ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज से एनएचपीसी ने खाली कराया अपना परिसर

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज से एनएचपीसी ने खाली कराया अपना परिसर
November 02 18:12 2025

फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) वर्ष 2015 में मात्र 100 सीटों से शुरू हुए मेडिकल कॉलेज के लिए बना हॉस्टल उस समय के लिए तो पर्याप्त था। परन्तु बाद में जब एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 100-125 तथा और बढ़कर 150 होने के साथ-साथ पीजी छात्रों की संख्या भी 400 तक पहुंच गई तो हॉस्टल की समस्या खड़ी होनी ही थी। यह समस्या कोई यकायक रात भर में पैदा नहीं हो गई। यह धीरे-धीरे प्रति वर्ष बढ़ते-बढ़ते यहां तक पहुंची है। करीब चार वर्ष पूर्व इसके अस्थाई समाधान के तौर पर, मेडिकल कॉलेज परिसर से करीब 10 किलोमीटर दूर सूरजकुंड रोड पर एनएचपीसी (नेशनल हाइड्रो पावर कॉर्पोरेशन) की कॉलोनी को एक निश्चित अवधि के लिए किराये पर लिया गया था। उस वक्त यह समझा गया था कि इस अवधि में ईएसआई कॉर्र्पोरेशन अपने छात्रों के लिए पर्याप्त मात्रा में हॉस्टल का निर्माण कर लेगा।

करीब तीन वर्ष पूर्व केन्द्रीय श्रम राज्यमंत्री तेली जब यहां दौरे पर आए थे तो इस समस्या पर विचार करने के बाद एनएच पांच स्थित ईएसआईसी डिस्पेंसरी में पड़े दो एकड़ के प्लॉट पर हॉस्टल निर्माण की चर्चा हुई थी। लेकिन बात चर्चा से आगे न बढ़ सकी। इसी दौरान हॉस्टल की समस्या और गहराने लगी तो एनएच चार में केन्द्र सरकार के टूटे-फूटे 80 क्वार्टरों को अधिग्रहीत करके हॉस्टल का काम चलाया जाने लगा। इतना सब होने के बावजूद हॉस्टल निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया जा सका। यह सब तो तब है कि जब कॉर्पोरेशन के पास जमीन भी है और धन की भी कोई कमी नहीं है। इसके विपरीत एनएचपीसी को किराया देने तथा छात्रों को लाने ले जाने के लिए बस सेवा पर करोड़ों खर्च करने के अलावा छात्रों का कीमती समय भी आवागमन में बर्बाद होता रहा।

करीब डेढ़ वर्ष पूर्व एनएचपीसी ने मेडिकल कॉलेज को परिसर खाली करने का सख्त नोटिस दे दिया था। इसके बावजूद भी कॉर्पोरेशन मुख्यालय में बैठे धूर्त एवं हरामखोर अफसरों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। अंतत: दो माह पूर्व एनएचपीसी ने अपना परिसर खाली करा ही लिया। इसके परिणामस्वरूप सैंकड़ों छात्र यकायक सड़क पर आ गए। कुछ ने प्राइवेट कमरे किराए पर लिए तो कुछ को हॉस्टलों में ही अवैध तरीके से घुसेड़ा गया, यानी कि कमरे में एक या दो छात्र की जगह तीन-तीन व कई जगह चार-चार भी घुसेड़ दिए गए। गौरतलब है कि एनएमसी ने हॉस्टलों में रिहायश सम्बन्ध बाकायदा नियम बनाए हुए हैं। नियमों की उल्लंघना करते हुए कॉर्पोरेशन ने छात्रों को अधिक संख्या में कमरों में घुसेड़ दिया है। जाहिर है कि इससे छात्रों की पढ़ाई एवं एकाग्रता आदि का प्रभावित होना स्वाभाविक है। परन्तु कॉर्पेारेशन के निकृष्ट प्रशासकों को इन सब बातों से क्या लेना-देना?

संदर्भवश, अभी तक 100 छात्राएं बुढिय़ा नाले के निकट स्थित एनटीपीसी के ट्रेनिंग सेंटर के लिए बने हॉस्टल में रह रही है। उनकों भी निकालने का नोटिस संबंधित विभाग ने दे दिया है। इसके बावजूद कार्पोरेशन इस दिशा में कुछ भी करता नजर नहीं आ रहा।

  Article "tagged" as:
  Categories:
view more articles

About Article Author

Mazdoor Morcha
Mazdoor Morcha

View More Articles