फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) राजनीतिक विरोधियों को सरकारी एजेंसियों के बल पर बर्बाद करने की भाजपा के मोदी-शाह की रणनीति ट्रिपल इंजन सरकार के प्यादे भी पूरे दमखम के साथ अपना रहे हैं। इसी नीति पर चलते हुए वार्ड 21 के पार्षद बिंदे उर्फ वीरेंद्र भड़ाना ने ग्रीन फील्ड कॉलोनी के गेट नंबर दो पर चल रहा प्याऊ खत्म करवा दिया। यह प्याऊ हिंदुत्व का झंडा उठाने वाला जींद का लाला राजकुमार लंबे अर्से से चला रहा था लेकिन पार्षद चुनाव में उसने कैलाश बैंसला का साथ दिया था। राजनीतिक विरोधी को बर्बाद करने के लिए बिंदे ने धर्म की भी शर्म नहीं की और बीती 20 मई को अपने लड़के भेज कर लाला की टंकियां उखड़वा लीं।
अब लाला जी चिल्लाते फिर रहे हैं कि बिंदे ने टंकियां उठवा लीं। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर से लेकर बडख़ल विधायक धनेश अदलखा की चौखट पर सिर पटका लेकिन दोबारा प्याऊ नहीं चला सके, पुलिस भी कोई सुनवाई नहीं कर रही है। दरअसल बिंदे भड़ाना को यह कतई मंजूर नहीं कि कोई जींद का लाला आकर उसके इलाके में समाजसेवा करे। परेशान लाला जी चिल्ला रहे हैं कि वैसे तो (भाजपाई) कहते हैं कि हम हिंदू वादी है, क्या यही हिंदुत्व है कि मई-जून की गर्मी में लगी हुई प्याऊ को उजाड़ दिया जाए। जानकारों के अनुसार नगर निगम चुनाव में बिंदे को भाजपा का टिकट दिए जाने का राजकुमार लाला ने भरपूर विरोध किया था, यहां तक कि केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर से भी बिंदे का टिकट कटवाने की सिफारिश की थी। लाला जी यह समझने में भूल कर गए कि मंत्री गूजर, बिंदे भड़ाना और विधायक धनेश अदलखा एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं।इधर, बिंदे गिरोह का आरोप है कि लाला जी प्याऊ के नाम पर इस जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। प्याऊ का छोटा सा बोर्ड लगा है लेकिन हिंदू धर्म के देवी-देवताओं के बड़े-बड़े चित्र लगा कर 8 गुणे 10 फीट की इस जमीन को आस्था से जोड़, मंदिर आदि बना कर कब्जा करने का खेल चल रहा है, यानी प्याऊ के नाम पर दान तो मिल ही रहा है मंदिर बनने के बाद चढ़ावे के रूप में मोटी कमाई होने लगेगी। हालांकि लाला राजकुमार कहते हैं कि वह बीते कई साल ने नि:शुल्क प्याऊ चला रहे हैं और किसी से एक पाई भी चंदा नहीं मिलता।
प्याऊ लगाने में लाला जी को कैलाश बैंसला का पूरा सहयोग मिल रहा था। कभी मंत्री गूजर के करीबी रहे कैलाश बैंसला ने लोकसभा चुनाव के समय ‘गद्दारी करते हुए पाला बदल लिया था। अब ट्रिपल इंजन की सरकार बैंसला ही नहीं उसके समर्थकों को भी आर्थिक रूप से बर्बाद करने के लिए सत्ता का जा-बेजा इस्तेमाल करने में लगी हुई है। प्याऊ जैसी समाजसेवा समाप्त किए जाने से परेशान राजकुमार लाला भले ही श्राप दें कि ट्रिपल इंजन की सरकार का नाश होवेगा, कीड़े पड़ेंगे इस सरकार को जो ये धर्म के काम में बाधा डालती है और भले ही हिंदुत्व का नारा जोर शोर से लगाएं लेकिन ट्रिपल इंजन सरकार के रहते उनकी कोई सुनने वाला नहीं।