फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) एनएचपीसी अंडरपास में दो जनवरी की रात एक ट्रक कंटेनर ऊपर से गुजर रही रेलवे लाइन के गर्डर से टकरा गया, जिससे गर्डर और रेलवे ट्रैक टेढ़े हो गए थे। टेढ़े हुए रेलवे ट्रैक पर मुंबई-देहरादून एक्सप्रेस ट्रेन के लोको पायलट की नजर पड़ गई, और उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर हादसा होने बचा लिया था। इस हादसे के लिए लापता कंटेनर चालक को दोषी बताकर ढूंढा जा रहा है लेकिन एफएमडीए के उस भ्रष्ट जेई धनराज भड़ाना को पकडऩे के बजाय बचाया जा रहा है जो इसका असली गुनहगार है।
दरअसल, 31 दिसंबर की शाम करीब चार बजे हाईवे की ओर से आए एक ट्रक ने एनएचपीसी अंडरपास के हाइट बैरियर को टक्कर मार कर तोड़ दिया था। हाइट बैरियर अगर ईमानदारी से बनाया गया होता तो उससे टकरा कर ट्रक टूटना चाहिए था लेकिन बेईमान लोगों द्वारा घटिया सामग्री से बनाया गया बैरियर ही टूट गया। ग्रीन फील्ड आरडब्ल्यूए के प्रधान वीरेंद्र भड़ाना के अनुसार बैरियर टूटने की जानकारी होने पर एफएमडीए का जेई धनराज भड़ाना मौके पर पहुंचा था। घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और रेलवे को दिए बिना ही जेई ने मामला सुलटा लिया और चालक ट्रक लेकर चला गया। समझा जा सकता है कि इतने बड़े नुकसान के लिए ट्रक चालक को ऐसे ही तो जाने नहीं दिया गया होगा, बताया जा रहा है कि अच्छी खासी मोटी रकम वसूलने के बाद ही चालक को ट्रक ले जाने दिया गया। लेनदेन तो हो गया लेकिन जेई साहब ने बैरियर को दुरुस्त करवा कर दोबारा लगवाने के बजाय क्रेन बुलाकर किनारे करवा दिया। हाइट बैरियर हटने से कई ट्रक वाले उधर से गुजरने लगे। दो जनवरी की रात में हाईवे की ओर से आए कंटेनर चालक ने भी अंडरपास पार करना चाहा लेकिन ऊंचाई अधिक होने के कारण कंटेनर सीधे रेलवे लाइन की आई गर्डर से टकरा गया। चालक तो कंटेनर बैक करके भाग निकला लेकिन आई गर्डर टेढ़ा होने के कारण ऊपर से गुजर रही रेलवे लाइन का अलाइनमेंट भी बिगड़ गया। यदि लोको पायलट की नजर नहीं पड़ती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मान लिया कि धनराज भड़ाना ने ले देकर ट्रक चालक को भाग जाने दिया तो भी उसे तुरंत ही बैरियर लगवा देना चाहिए था लेकिन लूट कमाई के आगे फर्ज कहां याद आता है। यदि बैरियर तुंरत ही लगवा दिया जाता तो यह हादसा ही नहीं होता। अब जीआरपी और स्थानीय पुलिस कंटेनर व उसके चालक की तलाश करने में जुटे हैं। उसका तो कोई दोष ही नहीं है जब वहां न तो सुरक्षित ऊंचाई संबंधी कोई चेतावनी बोर्ड लगा है और न ही हाइट बैरियर लगाया गया है।
दोषी तो एफएमडीए और प्रशासन के वो निकम्मे अधिकारी हैं जिन्होंने बीती 21 अक्तूबर को ही ओल्ड अंडरपास में सीमेंट कंक्रीट मिक्सचर ट्रक फंसने की घटना से कोई सबक नहीं लिया। यदि सबक लिया होता तो ओल्ड अंडरपास की तरह ही एनएचपीसी और मेवला महराजपुर अंडरपास की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती लेकिन जिस तरह ट्रक की टक्कर से बैरियर टूटा है उससे तो ओल्ड अंडरपास पर लगाए गए बैरियर की मजबूती भी संदिग्ध लग रही है। घटना के पांच दिन बाद बैरियर लगा कर उसका रंग रोगन कराया जा रहा है लेकिन सवाल उसकी मजबूती का है कहीं फिर से हल्की सी टक्कर से यह गिर न जाए।
जिस पूर्व सीएम खट्टर के दस साल के कार्यकाल में पूरा प्रदेश भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया उसी ने फरीदबाद में अपनी नाकामी का केंद्र एफएमडीए खोला था। कहने को तो यह प्राधिकरण फरीदाबाद के चहुंमुखी विकास के लिए बनाया गया है लेकिन खट्टर ने इसमें अपने मनपसंद भ्रष्ट और लूटखोर अधिकारियों को तैनाती दी। ये अधिकारी रोजाना करोड़ों रुपये की फर्जी योजनाओं की घोषणाएं करके खालिस लूट कमाई में जुटे हैं। एफएमडीए की बनाई सड़कें हों, जलापूर्ति के लिए बिछाई गई पाइप लाइन हो, सीवर लाइनों की सफाई या कुछ और, सभी भ्रष्टाचार और लूट कमाई के सुबूत ही साबित हुए हैं। लूट कमाई के लिए सेवानिवृत्त अधिकारी नाकाफी थे तो अब हरियाणा कौशल रोजगार निगम एचकेआरएन के जेई भी लगा दिए, उन्होंने तो योजनाओं के अतिरिक्त भी लूट कमाई के रास्ते तलाश लिए हैं, जेई धनराज भड़ाना द्वारा ले देकर दोषी ट्रक चालक को छोडऩा उसी तरह की कमाई का उदाहरण है।