‘नायब सरकार का बजट करेगा किसानों को मालामाल’ : प्रवीण लाठर

‘नायब सरकार का बजट करेगा किसानों को मालामाल’ : प्रवीण लाठर
March 14 16:17 2026

करनाल (मज़दूर मोर्चा) करनाल भाजपा के जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर का यह बयान झूठ बोलने व जुमलेबाजी करके जनता को बहकाने की भाजपाई परम्परा का ही एक भाग है। इनकी मान्यता है कि जनहित में कुछ भी करने की बजाय लुभावने एवं झूठे जुमले जनता के बीच परोस कर उन्हें भाजपाई सरकार से बांधे रखना होता है। तमाम सुधी पाठकों से अनुरोध है कि वे भाजपा जिलाध्यक्ष की इस लुभावनी जुमलेबाजी को न केवल ध्यान से पढें बल्कि बतौर दस्तावेज इसे सम्भालकर भी रखें और एक साल के बाद स्वयम निर्णय करेंगे कि ये भाजपाई कितने झूठे एवं मक्कार हैं।) भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर ने हरियाणा में मुख्य मंत्री नायब सैनी द्वारा बतौर वित्तमंत्री पेश किए गए बजट को किसानों को मालामाल करने वाला बजट बताते हुए कहा कि यह बजट पिछले बजट की तुलना में 10.28 प्रतिशत अधिक है एवं इस बजट में सभी के हितों विशेष कर किसानों एवं महिलाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।

जिलाध्यक्ष ने बजट की प्रशंसा करते हुए बताया कि इस बजट किसानों को ज्यादा बोनस भी मिलेगा। एकड़ लवणीय भूमि को खेती योग्य बनाया जाएगा। किसानों को अगले 5 वर्षों तक रुपये 10,000 प्रति एकड़ प्रति वर्षअनुदान मिलेगा । देसी कपास की खेती की प्रोत्साहन राशि रुपये 3,000 से बढ़ाकर रुपये 4,000 प्रति एकड़ कर दी गई है। वहीं धान छोड़कर दालें, तिलहन और कपास उगाने वाले किसानों को रुपये 2,000 प्रति एकड़ अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा। इसके अलावा पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी व नारनौल की जिला मंडियों में जैविक किसानों को उपज बेचने के लिए विशेष स्थान मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस बजट में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2,000 महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण देकर ग्रामीण हाट और सीधे बाजार से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में फलों पर मुआवजा बढ़ाकर रुपये 50,000 और सब्जियों-मसालों पर बढ़ाकर रुपये 40,000 प्रति एकड़ कर दिया गया है । किसानों को सीधा बाजार देने के लिए प्रदेशभर में “ग्रामीण हाट मंडियां” स्थापित होंगी। सरकार द्वारा गन्ने की बिजाई पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि एकल आंख विधि से गन्ने की बिजाई पर प्रोत्साहन राशि रुपये 3,000 से बढ़ाकर रुपये 5,000 प्रति एकड़ किया गया है । मधुमक्खी पालन को सुरक्षित बनाने के लिए इसे मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ की लागत से 100 पशुओं की क्षमता वाले आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित होंगे। दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के लिए रेवाड़ी और अंबाला में रुपये 300-रुपये 300 करोड़ की लागत से 5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दो नए मिल्क प्लांट बनेंगे। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिसार व फरीदाबाद में रुपये 100 करोड़ की लागत से मछली मंडियां और करनाल में रुपये 50 करोड़ की लागत से मछली प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी। खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 8 नई फूड टेस्टिंग लैब स्थापित होंगी। साथ ही करनाल में दूध व खाद्य परीक्षण लैब बनेगी।

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Mazdoor Morcha
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