डॉ. रामवीर सच औ झूठ में छिड़ी हुई है बहुत दिनों से लड़ाई सच बेचारा एकाकी है झूठ के हैं कई भाई।
एक ओर टीवी पे अकेला आता दिखे रवीश और झूठ के साथ मिलेंगे सुधीर सुशान्त अमीश।
झूठ के भाई हैं पैसे वाले इनके बड़े रसूख इनके साथ ही वे हैं जिनको है सत्ता की भूख।
मेरी मित्र मण्डली में भी कई मित्र भटक गए गोदी मीडिया देख देख कर झूठ में अटक गए।
उन्हें हकीकत बतलाई तो कुछ हो गए नाराज बात सुनी समझी पर फिर भी किया न सच का लिहाज।
सालों से लिख रहा हूं किन्तु बदला नहीं रिवाज नए नए सत्ता में आए दर्पोद्धत हैं आज।