फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) लूट कमाई के मौके तलाशने वाले नगर निगम के हरामखोर अधिकारियों ने शहर में चल रहे ओयो रूम्स से वसूली का का सिस्टम बनाया है। लाखों रुपये लेकर अवैध निर्माण करवाने वाले जेई परवेज आलम ने बल्लबगढ़ जोन से 75 ओयो होटलों को नोटिस भेज कर नगर निगम की सारी औपचारिकताएं पूरी करने का फरमान जारी किया है। यदि एक सप्ताह के भीतर संचालक जवाब नहीं देगा तो उसका ओयो होटल सील कर दिया जाएगा। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त करण सिंह के अनुसार शहर में चल रहे 95 प्रतिशत ओयो रूम्स नगर निगम की औपचारिकताएं पूरी नहीं कर रहे हैं। रिहायशी क्षेत्र में चलाए जा रहे ओयो होटलों से आम जन को काफी परेशानी होती है। इसलिए इन्हें नोटिस भेज कर औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया है। निगम के जानकारों के अनुसार नगर निगम की औपचारिकताएं और मानक यदि पालन किए जाएं तो ईमानदारी से होटल चलाना मुश्किल होगा। सिर्फ नगर निगम ही नहीं पर्यटन विभाग, मनोरंजन विभाग को भी समझना पड़ता है उस पर से ओयो ब्रांड इस्तेमाल करने का तीस से पचास प्रतिशत कमीशन अलग।
सब जानते हैं कि गली कोनों में खोले गए ये ओयो होटल किस कारण चल रहे हैं, और इनकी मोटी कमाई कैसे हो रही है। लाखों रुपये लगाकर तमाम एनओसी और औपचारिकताएं पूरी कर खोले गए होटलों में उतने लोग ठहरने नहीं आते जितने कि इन ओयो रूम्स में। इन ओयो रूम्स की कमाई पर निगम के अधिकारियों की भी नजर पड़ गई है। वसूली का काम जेई परवेज आलम अच्छी तरह से जानता है, ये वही परवेज आलम है जिसने मुजेसर गांव में लाला जी से चार लाख लेकर पहले उसके अवैध दुकान, मकान का निर्माण कराया और फिर उसमें शराब का ठेका भी खुलवा दिया। ज्वाइंट कमिश्नर करण सिंह भी जानते हैं कि यदि ओयो संचालक सारे मानक और औपचारिकताएं पूरी करेंगे तो उनका गुजारा भी मुश्किल हो जाएगा। एक सप्ताह का कम समय भी इसीलिए दिया है कि इतने कम समय में सारे दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकतीं। ऐसे में संचालक धंधा बचाने के लिए बीच का रास्ता निकालने को मजबूर होंगे, इसके लिए भ्रष्ट हरामखोर जेई परवेज आलम पहले से ही तैयारी कर रहा है। यदि एक सप्ताह बीतने के बावजूद औपचारिकताएं पूरी नहीं करने वाले ओयो रूम्स सील नहीं किए गए तो स्पष्ट हो जाएगा कि सारा खेल लूट कमाई के लिए खेला गया था।