‘मज़दूरों के लिये 200 अस्पताल खुलेंगे’, खट्टर का एक और सफेद झूठ

‘मज़दूरों के लिये 200 अस्पताल खुलेंगे’, खट्टर का एक और सफेद झूठ
September 25 10:18 2022

चंडीगढ़ मज़दूर मोर्चा ब्यूरो
इसी सप्ताह हुई हरियाणा सरकार की कैबिनेट मीटिंग के बाद गोदी मीडिया द्वारा खबर उछलवाइ गई कि सरकार असंगठित मज़दूरों के लिये 200 अस्पताल खोलेगी। यह घोषणा अपने आप में इतना बड़ा झूठ है जितना कि कोई कहे सूरज-पश्चिम से निकलता है और पूरब में छिपता है। ये 200 नये अस्पताल खोलने की बात कर रहे हैं, अरे पहले से ही खुले-खोलाये अस्पताल तो चला लो। इनमें न तो स्टाफ है और न ही दवाईयां और साजो सामान।

असंगठित मज़दूरों की बात करने वाले इन नेताओं से कोई पूछे कि संगठित मज़दूरों, जिनसे ईएसआई कार्पोरेशन, उनके वेतन का साढे चार प्रतिशत वसूलती है, उनको आपने क्या दे रखा है? विदित है कि ईएसआई कार्पोरेशन के कोष में डेढ़ लाख करोड़ रुपये का ढेर लगा पड़ा है। इसके बावजूद राज्य भर में न तो पर्याप्त अस्पताल व डिस्पेंसरियां हैं और न ही उनमें आवश्यक स्टाफ, दवाईयां व उपकरण आदि हैं।

समझा जा रहा है कि असंगठित मज़दूरों के नाम पर बिल्डरों से वसूला गया फंड 1000 करोड़ के आस-पास तक पहुंच गया है। अब सरकार की नजर इस फंड पर है। वह इसे ऐसे खुर्द-बुर्द करना चाहती है कि जनता में सरकार की वाहवाही का ढोल तो पिटे ही पिटे साथ में कमीशन आदि से होने वाली कमाई भी ठीक-ठाक हो जाये। फिलहाल इसके लिये 104 एम्बूलेंस गाडिय़ां खरीदने की योजना बनाई जा रही है। विशेष प्रकार की इन एम्बुलेंस गाडिय़ों में पूरा लाइ$फ स्पोर्ट सिस्टम लगा होगा। इसका मतलब गाड़ी में साजो-सामान के अलावा डॉक्टर व टेक्निशियन भी रहेंगे।

सवाल यह पैदा होता है कि इन गाडिय़ों को सम्भालेगा कौन? जिले का सिविल सर्जन सम्भालेगा या ईएसआई वाले सम्भालेंगे या कोई नया महकमा इसके लिये भी खड़ा किया जायेगा? दूसरा सवाल ये गाडिय़ां चलेंगी कहां से कहां तक? यानी कि कहां से तो मरीज उठायेंगी और कहां किस अस्पताल में मरीज़ को पटकेंगी? या फिर सारा इलाज इन गाडिय़ों में ही हो जाया करेगा? कुछ भी सम्भव है इस सरकार के लिये। जब जनता को कुछ देना ही नहीं और खाली ढोल ही पीटने हैं तो कुछ भी कर सकते हैं।

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