फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) खुद को फरीदाबाद की राजनीति का मसीहा समझने वाले केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर और उसके चेले बडख़ल विधायक धनेश अदलखा का किला भेदने की तैयारी कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कर दी है। दोनों गुरु चेला यानी गूजर और अदलखा नगर निगम में दखल देकर ओछी राजनीति कर रहे हैं, इसके विपरीत विपुल गोयल बडख़ल विधानसभा क्षेत्र में गैर पंजाबी वोट वाले क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ा रहे हैं। बीते रविवार विपुल गोयल ने बडख़ल विधानसभा में विकास योजनाओं के सौतेलेपन का शिकार बडख़ल गांव में जनसभा कर एक करोड़ चार लाख के विकास कार्य कराने की घोषणा की। राजनीतिक जानकार इसे गोयल का मास्टर स्ट्रोक करार दे रहे हैं।
उनके अनुसार धनेश अदलखा केवल पंजाबी समुदाय और पंजाबी बहुल इलाकों के विकास में जोर दे रहे हैं, इसी कारण गैर पंजाबी खासकर गूजरों में अदलखा के खिलाफ असंतोष पनप रहा है। अनंगपुर, अनखीर आदि गूजर बहुल इलाकों में अतिक्रमण और अवैध कब्जों के नाम पर बुलडोजर चलाए गए। तोडफ़ोड़ के इन कार्यौं को गूजर-अदलखा का पूरा समर्थन रहा, इन नेताओं ने पीडि़त पक्ष की सुनी ही नहीं, जब नुकसान हो गया तो गुरु-चेला सांत्वना देने के नाम पर आगे आए थे। यही हाल बडख़ल गांव का है, अदलखा के करीबियों की मानें तो वह बडख़ल गांव वालों के लिए अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहता है कि इन लोगों ने उसे वोट नहीं दिया, इन्हें सबक सिखाऊंगा और विकास के लिए तरसा दूंगा। लगभग डेढ़ साल के अदलखा के कार्य देख कर समझा जा सकता है कि उसने बडख़ल गांव के लिए कोई घोषणा नहीं की, न ही गूजर बहुल इलाकों के विकास में गंभीर दिचलस्पी दिखाई, वह तो बस सजातीय वोट पक्के करने के लिए तुष्टीकरण में जुटा है।
राजनीतिक जानकार कहते हैं कि हालांकि बडख़ल गांव वालों ने गूजर-अदलखा दोनों को वोट नहीं दिए लेकिन नगर निगम चुनाव में मेयर प्रवीण बत्रा जोशी को इस गांव में बड़ी मात्रा में बढ़त हासिल हुई थी। गांव वालों ने संघी प्रवीण बत्रा जोशी को वोट विपुल गोयल के आश्वासन के कारण दिए, इसका आभार जताने के लिए कैबिनेट मंत्री रविवार को बडख़ल गांव पहुुंचे थे। हालांकि जानकार इस जनसभा को कैबिनेट मंत्री द्वारा एक तीर से दो निशाने साधने के रूप में देख रहे हैं। उनके अनुसार गोयल ने एक करोड़ के विकास कार्यों के साथ ही गांव वालों से अपील की कि चार अप्रैल को टाउन पार्क में होने वाले सीएम सैनी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचें। बडख़ल आरडब्ल्यूए प्रधान सफ़ी मोहम्मद सैफी सहित गांव की सरदारी ने गोयल का जोरदार स्वागत किया और रैली की सफलता के लिए तन-मन-धन से साथ देने का ऐलान किया। इस तरह गोयल सीएम रैली में सबसे ज्यादा भीड़ जुटा कर मंच पर अपने मजबूत जनाधार का प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं। दूसरा निशाना वह बडख़ल विधानसभा क्षेत्र में गूजर बहुल इलाकों में गूजर-अदलखा के खिलाफ व्याप्त असंतोष को भुनाने के रूप में कर रहे हैं। इसमें उनका साथ गूजर खेमे से नाराज सीमा त्रिखा दे रही हैं, जानकारों के मुताबिक अपने दो कार्यकाल में सीमा त्रिखा ने गूजर बहुल इलाकों में अपने पक्के समर्थक तैयार कर लिए हैं, विधानसभा चुनाव में सीमा के इशारे पर ही उनके समर्थक अदलखा के लिए वोट कटवा भी साबित हुए थे। इस विधानसभा में सीमा त्रिखा की पंजाबी समाज में अच्छी पैठ मानी जाती है, बताया जा रहा है कि अदलखा ने अपने हिटलरशाही मिज़ाज के कारण पंजाबियों में भी काफी बैरी पैदा कर लिए हैं, यहां तक कि जिन लोगों ने अदलखा को चुनाव में खुल कर मदद की थी वह भी उसके विरोधी हो गए हैं।
सुधी पाठक गूजर और गोयल की पुरानी अदावत के बारे में अच्छी तरह जानते हैं। 2014 में चुनाव जीतने के बाद गोयल ने जिस तरह मीडिया को साध कर और इवेंटबाजियों के जरिए जनता के बीच तेजी से उभरने वाले नेता की छवि बनाई थी उससे अपनी कुर्सी को खतरा देखते हुए गूजर बुरी तरह घबरा गए थे। यही कारण है कि दोनों की सार्वजनिक मंचों पर गर्मागर्म बहस होते देखी गईं। उस समय गूजर के संघी-साथी खट्टर सीएम थे और भाजपा आलाकमान में भी संघी पृष्ठभूमि के कारण गूजर की सुनी जाती थी। ऐसे में विधानसभा चुनाव में भाजपा हित दरकिनार रख खुदगर्जी करते हुए उन्होंने गोयल का विधानसभा टिकट ही कटवा दिया था। गूजर की यह बेइज्जती गोयल को सालती रही, पांच साल तक गोयल ने साम-दाम-दंड-भेद का इस्तेमाल करते हुए केंद्र और राज्य भाजपा में अच्छी पैठ बना ली। 2024 के विधानसभा चुनाव में न सिर्फ टिकट हासिल किया बल्कि गूजर विरोधी खेमे के राजेश नागर को भी टिकट दिलवाया। गूजर के पर्दे के पीछे से काट करने के बावजूद इन दोनों ने जीत हासिल की। जानकार बता रहे हैं कि गोयल अब गूजर की जड़ें खोदने में जुटे हैं लेकिन गूजर के ही अंदाज में। यानी दुश्मन के दुश्मनों को साथ लेकर उसे कमजोर किया जाए। बडख़ल गांव की जनसभा उसी रणनीति का अंग बताई जा रही है। चर्चा यह भी है कि केंद्र की राजनीति छोड़कर गूजर विपुल गोयल के महकमे नगर निगम में बेवजह टांग अड़ा रहे हैं, गोयल का यह पैंतरा उन तक संदेश पहुंचाने वाला है कि अगर मेरे क्षेत्र मेें घुसोगे तो जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहो।