फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) विकास के नाम पर एक दशक से झूठ बोल रही भाजपा सरकार और उसके अधिकारी जनता को सुनहरे सपने दिखाकर अपना उल्लू सीधा करने में लगे हैं। सेक्टर 78 में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर का ढोल बीते छह साल से हर साल छह महीने में बजाया जाता है वह मीडिया के जरिए आज भी बजाया गया। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि 2027 तक यह सेंटर बन कर तैयार हो जाएगा। यह भी बता रहे हैं कि इसके बनने से सेक्टर 78 और उसके आसपास के इलाके का बहुत तेजी से विकास होगा, क्योंकि यहां राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन, कार्यक्रम आयोजित होंगे। कन्वेंशन सेंटर जहां बनाया जा रहा है वह इलाका दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे लिंक रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग-19, ईस्टर्न- वेस्टर्न सड़क परियोजना, मंझावली रोड, नोएडा एयरपोर्ट का ग्रीन एक्सप्रेस-वे से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।
बीते पांच साल में कन्वेंशन हॉल तो बन नहीं सका और भविष्य में भी बनने की संभावनाएं नजर नहीं आ रहीं लेकिन नेता-अधिकारी साल छह महीने में इसका राग इसलिए अलापते हैं कि सरकार को मोटा चंदा देने वाले धनपशु, रियल एस्टेट कारोबारियों के मंदे चल रहे धंधे को रफ़्तार मिल सके। किसी बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा का अर्थ होता है उस इलाके में आधारभूत संरचना का विकास और आधुनिक सेवाओं की उपलब्धता। ऐसे में उस इलाके की जमीन के दाम भी बढ़ते हैं। मंत्री या केंद्रीय मंत्री खुद या अधिकारियों के जरिए हर साल-छह महीने पर इस तरह के प्रोजेक्ट की घोषणा करते हैं जिससे उस इलाके की प्रॉपर्टी के दाम बढ़ जाते हैं। जिस तरह मंझावली पुल आज तक नहीं बना, गुडग़ांव मेट्रो-पलवल मैट्रो की न कहीं ईंट लगी न ही नक्शा बना लेकिन इनके प्रस्तावित रूट के आसपास की जमीन के दाम घोषणा के बाद बढ़ गए उसी तरह अब सेक्टर 78 और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के इलाके में रियल एस्टेट कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए छह साल से कन्वेंशन सेंटर की घोषणा की जा रही हैं। हूडा के पूर्व एसई राजीव शर्मा ने नेताओं की इन्ही घोषणाओं की बदौलत मोटा मुनाफा कमाने की लालच में सेक्टर 78 और आसपास के इलाके में बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग कर अकूत संपत्ति बनाई थी।
राजीव शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग कर नहरपार इलाके के प्रॉपर्टी डीलरों से मिलीभगत करके बेनामी अचल संपत्ति बनाई और फिर कभी कन्वेंशन सेंटर, तो कभी बड़ा बिजलीघर तो कभी किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रोजेक्ट शुरू होने की घोषणाएं करके प्लाटों के रेट बढ़ाकर मुनाफा कमाया। सिर्फ राजीव ही अकेले अधिकारी नहीं हैं बहुत से अन्य अधिकारी और सत्ता से जुड़े नेता व प्रॉपर्टी डीलर भी इस धंधे में शामिल हैं। नहरपार के इलाके में यह बात प्रसिद्ध है कि जहां कोई सरकारी प्रोजेक्ट या बड़ी योजना आने वाली होती हैं वहां रियल एस्टेट कारोबारी केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर मिट्टी के भाव जमीन खरीदते हैं जिनकी प्लॉटिंग करके सोने के भाव बेचते हैं, यही कन्वेंशन सेंटर का सच है। ये तमाम राजनेता मैट्रो, रैपिड रेल, मेडिकल कॉलेज, कन्वेंशन सेंटर जैसी बड़ी योजनाओं के जुमले इसलिए उछालते हैं कि वह इनके आसपास पहले से खरीद कर रखी गई प्रॉपर्टी कई गुना ज्यादा कीमत पर बेच सकें। नेताओं के जुमलों पर विश्वास कर भोली-भाली, अनजान जनता झांसे में आ जाती है और जीवन भर की कमाई इस आशा में लगा देती है कि भविष्य में यहां सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, साल दर साल गुजरते जाते हैं लेकिन न तो नेता की घोषणा पूरी होती है और न ही विकास पहुंचता है।