सेक्टर 15 आरडब्ल्यूए का चुनाव फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बीते रविवार दिनांक चार मई को सेक्टर 15 की आरडब्ल्यूए रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन का चुनाव विधिवत संपन्न हुआ। इस तरह के चुनाव यूं तो होते ही रहते हैं परंतु इस चुनाव का महत्व कुछ ज्यादा ही इसलिए बन गया क्योंकि स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने भी इस चुनाव में प्रधान पद के लिए अपना एक प्यादा खड़ा कर दिया था जिसे बुरी तरह हार का मुंह देखना पड़ा।
नीरज चावला बीते कई वर्षों से प्रधान पद पर आसीन है और उनके काम-काज एवं व्यवहार से सेक्टरवासी संतुष्ट समझे जाते हैं। वैसे तो नीरज चावला की विपुल गोयल से न तो कोई दुश्मनी रही है न ही कोई विशेष दोस्ती, लेकिन विपुल को यह संदेह रहा है कि बीते विधानसभा चुनाव में उनके मुखालिफ लखन सिंगला का समर्थन किया था। अब सत्ता के नशे में चूर विपुल ने चावला को इस पद से हटा कर तथा अपने प्यादे संजय बत्रा को पदासीन कराने का बीड़ा उठाया था। विपुल को शायद यह वहम रहा होगा कि उसके मंत्री पद को देखते हुए तमाम सेक्टर वासी उसके फरमान की पालना करते हुए उसके प्यादे को ही विजयी बनाएंगे।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार सेक्टर की कुल वोट 909 हैं इनमें से 267 वोट नीरज चावला को, 204 वोट संजय बत्रा को, 105 वोट शिवानी राजपाल और 98 वोट कावेरी शुक्ला को मिले। जनता द्वारा किए गए इस मतदान ने विपुल को यह संदेश दे दिया है कि वह मंत्री बेशक बन गया है लेकिन उनके जनतांत्रिक अधिकार अभी सुरक्षित हैं। उन्हें कोई विपुल सत्ता के बल पर हथिया नहीं सकता। समझा जाता है कि विपुल ने मतदान से पूर्व यह धमकी भी दी थी कि यदि बत्रा को न जिताया गया तो वह एमसीएफ द्वारा सेक्टर को मिलने वाला अनुदान भी बंद करा देगा। सेक्टर को मिलने वाला अनुदान कोई विपुल के घर से नही आता, यह सरकारी पैसा है जो करदाता से वसूला जाता है। सेक्टरों में पार्क इत्यादि की देखभाल का काम जो नगर निगम कर नहीं पाता उसे कराने के लिए वेलफेयर एसोसिशनों को देने का प्रावधान है। यदि विपुल इसे रोकने का प्रयास करेगा तो यह विपुल को और भी महंगा पडऩे वाला होगा। इस धमकी के बावजूद भी सेक्टरवासियों ने विपुल गोयल के पालतू पप्पू को हरा कर यह सिद्ध कर दिया कि 15 सेक्टर के वोटर बिकाऊ नहीं हैं।