फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) ग्रेटर फरीदाबाद के अलावा ‘हूडा’ के अन्य सेक्टरों में भी बीते दसियों वर्ष से बिल्डरों की बेखौफ लूट जारी है। इसे रोकने के नाम पर अब प्रशासन एक नई नाटकबाज़ी करने जा रहा है। इस कवायद में वही लुटेरे अफसरान लूट को रोकने एवं सोसाइटी वासियों को राहत देने का नाटक करेंगे जिनकी वजह से लूट होती आ रही है। इनमें डीटीपी (कंट्री प्लानिंग),’हूडा’ व अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।
सर्वविदित है कि इन्हीं उक्त अधिकारियों से मिलीभगत करके ही बिल्डर लोग अपने ग्राहकों के साथ तरह-तरह की धोखेबाजियां करते हैं। नियम-कायदों की उल्लंघना करते हुए फ्लैटों का निर्माण करके अपने ग्राहकों को सौंप देते हैं। कायदे से बिना कम्पलीशन प्रमाणपत्र के, बिल्डर किसी को भी फ्लैट आवंटित नहीं कर सकते, इसके बावजूद आवंटित किए जा रहे हैं। ऐसे भी अनेकों मामले हैं जहां नियमों के उल्लंघन के बावजूद कम्पलीशन सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए। बिल्डरों द्वारा आवंटन की शर्तों का उल्लंघन किए जाने की शिकायतों पर भी ये अधिकारी कोई संज्ञान नहीं लेते।
अनेकों बिल्डर तो ऐसे भी हैं जिन्होंने पूरी सोसाइटी बैंकों में गिरवी रखी होती हैं, इसके बावजूद ग्राहकों से पूरी रकम वसूल कर निकल लेते हैं। इसके बाद, जाहिर है बैंक और ग्राहक आपस में लड़ते-भिड़ते रहते हैं। अंत में दस्तावेजों के आधार पर बैंक पूरी संपत्ति पर कब्जा ले लेता है और ग्राहक हाथ मलते रह जाते हैं। ऐसे बिल्डरों की भी कमी नहीं है जो अपने ग्राहकों से किस्त-दर-किस्त रुपया तो लेते रहते हैं लेकिन फ्लैटों का निर्माण करते ही नहीं, करते भी हैं तो कई वर्षों की देरी से। इसके अलावा सबसे शरीफ कहे जाने वाले बिल्डर मेंटिनेंस के नाम पर अच्छी-खासी रकम हर महीने वसूलने के बावजूद वांछित सुविधाएं प्रदान नहीं करते। कुछ बिल्डरों ने तो इस धंधे को मजबूती से चलाए रखने के लिए सुरक्षा गार्डों के रूप में गुंडों तक को भी भर्ती कर रखा है। इन गुडों से, आवश्यकता पडऩे पर फ्लैटवासियों को पिटवाने तक का भी काम लिया जाता है।
जाहिर है कि यह सारा कारोबार डीटीपी, ‘हूडा’ व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस के सहयोग से चलाया जा रहा है। पीडि़त सोसाइटीवासियों की तमाम शिकायतों को घुम्मन-घेरी में घुमाने के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। अब ‘900 चूहे खाकर बिल्ली चली हज कोÓ वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए प्रशासन, पीडि़त सोसाइटी वासियों को बिल्डरों से निजात दिलाने का एक नया नाटक खेलने जा रहा है। इस नाटक से सोसायटी वासियों को तो कुछ हासिल होने वाला नहीं और बिल्डर थोड़ा ज्यादा नजराना चुका कर भोले-भाले लोगों को लूटने की खुली छूट पा जाएंगे।