डॉक्टर सलमान अरशद “जैसा खावे अन्न वैसा होवे मन” बहुत पुरानी उक्ति है। मेरे जैन मित्र इस उक्ति का सबसे ज़्यादा उपयोग करते हैं और इसके ज़रिये शाकाहार को जस्टिफाई
सलमान अरशद क्या आप जानते हैं कि भारतीय संस्कृति किस चिडिय़ा का नाम है? अमूमन खानपान, रहन-सहन, तीज त्योहार, शादी-व्याह के तौर तरीकों और धर्म और धार्मिक कर्मकांड के सम्मिलित
राम पुनियानी जिस समय इलेक्टोरल बॉण्ड से जुड़ा बड़ा घोटाला परत-दर-परत देश के सामने उजागर हो रहा था, ठीक उसी समय केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम
राम पुनियानी फिल्म जनसंचार का एक शक्तिशाली माध्यम है जो सामाजिक समझ को कई तरह से प्रभावित करता है. कई दशकों पहले भारत में ऐसी फिल्में बनी जो सामाजिक यथार्थ
हेमंत कुमार झा मोबाइल या लैपटॉप के कुछ बटन टीपिये, पलक झपकते लाखों करोड़ों रुपये इधर से उधर। तकनीक में आई इस क्रांति ने अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां दी तो
मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने युवाओं के लिए नौकरी की गारंटी की घोषणा करके सत्ताधारी बीजेपी की राह मुश्किल कर दी है. बीजेपी को अब इससे बेहतर पेशकश करनी
रविंद्र पटवाल जैसे-जैसे 2024 लोक सभा चुनाव की सरगर्मियां बढ़ रही हैं, सतह पर बैठ चुके बुनियादी मुद्दे उभरकर सामने आने लगे हैं। राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’
मनीषा पांडे “लड़कियों को डिस्को करते देख शिक्षक का मन ऊब गया बोला, सूरज को देखो, पश्चिम में गया तो डूब गया.” 1994 में मेरी कन्या पाठशाला की हिंदी टीचर
डॉ. रामवीर अस्वस्थ होने पर जब चिकित्सक के पास जाते हैं तो डाक्टर का पहला प्रश्न यही होता है क्या खाया था ? यानि व्याधि का कारण प्राय: भोजन के
श्रवण गर्ग प्रधानमंत्री द्वारा सात फऱवरी को राज्यसभा में विपक्ष के ख़िलाफ़ दिए गए धुआँधार भाषण के तुरंत बाद एक मुस्कुराते नीतीश कुमार की उनके साथ हुई मुलाक़ात की तस्वीरें