घोषणा ही रह गया प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन

घोषणा ही रह गया प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन
December 16 06:56 2024

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) जुमलाजीवी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्तूबर 2021 में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन की जोर शोर से घोषणा की थी। इसके तहत देश भर के सभी जिला स्तरीय सरकारी अस्पतालों में अवसंरचना के तौर पर आवश्यकतानुसार 50, 75 और 100 बेड का आईसीयू तैयार करना था। इसके तहत 50 बेड आईसीयू के लिए 23 करोड, 75 बेड के लिए 30 करोड़ और 100 बेड आईसीयू के लिए 35 करोड़ रुपये दिए जाने थे। इस राशि से आईसीयू बिल्डिंग निर्माण और उपकरण खरीदे जाने थे। इन आईसीयू के तीन साल तक संचालन यानी ऑपरेशन और स्टाफ खर्च के लिए साढ़े छह लाख से साढ़े सात लाख रुपये प्रतिवर्ष केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने की व्यवस्था की गई थी।

औद्योगिक नगरी की आबादी के आधार पर बीके अस्पताल में सौ बेड का आईसीयू बनाए जाने की जरूरत है। छांयसा स्थित अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज में भी पचास बेड का आईसीयू अनिवार्य है।

केंद्र सरकार की घोषणा के बावजूद सीएमओ-पीएमओ ने आईसीयू स्थापना में आज तक कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। आधारभूत संरचना के अभाव में मान्यता गंवाने की कगार पर खड़े छांयसा मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन ने भी आईसीयू की जरूरत नहीं समझी। न बीके अस्पताल प्रशासन और न ही छांयसा मेडिकल कॉलेज से सरकार को डिमांड भेजी गई, नतीजतन आज तक बहुत ही जरूरी आईसीयू स्थापित नहीं हो सका। यानी प्रधानमंत्री के नाम वाला यह लंबा चौड़ा मिशन घोषणा ही बन कर रह गया। जिस आईसीयू को विकसित करने की घोषणा केंद्र सरकार ने तीन साल पहले की थी जब उसकी मांग करने के लिए जब बाबा राम केवल और सतीश चोपड़ा धरने पर बैठे तो मांग पूरी करने के बजाय उनका तंबू उखाड़ दिया गया। सरकार की यह करतूत बताती है कि केवल जुमले और घोषणाएं कर सस्ती लोकप्रियता बटोरने के अलावा जनहित के काम नहीं करना ही है।

  Article "tagged" as:
  Categories:
view more articles

About Article Author

Mazdoor Morcha
Mazdoor Morcha

View More Articles