करनाल (जेके शर्मा ) करनाल की विभागीय व्यवस्था पंगु हो चुकी है क्योंकि अब कार्रवाई विभाग नहीं बल्कि कोर्ट को करनी पड़ रही है। अगर विभाग कार्रवाई करें तो कोर्ट को हस्तक्षेप न करना पड़े। इसी प्रकार के मामला प्रकाश आया है कि हाईकोर्ट के आदेश पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की टीम ने गुरुवार को सेक्टर-7 और 8 के पीछे स्थित ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया।
लंबे समय से ग्रीन बेल्ट की जमीन पर निजी उपयोग के लिए बनाए गए रास्तों और निर्माणों को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर यह कदम उठाया। इस दौरान अतिक्रमण हटाओ टीम के साथ भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर तीन स्थानों से अतिक्रमण हटवाया। इनमें से एक स्थान पर गुरुद्वारा के पास टाइलों से बनाया गया रास्ता संगत द्वारा खुद ही हटा लिया गया। जिससे किसी तरह की तनाव की स्थित से राहत रही।
वहीं अन्य दो स्थानों से जेसीबी की मदद से पक्के रास्ते और अन्य अवैध निर्माण हटाए गए। इस दौरान एक स्थान पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई गई। संबंधित परिवार ने एचएसवीपी टीम से तर्क किया कि उन्हें 15 दिन का नोटिस मिला है, जबकि यह कार्रवाई नोटिस के अगले ही दिन की जा रही है जो की सही नहीं है। परिवार के सदस्य कृष्ण ने कहा कि वे कानून के दायरे में रहकर अपना पक्ष रखेंगे। जब नोटिस का समय पूरा नहीं हुआ तो कार्रवाई जल्दबाजी में क्यों की जा रही है।
उधर, एस्टेट ऑफिसर अदिति ने कहा कि शहर में ग्रीन बेल्ट में तीन स्थानों से अवैध अतिक्रमण हटवाए गए हैं। इसमें एक कार्रवाई हाईकोर्ट के आर्डर पर की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रीन बेल्ट पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग के अनुसार ग्रीन बेल्ट जनता की संपत्ति है।