करनाल(जेके शर्मा) उप कृषि निदेशक डा वजीर सिंह ने बताया कि कृषि तथा किसान कल्याण विभाग, हरियाणा को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थी कि कुछ खाद निर्माता कम्पनियों द्वारा यूरिया व डी.ए.पी.खाद के साथ कीटनाशक दवाईयां इत्यादि की जबरन टैगिंग तथा अनियमित बिकी की जा रही है। इस सम्बंध में चम्बल फर्टिलाईजर व कैमिकल लिमिटेड के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों पर कृषि तथा किसान कल्याण विभाग, हरियाणा द्वारा कड़ा रुख अपनाया है।
उन्होंने बताया कि कृषि तथा किसान कल्याण विभाग को जिला अम्बाला से प्राप्त शिकायत व अन्य शिकायतकर्ताओं के आधार पर जांच उपरांत शिकायत ठीक पाये जाने पर कृषि निदेशक, कृषि तथा किसान कल्याण विभाग, हरियाणा, पंचकूला द्वारा खाद निर्माता कम्पनी चम्बल फर्टिलाईजर व कैमिकल लिमिटेड द्वारा निर्मित-विपणन बिना सब्सीडी वाले खाद जैसे की मैग्निशियम सल्फेट, सल्फर 90 प्रतिशत, जिंक सल्फेट, माईकोराईजल बायो फर्टिलाईजर इत्यादि खादो के भण्डारण व बिकी की स्वीकृति वापिस ले ली गई है तथा चम्बल फर्टिलाईजर व कैमिकल लिमिटेड द्वारा विकी की जाने वाली कीटनाशक दवाईयों की बिकी पर रोक लगाते हुए एक सप्ताह के अन्दर अन्दर बाजार से स्टॉक हटाने के निर्देश भी जारी कर दिये गये है।
उन्होंने बताया कि निदेशालय कृषि तथा किसान कल्याण विभाग, हरियाणा, पंचकूला से निर्देश प्राप्त होते ही जिला करनाल का कृषि विभाग भी उक्त खाद निर्माता कम्पनी के खिलाफ कार्यवाही को लेकर सक्रिय हो गया है। आज उपरोक्त कंपनी के कीटनाशक दवाईया व खाद के भण्डारण का निरीक्षण किया गया तथा मौके पर 6 कीटनाशक दवाइयों व 6 खाद के नमूने लेते हुए आगामी भण्डारण व बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
उन्होंने सभी खाद निर्माता कम्पनी या खुदरा व थोक खाद विक्रेताओं द्वारा गैर कानूनी व जबरदस्ती तरीके से सब्सिडी वाले उर्वरकों के साथ अन्य कृषि उत्पाद टैगिंग न करने के आदेश दिये हैं यदि कोई आदेशों की अवहेलना करता पाया गया तो उनके खिलाफ कृषि तथा किसान कल्याण विभाग, करनाल द्वारा कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जायेंगी।