जब ढिंढोरे से काम चलता है तो एफएनजी बनाने की जरूरत ही क्या

जब ढिंढोरे से काम चलता है तो एफएनजी बनाने की जरूरत ही क्या
April 06 15:10 2025

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) जुमलेबाज खट्टर की गद्दी संभालने वाले सीएम नायब सैनी भी अपने पूर्ववती की तरह काम नहीं काम का दिखावा करने के फार्मूले पर चल निकले हैं। करीब तीन साल से बजाए जा रहे एफएनजी के बाजे को उन्होंने भी बजाना शुरू कर दिया है। उनके बाजे की आवाज कितनी दमदार है इस बात से समझा जा सकता है कि एफएनजी परियोजना हरियाणा और उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकारों द्वारा पूरी की जानी है लेकिन योगी सरकार इस संबंध में निष्क्रिय बैठी है।

हरियाणा सरकार के शहरी विकास सलाहकार डीएस ढेसी ने फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) प्रोजेक्ट सहित अन्य परियोजनाओं के संबंध में मंगलवार को जिला प्रशासन के साथ बैठक का पाखंड किया। इसमें उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने एफएनजी के लिए यमुना नदी पर पुल बनाने को मंजूरी दे दी है। मंजूरी देने पर कोई खर्चा नहीं आता, खर्चा तो केवल बनाने पर लगता है।

सुधी पाठकों को बताते चलें कि एफएनजी के दावे पूर्व सीएम खट्टर की सरकार में भी कई बार किए जा चुके हैं लेकिन आज तक डीपीआर का भी पता नहीं है। डीएस ढेसी ने यह तो बताया कि यमुना पर पुल बनने के साथ ही उससे कनेक्टिविटी के लिए हरियाणा में दस किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि दस किलोमीटर सड़क बनाने के लिए जरूरी जमीन अधिग्रहीत कर ली गई है या नहीं, इसके लिए कोईं बजट भी नहीं रखा गया है। प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश में दस किलोमीटर सड़क बनवाने के लिए वहां की सरकार से समन्वय करने की भी कोई जानकारी नहीं दी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वहां इस बाबत किसी किस्म की कोई हलचल नहीं है।

सुधी पाठकों को बताते चलें कि केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी ने 11 साल पहले मंझावली पुल का शिलान्यास किया था। तब भी खूब जोर शोर से ढिंढोरा पीटा गया था कि दो साल में पुल चालू कर देंगे और हरियाणा-यूपी के बीच आवागमन के लिए दिल्ली पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। इस मामले में भी उत्तर प्रदेश सरकार से समन्यव नहीं किया गया जिसका नतीजा यह हुआ कि 11 साल बाद जब रो धो कर यह पुल तैयार हो गया तो उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी ही नहीं हो रही है, डबल इंजन सरकार होने के बावजूद गडकरी, मोदी, खट्टर-सैनी कोई भी यूपी में सड़क नहीं बनवा पा रहे हैं।

यही हाल एफएनजी का है, पहले खट्टर और अब सैनी इसका एकतरफा ढिंढोरा पीट कर मीडिया में वाहवाही बटोर रहे हैं। तीन साल पहले तो यहां तक दावा कर दिया गया था कि एफएनजी के तहत ग्रेटर फरीदाबाद में स्थित अम्मा के अस्पताल से रिवाजपुर, शेरपुर खादर, लालपुर, किड़ावली गांव के पास से होते हुए सेक्टर-92 पन्हेड़ा कला तक नब्बे मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। यहां यमुना नदी पर एक नया पुल बना कर 90 मीटर चौड़ी सड़क को जोड़ा जायेगा जो ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 157 से जाकर जुड़ेगी। तब भी बताया गया था कि इस प्रोजेक्ट पर आने वाले खर्च का आधा हरियाणा और आधा यूपी सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसके बाद इस प्रोजेक्ट का ढिंढोरा चुनावों के समय पीटा जाता रहा।

हवा हवाई पुल के लिए की गई हवा हवाई बैठक में यह भी खूब जोर शोर से बताया गया कि इसके बन जाने से घंटों का सफर मिनटों में पूरा होगा। इसके बनने से नोएडा से लेकर जयपुर तक की दूरी घटने से हजारों-लाखों यात्रियों एवं वाहनों का समय व डीजल बचने और लोगों को करोड़ों का लाभ होने की बात अनेकों बार गाई बजाई गई। ढेसी और डीसी विक्रम सिंह ने दूरी कम होने से प्रदूषण घटने के फायदे भी गिना डाले।

सच्चाई यह है कि बीते लगभग तीन साल में एफएनजी की न तो डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हुई, न डिजायन बनाया गया, बजट आवंटन तो बहुत दूर की बात है। ढेसी ने एफएनजी के लिए पूरे प्रशासन के साथ मैराथन बैठक तो कर डाली लेकिन यह भी नहीं बताया कि यह प्रोजेक्ट शुरू किस दिन होगा और कब पूरा होगा, प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा भी या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है। वैसे ध्यान से देखा जाए तो जब राम मंदिर बनाने और अब्दुल की चूड़ी टाइट करने से ही भक्तजन संतुष्ट हैं तो कोई भी विकास कार्य करन

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Mazdoor Morcha
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