फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) दिनांक 15 जनवरी को प्रात: लगभग सात बजे केन्द्र सरकार की पालतू एजेंसी ईडी (एनफोर्समेन्ट डायरेक्टोरेट) ने हरियाणा सरकार में तीन बार कैबिनेट मंत्री रह चुके तथा पांच बार के विधायक, महेन्द्र प्रताप सिंह के सैनिक कॉलोनी स्थित आवास पर छापा मारा। ईडी अधिकारी तीन इनोवा कारों में आए थे। उनके साथ स्थानीय पुलिस के अलावा सीआरपी के जवान भी आए थे। रात के साढ़े दस बजे तक ये अधिकारी उनके आवास की तलाशी लेते रहे लेकिन 13-14 घंटों की इस कवायद में उनके हाथ कुछ भी नहीं लग पाया क्योंकि वहां हाथ लगने लायक कुछ था ही नहीं। समझा जाता है कि स्थानीय सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर के दबाव देने पर मोदी सरकार ने, कांग्रेस के इस कद्दावर नेता को परेशान करने के लिए यह सारा नाटक खेला।
विदित है कि 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में महेन्द्र प्रताप ने कृष्णपाल को कड़ी टक्कर दी थी। यदि कें चुआ (केन्द्रीय चुनाव आयोग) की मेहरबानी से वोट चोरी न कराए गए होते तो कृष्णपाल की हार निश्चित थी। इतना ही नहीं लोकसभा के बाद हरियाणा विधान सभा के चुनाव में उनके पुत्र विजय प्रताप ने कृष्णपाल के प्यादे धनेश अदलखा को तो जमीन लगभग सुंघा ही दी थी कि फिर से केंचुआ ने अपनी बेहतरीन कलाकारी दिखा कर विजय प्रताप को हरा दिया था। अपने राजनीति प्रतिद्वंद्वियों को बदनाम करने तथा अर्थिक हानी पहुंचाने का कोई भी अवसर सत्तारूढ़ भाजपा हाथ से जाने नहीं देना नहीं चाहती।
बहाने के तौर पर ईडी को मेट्रो मॉल का मामला पकड़ाया गया। एनआईटी के एनएच दो के दशहरा मैदान के निकट मेट्रो सिनेमा वाले भूखंड पर यह मॉल बना है। इसमें महेन्द्र प्रताप के पुत्र विवेक प्रताप तथा पीयूष नामक एक बिल्डर ने मिल कर साझे में इसका निर्माण किया था। बीते कुछ वर्ष पूर्व पीयूष ग्रुप वाले कुछ मुकदमों में फस गए थे और बाद में उनकी मृत्यु भी हो गई थी। बिगड़े हालात में सारा ताम-झाम विवेक प्रताप के जिम्मे आन पड़ा। इसके लेन-देन के इतने लफड़े थे कि विवेक उन्हें सुलझा न सका। जो भी हो, जैसे भी हो विवेक उनसे जैसे-तैसे निपट ही रहा था कि ईडी वालों को इसमें घुसने का अच्छा मौका नजर आ गया जबकि वास्तव में ईडी का यहां कोई लेना-देना बनता भी नहीं है। इसे तो कृष्णपाल द्वारा पढ़ाई गई पट्टी के अनुसार ईडी के लायक बनाने का प्रयास किया गया। कृष्णपाल की एक और परेशानी यह भी है कि दशहरा ग्राऊंड बस अड्डे वाला मॉल तथा ऐसे ही कुछ और मॉल जिनमें कृष्णपाल की हिस्सेदारी है, बुरी तरह से फ्लॉप हो रहे हैं। ऐसे में विवेक प्रताप के इस मेट्रो मॉल को फ्लॉप करना भी उनका एक उद्देश्य है। जाहिर है इसके फ्लॉप होने से उनके मॉलों में कुछ तो ग्राहकी बढ़ेगीही।
मौके पर पहुंचे कांग्रेसी नेता व जनता छापेमारी की खबर सुनते ही महेन्द्र प्रताप के समर्थक कांग्रेसी नेता व अन्य लोग उनके आवास पर जमा होने लगे जिन्हें सम्भालने में पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। यहां पहुंचने वाले नेताओं में प्रमुख करण दलाल, पृथला विधायक रघुबीरा तथा पूर्व सांसद अवतार भड़ाना थे। करण दलाल पलवल से कई बार के विधायक तथा हरियाणा सरकार में तीन बार कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने घर के बाहर खड़े होकर पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईडी वाले उन भाजपाई एवं संघी लूटेरों पर रेड नहीं करती जो सरकारी खजाने व जनता को लूट-लूट कर खा रहे हैं। उन्होंने किसी एक नेता विशेष का नाम तो नहीं लिया लेकिन स्पष्ट कहा कि छोटे से लेकर बड़े तक तमाम भाजपाई नेता सत्ता का दुरुपयोग कर लूटने खाने में जुटे हुए है और छापे मारी के लिए उन्हें कांग्रेसी नेताओं के ही घर मिलते हैं। वे इस तरह की छापेमारियों से डरने-घबराने वाले कतई नहीं हैं। वे डट कर इस तरह के सरकारी हथकंडों का मुकाबला करेंगे।