साधारण टीबी की डॉट्स दवाएं भी बीते तीन माह से उपलब्ध नहीं विभाग को ही समय पर नहीं मिल रही दवाएं फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा)। औद्योगिक नगरी टीबी संक्रमण विस्फोट के
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सर्वविदित है कि ईएसआई कॉर्पोरेशन केवल अपने बीमाकृत मज़दूरों को ही चिकित्सा सेवाएं दे सकता है। इसका उल्लंघन करना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है। इसके
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) एनएच तीन स्थित मेडिकल कॉलेज-अस्पताल अपनी उत्कृष्ट फैकल्टी एवं बेहतरीन सेवाओं के लिये देश भर में प्रसिद्धि की नई-नई बुलंदियां छू रहा है। वहीं इस बेहतरीन संस्थान
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) हरियाणा भर के 28 लाख मज़दूरों सहित देश भर के करीब पौने चार करोड़ मज़दूरों के वेतन से चार प्रतिशत वसूलने में तो कॉर्पोरेशन तगड़ी है। इसके
मज़दूरों की मज़दूरी का एक बड़ा हिस्सा हड़प कर विशालकाय मगरमच्छ सरमाएदार ‘जन-कल्याण’ के नाम पर उस लूट का एक महीन हिस्सा ‘कल्याणकारी’ कामों के लिए ‘दान’ देते हैं। यह
‘न्यूज़ क्लिक’ को, नोवेल राय सिंघम नाम के धन-पशु से, 10 करोड़ रु की विदेशी ‘मदद’ मिली. ‘दान-दाता’ का, चीन से संबंध है, मतलब चीन का एजेंडा चलाया जाएगा. इसलिए
क्रांतिकारी मज़दूर मोर्चा भाजपा, आगामी विधान सभा तथा लोकसभा चुनाव हारने जा रही है। भीत पर लिखा हुआ, सबको साफ़ नजऱ आ रहा हैै। पुलवामा न हुआ होता, तो 2019
पुलिस का नाम जुबां पर आते ही मानस पटल पर एक नकारात्मक छवि उभर आती है, पर कभी-कभी इस खाकी वर्दी मे छुपा मानवीय चेहरा भी समाज के सामने आ
फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) जिले में गंभीर टीबी यानी मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस (एमडीआर) टीबी की दवाएं बीते ढाई महीने से खत्म हैं। प्रधानमंत्री के देश को 2025 में टीबी मुक्त करने
फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) वैसे तो पुलिस कानून व्यवस्था कायम रखने, अपराध रोकने व अपराधियों से आम लोगों को बचाने के लिए होती है लेकिन यदि खुद पुलिस ही अपराधियों से