पहलगाम काण्ड में शहीद हुआ घोड़े वाला आदिल हुसैन परमवीर चक्र का हकदार

पहलगाम काण्ड में शहीद हुआ घोड़े वाला आदिल हुसैन परमवीर चक्र का हकदार
April 30 16:10 2025

मज़दूर मोर्चा ब्यूरो
मोदी सरकार की भयंकर लापरवाही के चलते 22 तारीख को पहलगांम हत्याकाण्ड में अदम्य साहस एवं वीरता का प्रदर्शन करते हुए वीर गति को प्राप्त हुए 30 वर्षीय कश्मीरी सैयद आदिल हुसैन शाह परम वीर चक्र के असली हकदार हैं। बेशक सरकारी तौर पर यह सम्मान सेनाकर्मियों के लिए ही रखा गया है लेकिन आदिल हुसैन ने जिस वीरता का परिचय देते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया है वह किसी सैनिक से बढ़कर ही है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार आदिल हुसैन अपने टट्टू पर बैठा कर सैलानियों को घुमाया करता था। आतंकी हमले के वक्त भी वह एक सैलानी को अपने टट्टू पर सवारी करा रहा था। आतंकी जब उसे मारने आए तो वह छाती तान कर आतंकी के सामने खड़ा हो गया। उसने आतंकी से कहा कि हन्हें मत मारो ये हमारे मेहमान हैं और मेहमान हमें जान से भी ज्यादा प्यारे होते हैंं। लेकिन आतंकी तो अपने आकाओं के निर्देश पर अधिक से अधिक लोगों को मार कर मोदी को आईना दिखाना चाहते थे, जो उन्होंने दिखाते हुए तीन गोलियां तो आदिल हुसैन में ठोंकी फिर उसके मेहमान में। न तो नोटबंदी और न ही धारा 370 हटाए जाने से आतंकवाद समाप्त हो सका। इस हत्याकाण्ड से मृतकों के सम्बन्धियों के बाद यदि किसी का नुक्सान हुआ है तो वे बेचारे कश्मीरी हैं। जिन सैलानियों की बदौलत इनकी रोजी-रोटी चलती थी, वह बंद होने के कगार पर ला दी गई है।

बीते काफी अर्से से मोदी सरकार चिल्ला-चिल्ला कर अपने सुरक्षा कवच का हवाला देकर सैलानियों को बुला रही थी, उसकी पोल चौड़े में खुल गई क्योंकि वहां एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं था। वारदात के बाद घटना स्थल पर सुरक्षाकर्मियों को पहुंचने में एक घंटे से भी अधिक समय लग गया। इस दुर्दांत काण्ड में किसी को लाभ की सम्भावना नजर आती है तो वे हैं साम्प्रदायिक शक्तियां, जिनका उद्देश्य हिन्दू-मुस्लिम दंगे भड़काना रहता है।

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