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विश्लेषण

जैसा खाये अन्न, वैसा होवे मन : यथार्थ या विभ्रम?

डॉक्टर सलमान अरशद “जैसा खावे अन्न वैसा होवे मन” बहुत पुरानी उक्ति है। मेरे जैन मित्र इस उक्ति का सबसे ज़्यादा उपयोग करते हैं और इसके ज़रिये शाकाहार को जस्टिफाई

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किस चिडिय़ा का नाम है भारतीय संस्कृति ?

सलमान अरशद क्या आप जानते हैं कि भारतीय संस्कृति किस चिडिय़ा का नाम है? अमूमन खानपान, रहन-सहन, तीज त्योहार, शादी-व्याह के तौर तरीकों और धर्म और धार्मिक कर्मकांड के सम्मिलित

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सीएए : देश को बांटने का एक और औज़ार

राम पुनियानी जिस समय इलेक्टोरल बॉण्ड से जुड़ा बड़ा घोटाला परत-दर-परत देश के सामने उजागर हो रहा था, ठीक उसी समय केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम

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बहुसंख्यकवादी नैरेटिव को टेका लगाती फिल्में : स्वातंत्र्यवीर सावरकर

राम पुनियानी फिल्म जनसंचार का एक शक्तिशाली माध्यम है जो सामाजिक समझ को कई तरह से प्रभावित करता है. कई दशकों पहले भारत में ऐसी फिल्में बनी जो सामाजिक यथार्थ

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वित्तीय और धार्मिक शक्तियों का शैतानी गठजोड़

हेमंत कुमार झा मोबाइल या लैपटॉप के कुछ बटन टीपिये, पलक झपकते लाखों करोड़ों रुपये इधर से उधर। तकनीक में आई इस क्रांति ने अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां दी तो

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बेरोजगारी अब चुनावी मुद्दा है, क्या ‘पहली नौकरी पक्की’ के सहारे कांग्रेस इसे भुना सकती है

मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने युवाओं के लिए नौकरी की गारंटी की घोषणा करके सत्ताधारी बीजेपी की राह मुश्किल कर दी है. बीजेपी को अब इससे बेहतर पेशकश करनी

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मोदी राज में केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में 40 प्रतिशत स्थायी नौकरियां घट गईं

रविंद्र पटवाल जैसे-जैसे 2024 लोक सभा चुनाव की सरगर्मियां बढ़ रही हैं, सतह पर बैठ चुके बुनियादी मुद्दे उभरकर सामने आने लगे हैं। राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’

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लड़कियां क्यों मार दी जाती हैं

मनीषा पांडे “लड़कियों को डिस्को करते देख शिक्षक का मन ऊब गया बोला, सूरज को देखो, पश्चिम में गया तो डूब गया.” 1994 में मेरी कन्या पाठशाला की हिंदी टीचर

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क्या खाया था?

डॉ. रामवीर अस्वस्थ होने पर जब चिकित्सक के पास जाते हैं तो डाक्टर का पहला प्रश्न यही होता है क्या खाया था ? यानि व्याधि का कारण प्राय: भोजन के

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प्रतिरोध की क्रांति का सूत्रधार ही सत्ता का मुखबिर निकला!

श्रवण गर्ग प्रधानमंत्री द्वारा सात फऱवरी को राज्यसभा में विपक्ष के ख़िलाफ़ दिए गए धुआँधार भाषण के तुरंत बाद एक मुस्कुराते नीतीश कुमार की उनके साथ हुई मुलाक़ात की तस्वीरें

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