गजब : किसी को पता नहीं चला और हो गया हरियाणा में एसआईआर

गजब : किसी को पता नहीं चला और हो गया हरियाणा में एसआईआर
September 29 17:50 2025

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बिहार की तर्ज पर सूबे के चुनाव आयोग ने हरियाणा में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ऑफ इलेक्टोरल रोल (एसआईआर) शुरू कर दिया है। आयोग ने 16 से 19 सितंबर के बीच प्रदेश भर के करीब 1 करोड़ 98 लाख मतदाता जिसमें फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र के 25 लाख 56 हजार से अधिक मतदाता भी शामिल हैं, का गहन पुनरीक्षण करा डाला। बताया जा रहा है कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों में पुनरीक्षण का कार्य पूरा नहीं हुआ तो एक-एक दिन का समय देकर 22 सितंबर तक उनका काम भी पूरी तरह निपटवा दिया गया। यह अलग बात है कि आम जनता को पता ही नहीं चला कि उसके मतदाता होने का गहन निरीक्षण-परीक्षण कर लिया गया है। जिस तरह गहन पुनरीक्षण हुआ है उससे इनकार नहीं किया जा सकता कि बिहार की तरह यहां भी दस से बारह प्रतिशत मतदाता अचानक हटा दिए जाएं।

जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय सूत्रों के अनुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा चंडीगढ़ ने स्पेशल इंटेसिव रिवीजन ऑफ इलेक्टोरल रोल का आदेश 16 सितंबर को जारी किया है। इसके तहत वर्ष 2002 की मतदाता सूची को सितंबर 2024 तक की मतदाता सूची से वेरिफाई कराया गया। 16 सितंबर से तीन दिन तक चले सत्यापन में जो भी वोटर मृत, प्रवासी, या विस्थापित पाए गए उनकी सूची तैयार कर ली गई है। जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक सुपरवाइजर को दस बूथ लेवल अफसर (बीएलओ) से गहन पुनरीक्षण कराने का काम सौंपा गया था। फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में 2036 बूथ और वोटरों की संख्या 25 लाख 56 हजार थी। इस आधार पर प्रत्येक बूथ पर औसतन 1255 मतदाता है। यानी दावा है कि प्रत्येक बीएलओ ने तीन दिन में 1255 मतदाताओं के घर-घर जाकर उनकी वोटर आईडी आदि की जांच की। इस दौरान मृत, अनुपस्थित, विस्थापित आदि मतदाताओं की सूची भी तैयार की। यानी आठ घंटा प्रतिदिन के आधार पर बीएलओ ने 1 मिनट सात सेकेंड में एक मतदाता का सत्यापन किया। हैरानी की बात है कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में इतना गहन पुनरीक्षण हो गया और मतदाताओं को पता भी नहीं चला क्योंकि बीएलओ उन तक आया ही नहीं।

जानकार कहते हैं कि जब तीन दिन में 25 लाख से अधिक सत्यापन जैसे असंभव से लक्ष्य दिए जाते हैं तो फिर अधिकारी भी औपचारिकताएं और खानापूर्ति ही करते हैं। तीन दिन के इस फर्जीवाड़े में बीएलओ ने अपनी रिपोर्ट में कितनों को जिंदा किया, कितनों को मारा, और कितनों को शहर बदर किया यह तो चुनाव आयोग द्वारा आंकड़े सार्वजनिक किए जाने के बाद ही सामने आएगा। इस संबंध में हरियाणा मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास से संपर्क कर जानकारी चाही गई तो उनके कार्यालय के प्लानिंग अफसर सुरेंद्र कुमार सें बात हुई। उन्होंने बताया कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने बिहार की तर्ज पर पूरे देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन किए जाने का आदेश दिया हुआ है। 16-19 सितंबर के बीच 2002 की मतदाता सूची की सितंबर 2025 की मतदाता सूची से सत्यापन कराने की मुहिम चलाई गई थी। यह पूछे जाने पर कि सत्यापन कैसे करना था यदि घर घर जाकर करना था तो सत्यापन कैसे किया गया, इस प्रश्न पर उन्होंने गोल मोल जवाब दिया कि टेबल पर ही सत्यापन करना था। टेबल पर मतदाताओं का सत्यापन कैसे हो सकता है इस सवाल पर उनका कहना था इसके लिए तकनीकी टीम ने बाकायदा ट्रेनिंग दी है और टीम वाले ही बता पाएंगे कि सत्यापन प्रक्रिया क्या है। उन्होंने बताया कि यह प्री एसआईआर सत्यापन है।

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Mazdoor Morcha
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