पलवल (मज़दूर मोर्चा) पृथला विधानसभा क्षेत्र से हाल ही में निर्वाचित कांग्रेसी विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया ने विधानसभा के पहले ही सत्र में अपने क्षेत्र के गांव फिरोजपुर-अगवानपुर की समस्याओं को जोरदार ढंग से उठाकर ग्रामवासियों का मन जीत लिया।
पलवल शहर से सटे गांव फिरोजपुर-अगवानपुर को सन 2009 में नगर परिषद में शामिल कर लिया गया था। कहने को तो अब ये गांव शहर के हिस्से बन गए थे। परन्तु इसके साथ ही गांव की दुर्दशा की भी शुरूआत हो गई। इससे पहले ग्राम पंचायत गांव की देखभाल, साफ-सफाई व नागरिक सुविधाओं का ध्यान रखती थी। गांव की करीब 110 एकड़ ज़मीन को ठेके पर देकर पंचायत को जो आमदनी होती थी उससे लगभग सारे खर्चे निकल जाया करते थे।
नगर परिषद का हिस्सा बनने के बाद ग्राम पंचायत भंग हो गई, पंचायती ज़मीन की मालिक अब नगर परिषद हो गई। करोड़ों की ज़मीन तो नगर परिषद ने हथिया ली लेकिन गांव की देखभाल एवं नागरिक सुविधाओं की ओर जरा भी ध्यान नहीं दिया। साफ-सफाई तो क्या करानी थी, पूरे शहर का कूड़ा-कचरा ट्रकों में भर कर गांव के उस 25 एकड़ के भूखंड पर डालना शुरू कर दिया जो कि राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ लगता है। विरोध में उतरे ग्रामीणों को पुलिस बल के द्वारा दबा दिया गया। इसके परिणामस्वरूप यह गांव पलवल शहर का कूड़ा-दान बन कर रह गया।
अपने इस दर्द को लेकर ग्रामीण जब अपने विधायक नयनपाल रावत के सामने रोए-पीटे तो उसने हाथ खड़े करते हुए साफ-साफ कह दिया था कि यह सरकारी एवं प्रशासनिक मामला है, इसमें मैं कुछ भी नहीं कर सकता। गौरतलब है कि 2019 में विधानसभा का चुनाव लड़ते वक्त नयनपाल रावत ने वोट लेने के लिए अपने आप को इस गांव का भांजा तथा ग्रामीणों का सजातीय बताया था। बहकावे में आए ग्रामीणों ने अपने सजातीय एवं भांजे को भर-भर कर वोट दिए और विधायक बना दिया। जाहिर है कि विधायक बनने के बाद नयनपाल के व्यवहार से ग्रामीण काफी दुखी हुए और इसके फलस्वरूप नयनपाल को हार को मुंह देखना पड़ा। इसके विपरीत नव-निर्वाचित विधायक ने बीते सप्ताह तीन दिन चले विधानसभा के पहले ही सत्र में ग्रामीणों की इस समस्या को पुरजोर तरीके से न केवल उठाया बल्कि सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए आन्दोलन की धमकी भी दे डाली। इसे लेकर ग्रामीण काफी संतुष्ट एवं उत्साहित हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार विधायक तेवतिया ने उक्त 25 एकड़ के भूखंड पर उस मेडिकल कॉलेज को बनाने की मांग की है जिसे पलवल-मोहना सड़क पर स्थित किसी कारना गांव में बनाने की बात चल रही है। कारना गांव तक पहुंचने का कोइ उचित एवं सुविधाजनक मार्ग भी नहीं है जाहिर है ऐसे में वहां बनने वाला मेडिकल कॉलेज न तो पलवल वासियों के और न ही अन्य आसपास के लोगों के बहुत काम आ सकेगा। इसके विपरीत राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़े 25 एकड़ का यह भूखंड पर बनने वाला मेडिकल कॉलेज जनता के लिए अत्यधिक सुखदायी एवं सुविधाजनक हो सकता है। इसी जगह पर ट्रामा सेंटर भी बनाया जा सकता है जिसके हाईवे पर बनाए जाने की मांग काफी अर्से से की जा रही है।