फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) देश के सर्वाेच्च मेडिकल अस्पतालों में शामिल एनआईटी तीन मेडिकल कॉलेज को बर्बाद करने में जुटा मुख्यालय बौखलाहट भरे निर्णय ले रहा है।मेडिकल कॉलेज को ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाले डीन डॉ. असीमदास और डॉ. अनिल पांडेय को हटाने के बाद अब डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (डीएमएस) डॉ. ललिता आनंद, प्रोफेसर जनरल मेडिसिन डॉ. प्रवीण मलिक और जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर (जीडीएमओ) डॉ. विद्याभूषण को निलंबित किया गया है। इन लोगों के निलंबन का कारण स्टोर की अनियमितताएं होना बताया जा रहा है। इन अधिकारियों के अलावा डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (डीएमएस) डॉ. रतनधीर का तबादला ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज इंदौर कर दिया गया है। इनकी जगह मेडिकल कॉलेज नोएडा के डॉ. राम सिंह और बसई दारापुर मेडिकल कॉलेज के डॉ. सुमित चक्रवर्ती को यहां डीएमएस पद पर भेजा गया है।
मुख्यालय की यह कार्रवाई स्थानीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्रति पक्षपातपूर्ण है। डॉ. असीमदास के निलंबन को दो महीने होने वाले हैँ लेकिन मुख्यालय उन्हें आज तक चार्जशीट नहीं दे सका है, यानी उनके खिलाफ ठोस कारण नहीं मिल रहे हैं, ऐसे में तीन-तीन मेडिकल अधिकारियों का निलंबन किया जाना मुख्यालय के पागलपन और बौखलाहट को ही दर्शाता है। मुख्यालय निलंबन और तबादले के जरिए स्टॉफ तो कम कर रहा है दूसरी तरफ कॉन्ट्रेक्चुअल स्टाफ को अभी तक वेतन भी नहीं दिया गया है।