फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) भारतीय सेना के लिए 16 दिसंबर अत्यंत गौरव का दिन होता है। सरकार द्वारा यह दिन विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। हरियाणा में भी सरकार के आदेशों के मुताबिक सभी जिलों में जिला पूर्व सैनिक व अर्धसैनिक कार्यालयों को इस दिन को गौरवशाली ढंग से मनाने के आदेश हैं।
फरीदाबाद में भी जिला पूर्व सैनिक व अर्ध सैनिक कार्यालय द्वारा इस दिन सेक्टर 12 के युद्ध स्मारक पर एक आधिकारिक कार्यक्रम रखा गया, जिसके लिए साफ सफाइ के बाद माला, फूल, रीथ, पुष्पांजलि आदि का बंदोबस्त पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों के लिए किया गया। फरीदाबाद के सबसे सम्मानित सीनियर रिटायर्ड मेजर जनरल दत्त साहब इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।
हर वर्ष की तरह कार्यक्रम में कुछ और भी बंदोबस्त स्वयंसेवी पूर्व सैनिकों ने स्वत: ही किए। कार्यक्रम तो सफल रहा लेकिन पूर्व वर्ष की भांति एक बार फिर प्रॉपटी के धंधे में लिप्त और कथित अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के संचालक कर्नल गोपाल सिंह द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर समाचार प्रकाशित करा यह भ्रम व झूठ फैलाने की कोशिश की गई की पूरा का पूरा कार्यक्रम ही उसकी इस प्राइवेट संस्था ने करवाया था और कार्यक्रम में सभी उपस्थित पूर्व सैनिक, वीर नारियां उसकी संस्था के सदस्य हैं। उसकी करतूत से पूर्व सैनिकों व वीर नारियों की भावनाएं आहत हुईं। उनमे इस बात का रोष देखा गया कि उनकी उपस्थिति का दुरुपयोग एक प्रॉपर्टी डीलर व प्राइवेट संस्था द्वारा ख़ुद की पब्लिसिटी व आम जनता को गुमराह करने के लिए किया गया। इस पर भी गहरी नाराजगी दिखी कि इस गरिमापूर्ण सरकारी कार्यक्रम जिसमें सरकारी धन, संपत्ति और अमला लगा था उसे किसी प्राइवेट संस्था के प्रमोशन व प्रचार प्रसार का इवेंट बना कर रख दिया गया। जानकार बताते है की यह कोई पहली बार ऐसा नहीं हुआ, पहले भी एक बार ऐसा हुआ था तब पूर्व सैनिकों को बताया गया की यह भूल से हुआ है। दोबारा वही किया जाने से साफ है कि यह कोई भूल नहीं बल्कि सोची समझी साजिश के तहत जानबूझ कर की गई हरकत है। कार्यक्रम सरकारी और फायदा उठाए फर्जीवाड़ा करने वाले कर्नल की संस्था।
रोष से भरे पूर्व सैनिक और वीर नारियों ने उम्मीद जताई है कि डिप्टी कमिश्नर विक्रम सिंह आईएएस मामले की जांच बैठाकर दोषियों को सज़ा दिलाएं साथ ही अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद को बैन व ब्लैकलिस्ट कर सोसाइटी एक्ट में रजिस्ट्रेशन कैंसिल कराएं। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (डीआईपीआरओ)को तलब कर पूछा जाए कि सरकारी कार्यक्रम की विज्ञप्ति उनके कार्यालय से क्यों नहीं जारी की गई, संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। दो समाचार पत्रों में कर्नल की फर्जी संस्था द्वारा कार्यक्रम का आयोजन कराए जाने के समाचार का खंडन भी प्रकाशित कराने की मांग की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कर्नल गोपाल सिंह फौज मेें भर्ती करने के नाम पर ठगी करने के लिए बोल्स्टर अकाडमी नाम की संस्था चलाता था। जिसमे गांव के बच्चों व उम्मीदवारों को फौज में भर्ती करवाने का झूठा आश्वासन दिया जाता था। धोखे बाजी व फर्जी कामों के आरोपों के चलते जिस जमीन पर बोल्स्टर अकादमी का संचालन होता था उसके मालिक ने कर्नल सिंह और अकादमी के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर कर दिया जिसके कारण अकादमी बंद हो गई।
समाज में चाल्र्स शोभराज के नाम से कुख्यात कर्नल गोपाल ङ्क्षसह ने अपनी साख बचाने के मकसद से तरह तरह के स्वांग रचे। तिकड़में लगाकर गैर क़ानूनी प्रकार की अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद बनाई, डिफेंसे सर्विसेज ऑफिसर्स इंस्टिट्यूट सेक्टर 16 फरीदाबाद का सचिव बना, एनआईटी स्थित ब्रह्माकुमारी संस्था का सदस्य बनकर उनसे नज़दीकियां बढ़ाईं, कुछ ख़ास इंडस्ट्रियलिस्ट्स से प्यार की पींगें बढ़ा कर समाज में अपनी झूठी शान बनाई। पूर्व सैनिकों के बीच स्वयं को आरएसएस का संरक्षक बताता, फरीदाबाद में सर्विस के दौरान किए झूठे किस्से सुना कर भोली भाली जनता को मुग्ध करना, जिनका कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है,आदि काम किए। इसी कर्नल गोपाल सिंह ने अब फरीदाबाद में बोल्स्टर प्रॉपर्टी के नाम से नया धंधा फैलाना शुरू कर दिया है जिसके जरिए रिटायर होने वाले पूर्व सैनिक जो अपना आशियाना बनाने के मकसद से दिल्ली राजधानी के आस पास बसना चाहते हैं और सेवानिवृति के बाद मिले मोटे पैसे को प्रॉपर्टी में निवेश करना चाहते है, को लुभावने सपने दिखा कर उनका माल हड़पने का खेल कर सके।
पूर्व सैनिकों और आम जनता को वरगलाने के लिए कर्नल गोपाल सिंह ने 16 दिसंबर को विजय दिवस के आयोजन की फोटो व समाचार जिसमे सिर्फ़ इसकी संस्था का उल्लेख है, का बड़ा सा प्रिंट आउट अपने प्रॉपर्टी बिजऩेस के दफ़्तर के बाहर लगा दिया है। इस फोटो से गुमराह होकर उसके दफ्तर मेें जाने वाले भोले भाले पूर्व सैनिकों और ग्राहकों को अपनी स्तरहीन कविताओं और लच्छेदार बातों में उलझा कर अपना शिकार बनाएगा।