फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) चुनाव जीतते ही धनेश अदलखा नया मुल्ला ज्यादा प्याज खाता है मुहावरे की तर्ज पर बडख़ल विधानसभा में ताबड़तोड़ विकास कार्य का ढोल पीटने में जुट गए थे। विधायक पद की शपथ लेने से पहले ही नगर निगम, एफएमडीए, खाद्य आपूर्ति विभाग सहित कमाई वाले लगभग सभी महकमों के अधिकारियों के साथ ताबड़तोड़ बैठकें कर इतने आदेश सुना दिए कि लगने लगा कि चंद दिनों में ही बडख़ल विधानसभा सोने की बन जाएगी, और जनता हर्षित भये गए सब शोका वाले राम राज का आनंद लेने लगेगी।
धनेश अदलखा शायद यह भूल गए थे कि ये सारी समस्याएं यदि बैठक करने, आदेश जारी करने यानी चुटकी बजाते ही सुलझने वाली होतीं तो दस साल से उनकी ही पार्टी की सरकार और विधायक विराजमान थे, वो इसे दुरुस्त करा चुके होते। उनकी जल्दबाजी और बचकानी हरकतों से हुआ ये कि अधिकारी उन्हें हल्के में लेने लगे। अधिकारियों को भी समझ में आ गया कि अदलखा भी अपने गुरुओं मोदी-खट्टर को यह बताना चाहते हैं कि उन्होंने पक्के चेले की तरह काम नहीं काम का ढिंढोरा पीटने का पाखंड करने की पूरी ट्रेनिंग ले ली है, तो वह जहां भी जाते और जो भी आदेश देते, अधिकारी प्रोटोकॉल का मान रखते हुए उनकी हां में हां मिला देते। विधायक के मौके पर आकर अधिकारियों को हड़काते देख जनता भी वाह वाह कर उठती, उसे लगता कि विधायक के जाते ही काम शुरू हो जाएगा लेकिन निकम्मे अधिकारी कुछ करने की स्थिति में होते ही नही हैं।
एक नंबर तिकोना पार्क के पास काली मंदिर बस अड्डे के सामने बीते शुक्रवार से सीवर ओवर फ्लो होने के कारण गंदा पानी सड़क पर भरा हुआ है। हिंदुत्व, मंदिर आदि के नाम पर वोट देकर धनेश को जिताने वाले कट्टर हिंदुओं ने अपने विधायक धनेश अदलखा के समक्ष मंदिर के सामने सीवर का पानी भरा होने की समस्या रखी और इसके समाधान की उम्मीद की। विधायक ने भी आनन फानन नगर निगम के अधिकारियों और सफाई निरीक्षक को तुरंत सीवर सफाई करवाने का फरमान सुना दिया। शुक्रवार को फरमान सुनाए जाने के बावजूद मंगलवार तक तिकोना पार्क मोड़ के पास से लेकर मंदिर और बस अड्डे तक सड़क पर गंदा पानी भरा रहा। परेशान लोगों का कहना था कि सफाई कर्मचारी विधायक की भी नहीं सुन रहे हैं। सफाईकर्मियों के अनुसार एफएमडीए सीवर लाइनें साफ करने के लिए लाइनें बंद कर रहा है, सीवर लाइन चोक होने के कारण ओवरफ्लो होगा ही, जब तक लाइन खोली नहीं जाएगी ओवरफ्लो होता रहेगा। कुछ अस्थायी व्यवस्था की गई लेकिन लगातार ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी सड़क पर खड़ा ही रहा। सोमवार देर रात सीवर लाइन का काम समाप्त हुआ, इसके बाद ही मंगलवार सुबह सफाई कर्मियों की टीम पहु्ंची, तीन चार घंटे की मशक्कत के बाद पानी साफ किया गया।
इससे यह तो स्पष्ट हो गया कि विधायक के हाथ में कोई जादू की छड़ी नहीं है जो घुमाते ही समस्या का समाधान हो जाएगा। दरअसल, सीवर ओवर फ्लो की समस्या भी भाजपा के दस साल के शासनकाल में ही अधिक बढ़ी है, कारण यह कि भाजपा राज में सड़कें तो बनीं लेकिन उनके किनारे नालियां नहीं बनाई गईं, सीवर लाइनें आरएमसी सड़कों के नीचे दबा दी गईं। जलभराव, सीवर ओवरफ्लो की समस्या शहर में स्थायी रूप ले चुकी है। हरियाणा फार्मेसी काउंसिल चेयरमैन रहते हुए पांच करोड़ का गबन करने के आरोपी धनेश अदलखा जब तक विकास कार्यों की घोषणा जेबें भरने की नीयत से करेंगे तब तक जनता का भला होने वाला नहीं। नगर निगम के दो सौ करोड़ के घोटाले में मुख्य आरोपी होने, फार्मेसी काउंसिल में भ्रष्टाचार, हूडा के रिज्यूम प्लॉटों की माफियागीरी कर करोड़ों रुपये बनाने के आरोपी धनेश का इतिहास देख कर इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि विधायक के रूप में वह सत्ता का दुरुपयोग कर जेबें भरने के तमाम रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे। फिलहाल वोट देने वाले अंधभक्तों को भी समझ में आ जाना चाहिए कि भाजपा के तीसरे राज में भी उसकी समस्याएं समाप्त होने वाली नहीं।