पुलिस ने ऑनलाइन एफआईआर सर्च की वेबसाइट ही बंद कर दी

पुलिस ने ऑनलाइन एफआईआर सर्च की वेबसाइट ही बंद कर दी
July 18 17:01 2025

सीएम नायब सैनी ने अपराध खत्म करने के लिए हाई ऑक्टेन अभियान चलाने को कहा

मज़दूर मोर्चा ब्यूरो
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था के संबंध में बीते दिनों उच्च स्तरीय बैठक की। मीडिया के अनुसार बैठक में सीएम ने सख्त दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा कि हरियाणा की धरती पर अब अपराधियों की कोई जगह नहीं रहेगी। स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिस की उपस्थिति इतनी प्रभावी होनी चाहिए कि आम जनता खुद को सुरक्षित महसूस करे और अपराधी डर के मारे भूमिगत हो जाएं। सीएम सैनी के इतने सख्त दिशा निर्देशों का पुलिस महकमे को तो मुस्तैदी से पालन करना था तो सबसे पहले अपराधियों को भूमिगत करने का अभियान चलाया गया। नहीं-नहीं, आप समझे नहीं, पुलिस ने अपराधियों को नहीं बल्कि अपराध को भूमिगत कर दिया, सवाल है कैसे? दरअसल, देश-प्रदेश के सभी थाने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) से जुड़े हैं। किसी भी जिले के किसी भी थाने में जो भी एफआईआर, गुमशुदगी आदि दर्ज की जाती हैं उन्हें संबंधित राज्य की पोर्टल द्वारा सीसीटीएनएस पर अपलोड कर दिया जाता है। हरियाणा सरकार का हरसमय नामक पोर्टल पर प्रदेश के सभी जिलों में दर्ज होने वाली एफआईआर अपलोड की जाती हैं, जिसे कोई भी व्यक्ति देख सकता है।

तो हुआ ये कि सैनी साहब के अपराधियों को भूमिगत करने का फरमान आते ही हरसमय पोर्टल के एफआईआर सर्च टैब को ही निष्क्रिय कर दिया गया। अब यदि किसी थाने में दर्ज एफआईआर की जानकारी लेने के लिए इस टैब को क्लिक किया जाता है तो इंटरनेट एरर 404 यानी पेज उपलब्ध नहीं बताता है। हालांकि, पहले भी पुलिस अपने स्तर से अपराध छिपाने का भरसक प्रयास करती थी। यानी यदि किसी नेता, अधिकारी या राजनीतिक व्यक्ति के खिलाफ हीनियस क्राइम, भ्रष्टाचार आदि की धाराओं में केस दर्ज किया गया होता तो पुलिसवाले उसे अपलोड नहीं करते थे। इसी तरह हत्या, लूट-डकैती आदि की एफआईआर भी अपलोड नहीं की जाती थी। अब पुलिस पर सीएम सैनी की सरकार को अपराध मुक्त दिखाने का दबाव है तो पूरा पेज ही बंद कर दिया गया, न खुलेगा पेज न दिखेंगे अपराध के आंकड़े।

पुलिस ने सिर्फ अपराध को ही भूमिगत नहीं किया, सीएम साहब के इस फरमान कि हाई ऑक्टेन अभियान चलाकर अपराधियों और असामाजिक तत्वों की नकेल कसी जाए को भी अपने ढंग से लिया और दो पहिया, चार पहिया वाहन चालकों के खिलाफ हाई ऑक्टेन अभियान चला डाला। पुलिस विभाग के एक राजपत्रित अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यातायात पुलिस का काम ट्रैफिक दुरुस्त करने से ज्यादा चालान काटना हो गया है। इंटरसेप्टर पर तैनात स्टाफ को प्रतिदिन औसतन दो- सौ चालान काटने का टारगेट दिया जाता है। इसी तरह चौक-चौराहों पर तैनात याातायात स्टाफ को सौ-सौ चालान काटने का टारगेट दिया जाता है। अपराध समीक्षा बैठक में अफसर यातायात व्यवस्था पर बात ही नहीं करते, चालान कितने लाख के काटे ये पूछा जाता है, कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी यातयात व्यवस्था बेहतर करने में बहुत अच्छा कर रहा है तो उसे शाबाशी नहीं मिलेगी बल्कि चालान न काटने पर अफसरों की गालियां खानी पड़ती हैं। ऐसे में अपराधियों को छोड़ पुलिस साधारण वाहन चालकों को ही अपराधी बनाने में जुटी है।

काम नहीं काम का दिखावा करते रहने की तर्ज पर सीएम सैनी ने पुलिस को यह भी निर्देश दिए कि फिरौती या धमकी देने वाले कॉल की शिकायत करने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए, इसे 112 हेल्प लाइन से जोड़ा जाएगा ताकि पीडि़त को जल्दी मदद मिल सके। सीएम साहब नौ की लकड़ी नब्बे खर्च वाली कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। नया हेल्पलाइन नंबर जारी करने से बेहतर होगा कि 112 हेल्पलाइन की कमियों को दूर किया जाए। इस पर कॉल करनेे के बावजूद कभी कभी घंटों तक पुलिस या एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच पाती। अपराधी लूट मार, या वारदात को अंजाम देकर जब तक सुरक्षित दूरी तक नहीं निकल जाते तब तक 112 की पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती, इसके बाद होता वही है जो इसके बिना भी किया जाता यानी पीडि़त थाने जाकर शिकायत दे और फिर पुलिस जांच करे। विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी करने के बाद भी यही सब होने वाला है।

भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकारों के तीनों कार्यकाल में जिस तेजी से भ्रष्टाचार बढ़ा है उसी गति से हत्या, रंगदारी, लूट-मार, गैंग वार भी बढ़ी हैं। जब नीयत साफ हो तो भाषणबाजी नहीं की जाती बल्कि काम किया जाता है। संभवत: आजादी के 75 वर्षों में यह पहली बार हुआ है कि जब भाजपा सरकारों और नेताओं पर गैंगस्टरों को संरक्षण देने का आरोप लगा हो। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर सरकार के संरक्षण में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आपराधिक घटनाएं अंजाम देने के आरोप लगते रहे हैं। खैर, नायब सैनी की पुलिस उनकी मंशा के अनुरूप जनता को सुरक्षा के सुनहरे सपने दिखाने के लिए जनविरोधी पाखंड कर रही है।

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Mazdoor Morcha
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