फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) मनरेगा की बहाली की मांग को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा था। घेराव में जिलाध्यक्ष सहित कई कांग्रेस नेताओं को समर्थकों के साथ चंडीगढ़ जाना था लेकिन सरकार ने उन्हें घरों में ही नजरबंद कर दिया। हालांकि, कांग्रेस जिलाध्यक्षों को नजरबंद किए जाने को लेकर पार्टी के विधायकों ने विधानसभा में विरोध जताया लेकिन उन्हें सरकार का शुक्रगुजार होना चाहिए कि उसने ऐसा करके कांग्रेसियों की इज्जत बचा ली। शहर में जिलाध्यक्ष बलजीत कौशिक और सुमित गौड़ आदि कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें मंगलवार रात से बुधवार सुबह 11 बजे तक हाउस अरेस्ट रखा, इस कारण वे चंडीगढ़ नहीं जा सके। अच्छा ही हुआ वरना बिना जनाधार वाले जिलाध्यक्ष बलजीत कौशिक और सुमित गौड़ को यहां से चंडीगढ़ ले जाने के लिए एक बस भरकर कार्यकर्ता तलाशना मुश्किल हो जाता।
इन कांग्रेसियों को भी अपनी दयनीय स्थिति का पूरा आभास था, यही कारण है कि हाउस अरेस्ट का बहाना बना कर घरों में दुबके रहे। जिन्हें प्रदर्शन करना होता है वो हाउस अरेस्ट नहीं हुआ करते, न ही इस बहाने से रुका करते हैं। दरअसल, सरकार ने उन्हें हाउस अरेस्ट कराकर उससे ज्यादा सुर्खियां दिला दीं जितनी उनके चंडीगढ़ जाने से भी न मिलतीं। दूसरी ओर पुलिस प्रवक्ता यशपाल का कहना है कि किसी को भी हाउस अरेस्ट नहीं किया गया। पुलिस वैसे ही बातचीत के लिए चली गई होगी, किसी को नोटिस नहीं दिया गया था। यानी पुलिस ने तो किसी को हाउस अरेस्ट नहीं किया। चलो मान लिया जाए कि पुलिस झूठ बोल रही है तो कांग्रेसियों को यह तो बताना चाहिए कि उन्होंने बाहर निकलने का कितना प्रयास किया।
पुलिस ने तो चंद कांग्रेस पदाधिकारियों को ही हाउस अरेस्ट किया होगा। क्या शहर में दो चार ही कांग्रेसी हैं जिन्हें चंडीगढ़ जाना था। पार्टी की इतनी लंबी कार्यकारिणी है, कितने सेल हैं, प्रवक्ता हैं, लोकसभा, विधानसभाओं के दावेदार हैं उनके सैकड़ों समर्थक हैं, वे सब कहां थे। इतनी तो पुलिस भी नहीं है जितने कांग्रेसी होने का दावा करते हैं। सारे कांग्रेसियों को तो पुलिस ने हाउस अरेस्ट नहीं किया था, बचे हुए बड़े बड़े कांग्रेसी क्या कर रहे थे, वो क्यों नहीं गए। हाई कमान के लिए समझने वाली बात यह है कि इस तरह के लचर पचर संगठन के सहारे पार्टी नहीं चला करती, इनके सहारे चलेंगे तो ऐसे ही धरने प्रदर्शन होंगे। ये सब दूध पीने वाले मजनूं हैं।