आशंकित योगी आदित्यनाथ सरदार पटेल ने 21 अप्रैल 1947 को दिल्ली के मैटकाफ़ हाउस में अखिल भारतीय सिविल सेवा का उद्घाटन करते हुए इसे ‘स्टील फ्रेम ऑफ़ इंडिया’ कहा था।
राम पुनियानी उत्तरप्रदेश के हाथरस जिले में भगदड़ में कम से कम 121 लोग मारे गए. इनमें से अधिकांश निर्धन दलित परिवारों की महिलाएं थीं. भगदड़ भोले बाबा उफऱ् नारायण
प्रश्न– आपने आदिवासियों के बीच काफी समय तक काम किया है। आदिवासी शब्द सुनते ही अक्सर शहर के लोग उनके बारे में जो छवि बनाते हैं वो काफी खतरनाक होती
इस नये भारत में मुसलमान होने का मतलब आवाजहीन होना है। मुख्यधारा के लगभग सभी राजनीतिक दल “मुस्लिम” शब्द का इस्तेमाल करने से बचते हैं, इसकी जगह वे अक्सर “अल्पसंख्यक”
श्रीकांत मनुष्य को जो एक चीज़ दूसरे जीवों से अलग करती है वह है-बुद्धि। जिसके बूते मनुष्य ने अन्य सभी जीवों की नाक में दम कर दिया। और अंतत: उन
जगदीप सिंह सिंधु भाजपा के चाणक्य ने हरियाणा में ये मान लिया कि सरकार बैसाखियों के सहारे भी बनती है। एक वक़्त अपने दल को अजेय बताने वाले और जनता
डॉ. सिद्धार्थ पिछले करीब 48 घंटों से देश का हर संवेदनशील इंसान व्याकुल और बेचैन है। 50 मरे, 70 मर गए, 100 मर गए, अब तक 120 मर गए। मरने
उमेश तिवारी ‘विश्वास’ कई बार सवाल उठाया जाता है कि एक देश की तरह हमने पिछले 75 वर्षों में क्या हासिल किया ! बेशक पूछा जाएगा कि एक विकसित राष्ट्र
रामशरण जोशी दो जुलाई की हाथरस ट्रेजेडी ने ‘मोदी-शाह ब्रांड भाजपा, गुजरात विकास मॉडल और डबल इंजन सरकार का नैरेटिव’ के खोखलेपन को एक साथ उजागर कर दिया है। विडंबना
लाल बहादुर सिंह अरुंधति रॉय के खिलाफ यूएपीए (UAPA) के तहत मुकदमा चलाने के लिये दिल्ली के उप-राज्यपाल की मंजूरी (sanction) जैसे सनक भरे कदमों से मोदी-शाह भले अकड़ दिखाएं