फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) वोट चोरी के बल-बूते सत्ता पर काबिज भाजपा के तमाम नेताओं की तरह केन्द्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर गाहे-बगाहे जनता के बीच प्रोपगेंडा करने को उतरे रहते हैं। ऐसा ही एक ढोल इन्होंने बीते रविवार को पाली गांव में पीटा था। जो छोटे-मोटे काम नगर निगम द्वारा किए जाने होते हैं, उनका श्रेय लेने को ये मंत्री महोदय मौके पर पहुंच जाते हैं। इस बार पाली गांव व इसके आस-पास की छोटी-मोटी सड़क के निर्माण, सड़क की मरम्मत, सीवर लाइन तथा पेयजल आपूर्ति के छुट-मुट काम का नारियल फोडऩे के अवसर पर एनआईटी के विधायक सतीश फागना को लेकर पहुंच गए। वैसे ये दोनों न भी पहुंचते तो भी उक्त कामों के होने में कोई दिक्कत न आती, परन्तु इन दोनों नेताओं ने मौके पर पहुंच कर जनता को यह जताने का प्रयास किया कि यह सब काम उनकी वजह से हो पा रहा है।
इस बार मंत्री कृष्णपाल ने यह सावधानी बरती कि इन कामों की असल लागत न बता कर, इन्हें करोड़ों का काम बताया। दरअसल ये काम इतने छोटे-मोटे होते हैं कि इनका उद्घाटन आदि केन्द्रीय मंत्री को शोभा नहीं देते। लेकिन इस बार इन्होंने बल्लबगढ़-पलवल मेट्रो, $फरीदाबाद-गुडग़ांव मेट्रो तथा जेवर एयरपोर्ट को जोडऩे वाली रेल प्रोजेक्ट जैसे किसी बड़े प्रोजेक्ट का उल्लेख नहीं किया। आखिर कब तक और कितनी बार झूठे प्रोजेक्टों का जिक्र करते रहें? मंझावली यमुना पुल, जो इनका ड्रीम प्रोजेक्ट था, 12 साल में भी चालू नहीं हो पाया। इसके बावजूद जनता के बीच बने रहने के लिए गाहे-बगाहे शिलान्यास-उद्घाटनों की नौटंकी इन्हें करते रहना होता है।
ऐसे यदि नीयत साफ हो तो केन्द्रीय मंत्री के लिए करने को यहां बहुत कुछ है। पलवल-दिल्ली के बीच चलने वाली शटल ट्रेनों की संख्या पर्याप्त मात्रा में बढ़ा कर जनता को बड़ी राहत दी जा सकती है। इन ट्रेनों को आवश्यकता के अनुरूप चलाये जाने से यात्री मेट्रो के महंगे किराए से बच कर आवागमन कर सकते हैं। जिस ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल से लाखों मज़दूर परिवार जुड़े हैं, उसकी दिन-ब-दिन बढ़ती दुर्दशा की ओर ध्यान देकर, मंत्री जी अपने क्षेत्र की जनता का काफी कल्याण कर सकते हैं। लेकिन इन्हें तो केवल इस संस्थान पर फटीक डालने के अलावा और कोई काम नहीं।