फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) जुमलेबाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह काम नहीं काम का दिखावा कर जनता को वरगलाने की कला कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने बखूबी सीख ली है। इस बार यूपी के सीएम योगी से प्रेरित होकर उन्होंने भी लेबर चौक पर दिवाली के उपलक्ष्य में विश्व का सबसे बड़ा दीपक जलाया। जाहिर है कि विश्व के सबसे बड़े दीपक को जलाने के लिए दसियों लीटर तेल जलाया गया, अगर अंधभक्तों-भाजपाइयों की नजर से देखें तो, दीपक क्योंकि दिवाली पर जलाया गया था तो उसमें से निकलने वाले धुएं ने वायु प्रदूषित नहीं की होगी, जरूर ही वातारवरण शुद्ध हुआ होगा। गोयल विश्व के तथाकथित सबसे बड़े दीपक को जलाते हुए इतने खुश और गदगद थे मानो उन्होंने दीपक नही बल्कि प्रदूषण हरण हेतु विश्व के सबसे बड़े ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना कर डाली हो। इस दीपक से आम जनता का तो कोई फायदा होने वाला नहीं है, हां अधिकारियों, ठेकेदार, मंत्री-नेताओं की जेबों में कुछ न कुछ तो गया ही होगा।
फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र की तमाम सड़कें गड्ढों के कारण चलने लायक नहीं हैं, जल निकासी की कोई सुविधा नहीं है, जाम सीवर लाइनों के कारण ओवरफ्लो की समस्या बनी रहती है, पेयजल आपूर्ति की हालत भी जैसी तैसी है, अधिकतर इलाकों में जनता पीने का पानी खरीदने को मजबूर है, साहब को वोट देकर जिताने वाली जनता की ये समस्याएं नजर नहीं आतीं। उन्हें मंत्री बने एक साल हो गए लेकिन आज तक उन्होंने नगर निगम का दौरा कर यहां चल रही धांधलियों और भ्रष्टाचार पर काबू पाने का कोई प्रयास नहीं किया। उनकी नाक के नीचे ही खुलेआम लूट चल रही है। गोयल यदि इन सबको देखेंगे तो जनता के सामने सच्चाई आने से उनकी और सरकार की बदनामी होगी। इसीलिए शासन-प्रशासन के कुकर्मों पर पर्दा डाल कर वह बेकार के काम करके ढिंढोरेबाजी करने में लगे हैं।
दरअसल, मंत्री विपुल गोयल ने नया कुछ नहीं किया, बीते ग्यारह सालों से केंद्र में मोदी और राज्य में खट्टर-सैनी नीत भाजपा सरकारों ने ऐसा कुछ किया ही नहीं जिसे जनता के सामने भाजपा सरकारों के विकास के रूप में पेश किया जा सके। इसके विपरीत टैक्स के रूप में जनता से लूटे गए धन की बर्बादी इवेंटबाजी में की गई। विपुल गोयल भी वही कर रहे हैं, पहले उन्होंने दो घंटों में ढाई लाख पौधे लगाकर गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाया। रिकॉर्ड बनने के बाद वो पौधे पेड़ बने या नहीं कभी देखा ही नहीं गया, यहां तक कि खट्टर द्वारा सेक्टर 12 टाउन पार्क में लगाया गया रुद्राक्ष का पौधा भी सूख गया था। इतना ही नहीं देश का सबसे ऊंचा तिरंगा भी लगा दिया, सब जानते हैं कि इस तरह के तिरंगे बनाने का काम संघी-भाजपाई का है, उसकी दुकान चलाने के लिए जनता का पैसा लुटाया गया था। इसी तरह एक बड़ी घड़ी भी लाखों रुपये खरीद कर पार्क में लगवाई गई जिसकी सुइयां भी आज शायद गुम हो चुकी हैं। विश्व का सबसे बड़ा दीपक जलाने से बेहतर होगा कि गोयल अपनी जनता को विश्वस्तरीय जन सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश करें, इस तरह की शोहदेबाजी ज्यादा दिन चलती नहीं है।