फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सरकार की मंशा के अनुरूप चुनाव आयोग द्वारा पुलिस आयुक्त बनाए गए ओपी नरवाल ने विधानसभा चुनाव परिणाम आते ही अनेक चौकी प्रभारियों के तबादले कर दिए। आमतौर पर पुलिस विभाग में होने वाले फेरबदल, ट्रांसफर-पोस्टिंग से जनता को अवगत कराने के लिए महकमे के जन सूचना अधिकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हैं, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर चौकी इंचार्जों के इधर से उधर किए जाने की प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं किए जाने की महकमे में भी चर्चा है। पुलिस अधिकारियों के बीच तबादलों के जरिए सीपी साहब द्वारा दिवाली मनाए जाने की बातें चटखारे लेकर कहीं सुनी जा रही हैं।
विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित परिणाम आने और भाजपा सरकार बनना तय होते ही पुलिस आयुक्त ओपी नरवाल ने तीनों जोन के करीब ढाई दर्जन चौकी इंचार्जों को उनकी मनपसंद चौकियों पर भेज कर उन्हें दिवाली का तोहफा दिया। खास बात यह रही कि ये तबादले पुलिस आयुक्त ने एकमुश्त न कर एक-एक, दो- दो कर किए, बताया जा रहा है कि उन्होंने सबको मनपसंद चौकी पर ही तैनाती दी है। इन तबादलों पर पुलिस अधिकारियों में चर्चा है कि सत्तापक्ष के नेता इतने बड़े स्तर पर तबादले नहीं कराते, बहुत हुआ तो अपने क्षेत्र के थाने- चौकी में मनपसंद पुलिसकर्मी को लगवाते हैं। इस तरह की ट्रांसफर पोस्टिंग तब ही की जाती हैं जब अधिकारी या तो रुटीन के अलावा अतिरिक्त कमाई करना चाहता है, या फिर अधिकारी की चलाचली की बेला हो यानी उसे अपना तबादला होने का डर सता रहा हो।
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार सीपी साहब को अपने तबादले का डर चुनाव परिणाम आने के बाद से ही सता रहा है। वजह, यह है कि नरवाल साहब भी प्रदेश के तमाम उन आईपीएस, एचसीएस अफसरों में से एक हैं जो चुनाव में कांग्रेस की जीत पक्की होना समझ परिणाम आने से पहले ही पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बुके भेंट करने पहुंचे थे। हुड्डा से उनकी मुलाकात और बुके देने का उनका वीडियो और फोटो वायरल भी हो गया था। नरवाल साहब ने सोचा होगा कि कांग्रेस की सरकार आने पर हुड्डा उन्हें किसी मलाईदार पद से नवाजेंगे लेकिन जनता के बेहद गुस्से और सरकार विरोधी लहर होने के बावजूद आश्चर्यजनक तरीके से भाजपा ने फिर बहुमत हासिल कर लिया। विभाग में चर्चा है कि दिवाली के बाद सैनी सरकार पुलिस विभाग में आईपीएस से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादले करेगी। ऐसे में पुलिस कर्मियों को उनकी मनपसंद चौकी भेज कर फिलहाल तो उन्होंने अपनी दिवाली रौशन कर ही ली है।