान विरोधी, छात्र विरोधी, भूमाफिया समर्थक सरकार से आम जनता को इसकी उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

 

  Article "tagged" as:
  Categories:
view more articles

About Article Author

Mazdoor Morcha
Mazdoor Morcha

View More Articles