काम नहीं काम का ढिंढोरा : चुनाव से पहले बाहर आया मोहना एलिवेटेड रोड का जिन्न

काम नहीं काम का ढिंढोरा : चुनाव से पहले बाहर आया मोहना एलिवेटेड रोड का जिन्न
June 16 13:27 2024

मंत्री के आदेश पर जनता को वरगलाने के लिए दूसरी बार होने जा रही मिट्टी की जांच
बल्लभगढ़ (मज़दूर मोर्चा) लोकसभा चुनाव में देश को जाति-धर्म के नाम पर बांटने की मोदी-भाजपा की राजनीति को जनता ने नकार दिया। प्रदेश में पांच सीटें गंवाने के बाद भाजपाइयों को अहसास होने लगा है कि केवल राम नाम व हिंदू मुस्लिम से अब काम चलने वाला नहीं है। इसलिए काम चाहे कुछ भी न कर सकें लेकिन ढिंढोरा तो जोर शोर से पीटा ही जाना चाहिए, इसी मुहिम के तहत स्थानीय विधायक एवं मंत्री मूलचंद शर्मा ने सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें निर्देश दिए कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले मोहना एलिवेटेड रोड पर काम शुरू होता लोगों को दिख जाना चाहिए। कहने को तो मंत्री अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे लेकिन बैठक में मौजूद लोगों की मानें तो वो अधिकारियों से काम शुरू कराने की मिन्नत सी कर रहे थे, मन ही मन सभी अफसर जानते हैं काम वाम तो कुछ होना नहीं केवल मंत्री जी की नाटकबाजी में सहयोग देना है।

मंत्री की बात थी तो आनन-फानन काम शुरू करने का दिखावा किया गया। जिस पुल के निर्माण के लिए अप्रैल में ही सॉइल टेस्टिंग की जा चुकी है मंत्री को दिखाने के लिए अधिकारियों ने दोबारा से मिट्टी के नमूने भरने की कवायद शुरू कर दी। जनता को पता चले कि पुल का निर्माण जल्द ही शुरू होगा तो अधिकारियों ने गोदी मीडिया को बताया कि दिन में भीड़ होने के कारण मिट्टी के नमूने नहीं लिए जा सके हैं। अब रात में नमूने लेने की तैयारी की जाएगी, यानी हाल फिलहाल कुछ होने वाला नहीं।

मंत्री मूलचंद शर्मा ने जनवरी 2022 में बल्लभगढ़ मोहना एलिवेटेड मार्ग बनाए जाने और सरकार द्वारा स्वीकृति दिए जाने का जुमला उछाला था। जुमला उछाले एक साल बीत गया लेकिन सरकार ने न तो कोई घोषणा की और न ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई। मामला ठंडा होते देख मंत्री ने फरवरी 2023 में एक बार फिर जुमला उछाला कि सरकार ने एलिवेटेड रोड के लिए 214.93 करोड़ रुपये मंजूर कर लिए हैं, मीडिया में मंत्री की वाहवाही हुई। मुद्दे को जनता के बीच जिंदा रखने के लिए जुलाई 2023 में फिर उड़ाया गया कि सरकार को डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजी गई थी जिसे मंजूर कर लिया गया है लेकिन अब बजट घटा कर 192 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यानी सरकार ने पहले जो 214.93 करोड़ रुपये पहले मंजूर किए थे वो केवल मंत्री के प्रस्ताव पर, बिना डीपीआर, बिना दस्तावेज, कानूनी पहलू, जमीन की उपलब्धता आदि बिंदुओं की जांच के ही जारी कर दिए थे। जब डीपीआर बनाई गई तो नया बजट बनाया गया। दिसंबर 2023 में तो मंत्री ने घोषणा की कि मोहना एलिवेटेड रोड का टेंडर भी जारी हो गया है और नए साल में पुल बनना भी शुरू हो जाएगा।

एलिवेटेड रोड का कहीं अता पता भी नहीं था लेकिन उससे पहले अप्रैल 2024 में एक और घोषणा कर दी गई कि पुल निर्माण के दौरान आकाश सिनेमा से पंजाबी धर्मशाला तक सात सौ मीटर लंबी सर्विस रोड बनाई जाएगी। बताया गया था कि पुल बनाने का काम हिसार की केसीसी नामक कंपनी का सौंपा गया है और कंपनी ने सॉइल टेस्टिंग के लिए पचास जगहों से मिट्टी के नमूने इक_ा कर काम शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों मेंं चर्चा है कि आकाश सिनेमा मंत्री ने खरीद लिया है, सर्विस रोड उस तक पहुंच आसान करने के लिए बनाई जाएगी न कि आम जनता की सुविधा के लिए।

दरअसल, यह एलिवेटेड रोड भी एक जुमला ही साबित होने वाला है। मंत्री ने घोषणा तो कर दी लेकिन आज तक न तो एलिवेटेड पुल की ड्राइंग ही जारी की गई न यह बताया गया कि पुल के लिए जो 92 खंभे स्थापित किए जाएंगे वो जिस जमीन पर खड़े किए जाएंगे उसका अधिगृहण किया गया है या नहीं। बल्लभगढ़ से गुप्ता होटल तक सडक़ कई जगह घूमी है, पुल के लिए जरूरी अलाइनमेंट किस तरह किया जाना है। आकाश सिनेमा के पास जो सर्विेस रोड बनाने का दावा किया जा रहा है उसके लिए जमीन की व्यवस्था हुई है या नहीं।
अधिकारियों के पास इस सबका जवाब नहीं है वो तो बस मंत्री की हां में हां मिला कर जनता को जाम मुक्त बल्लभगढ़ के सब्ज बाग दिखा रहे हैं। जिस तरह केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर बीते दस साल से मंझावली पुल का झुनझुना बजा कर जनता को वरगला रहे हैं उसी तरह मंत्री मूलचंद शर्मा भी बीते ढाई साल से मोहना एलिवेटेड रोड का ढिंढोरा पीट रहे हैं, अब विधानसभा चुनाव आने वाले हैं तो इसका ढिंढोरा खुद तो और तेजी से पीट रहे हैं जी हुजूरी करने वाले सरकारी अधिकारियों से भी बजवा रहे हैं।

उनकी नीयत एलिवेटेड रोड बनवाने की नहीं बल्कि विधानसभा चुनाव में इसके नाम पर वोटों का जुगाड़ करने की है, जो काम अधूरे पड़े हैं उनकी न तो बात की जाएगी और न ही उन्हें पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा, चुनाव के नज़दीक नया काम शुरू करवा कर जनता को गुमराह कर अपना उल्लू सीधा करेंगे। जिस तरह दस साल के कार्यकाल में कृष्णपाल गूजर ने कोई विकास कार्य नहीं कराए उसी तरह मंत्री मूलचंद शर्मा ने भी जनहित का कोई काम नहीं कराया, बल्कि पद और सत्ता का खूब लाभ उठाया। लोकसभा चुनाव में कृष्णपाल गूजर ने भले ही गिरते पड़ते किसी तरह जीत हासिल कर ली लेकिन हर जगह उन्हें जिस तरह जनता का विरोध झेलना पड़ा उसे देख कर चिंतित मूलचंद दिखावे के लिए ही सही विकास का दामन थामते दिख रहे हैं, लेकिन जनता बहुत समझदार है, चुनाव में वह नीर-क्षीर न्याय कर देगी।

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Mazdoor Morcha
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