सीएम सैनी ने की फरीदाबाद में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति देने की जुमलेबाजी

सीएम सैनी ने की फरीदाबाद में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति देने की जुमलेबाजी
July 10 14:24 2026

फ़रीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) संघ-भाजपा की कठपुतली सीएम नायब सिंह सैनी भी जुमलेबाजी में माहिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राह पर चल पड़े हैं। उन्होंने फरीदाबाद और गुडग़ांव शहरों में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की घोषणा कर डाली। घोषणा करने में कुछ लगता तो है नहीं इसलिए लगे हाथ फरीदाबाद में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने की भी घोषणा कर डाली। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के बजाय सीएम साहब ने शहरी क्षेत्र में मुफ्त वाईफाई उपलब्ध कराने का ऐलान किया, ताकि युवा को वर्चुअल वर्ल्ड और वाट्सएप यूनिवर्सिटी में मशगूल रह कर आसानी से सत्ता का गुलाम बनाया जा सके।

सीएम सैनी ने 30 जून को यह घोषणाएं हरियाणा विजन 2047 के तहत की थीं। दरअसल, मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की घोषणा कर रखी है। कर्ज लेकर घी पीने के सिद्धांत पर देश और अर्थव्यवस्था का बंटाधार करने वाले पीएम मोदी ने 2014 से सत्ता संभालने के बाद जितनी भी घोषणाएं की हैं वह सभी बुरी तरह फ्लॉप ही हुई हैं।

ऐसे में उनकी 2047 विकसित भारत घोषणा का क्या परिणाम होगा समझा जा सकता है। मोदी के ही नक्शे कदम पर चल रहे डबल इंजन यानी सैनी भी लोकलुभावन घोषणाएं करने में जुटे हैं। इसी के तहत शहर को 24 घंटे पानी की आपूर्ति की घोषणा है।

सुधी पाठकों को बताते चलें कि शहर में वर्तमान में 450 एमएलडी (मिलियन लीटर डे) पेयजल की आवश्यकता है, इसके विपरीत आपूर्ति केवल 320 एमएलडी ही की जा रही है। यह कमी आज से नहीं बल्कि पूर्व सीएम खट्टर के समय यानी करीब छह वर्ष से बरकरार है, हर साल आबादी बढऩे के साथ पेयजल संकट भी बढ़ता गया लेकिन उस अनुपात में आपूर्ति व्यवस्था अपडेट नहीं हो पाती। समझने वाली बात यह है कि यह 320 एमएलडी पानी भी तब है जब दिन में औसतन दो से तीन घंटे आपूर्ति की जाती है, फिर भी पर्याप्त नहीं है और लगभग एक तिहाई आबादी रोजाना पेयजल से महरूम रह जाती है।  यदि 24 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित करनी है तो 450 एमएलडी का कम से कम आठ से दस गुना यानी करीब 3500 से 4500 एमएलडी की आपूर्ति करनी होगी। सीएम साहब आपका एफएमडीए, नगर निगम, जल निगम सब मिल कर भी पूरे शहर को पानी दे नहीं पा रहे हैं, एक तिहाई जनता प्यासी रह कर पानी माफिया का निवाला बनती है और ख्वाब आप दस गुना ज्यादा पानी देने के दिखा रहे हो। पीएम मोदी की तरह आप भी बड़े झूठ बोल कर जनता को कब तक वरगलाएंगे।

सैनी साहब ने फरीदाबाद ही नहीं गुरुग्राम, हिसार, यमुनानगर और अंबाला में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का कार्य जल्द शुरू करवाने का भी दावा किया। सुधी पाठकों को याद दिला दें कि प्रधानमंत्री मोदी और पूर्व सीएम खट्टर ने चीन की कंपनी ईकोग्रीन को कूड़े से बिजली बनाने का ठेका दिया था। कंपनी ने न तो कभी कचरे से बिजली बनाने वाला प्लांट लगाया न ही मानकों का पालन किया, कचरे को रिसाइकिल करने के नाम पर बंधवाड़ी में करीब 13 लाख टन कचरा डंप कर दिया। कंपनी डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए घरों से तो शुल्क वसूलती ही थी, बंधवाड़ी तक पहुंचाने के लिए एक हजार रुपये प्रति टन भाड़ा भी निगम से वसूलती थी।

शर्तों के अनुसार यह भुगतान तब किया जाना था जब कंपनी कचरे से बिजली बनाती लेकिन कंपनी को खट्टर का संघी दोस्त अग्रवाल परिवार चला रहा था तो बिना शर्तें पूरी किए भुगतान होता रहा। आखिर में बिना कोई जुर्माना लगाए खट्टर साहब ने जाते जाते कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर दिया। आठ साल में खट्टर साहब तो फरीदाबाद-गुडग़ांव में कूड़े से बिजली नहीं बनवा पाए, अब सैनी साहब चार चार शहरों में प्लांट लगाने का दावा कर रहे हैं।

शहरी क्षेत्र में मुफ्त वाईफाई सुविधा भी देने की घोषणा की है। ये सारी लुभावनी घोषणाएं भी स्मार्ट सिटी, स्वच्छ भारत अभियान, आयुष्मान योजना आदि की तरह जनता के धन की लूट की योजनाएं न बन कर रह जाएं। संदर्भवश बता दें मोदी-खट्टर-सैनी सरकारें लगातार कर्ज लेकर देश और प्रदेश की जनता का आर्थिक बोझ बढ़ा रहे हैं। हरियाणा सरकार के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2014-15 में जब खट्टर ने सीएम पद संभाला था उस समय प्रदेश पर 70 हजार 925 करोड़ रुपये कर्ज था। इसके बाद से लगातार बढ़ता गया, कैग रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022-23 में कर्ज 2 लाख 68 हजार करोड़ रुपये पहुंच गया जो राज्य की जीडीपी का लगभग तीस फीसदी था।

सीएम सैनी भी कर्ज लेने में पीछे नहीं हैं और वर्ष 2025-26 में 3 लाख 91 हजार करोड़ से अधिक कर्ज और देयताएं हो चुकी थीं, राज्य के नवीनतम बजट अनुमान में कर्ज का आंकड़ा 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, यानी बीते लगभग दस साल में पांच गुना कर्ज लिया गया। चिंता की बात है कि यह कर्ज प्रदेश के औद्योगिक विकास, आधारभूत सुविधाएं देने या युवा पीढ़ी को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के बजाय मुफ्त वाईफाई, पार्कों में म्यूजिकल फाउंटेन, लेजर लाइट डिस्प्ले आदि कार्यों पर खर्च किए गए जबकि जनता शिक्षा व स्वास्थ्य, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को तरस रही है। टूटी सडक़ें, जलभराव, सीवरओवर फ़्लो जैसी समस्याओं से जूझ रही है। सैनी साहब ये आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का रोडमैप देने के बजाय सरकारी योजनाओं की जानकारी आम जन तक पहुंचाने के लिए शहरी क्षेत्रों में बहुभाषी टच स्क्रीन लगवाने में करोड़ों रुपये

खर्च करेंगे यानी जमीनी जरूरतों को छोडक़र आसमान में दिखावे के महल बनाएंगे।

खट्टर-मोदी तो पिछले बारह साल से फरीदाबाद से गुडग़ांव और फरीदाबाद से पलवल मैट्रो चलवाने में जुटे हैं। सैनी भी रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम और मैट्रो चलवाने का झुनझुना बजा रहे हैं। अब राम मंदिर चोरी का मामला छिड़ा हुआ है। ऐसे में भाजपा सरकार की छवि चमकाने के लिए सीएम सैनी ने हरियाणा विजन 2047 का सुनहरा सपना दिखाया है, सच्चाई यह है कि विकसित बनने की पहली शर्त कर्ज मुक्त और आत्मनिर्भर होना है जिसमें फिलहाल मोदी-सैनी बुरी तरह फ़्लॉप नजर आते हैं, ऐसे में सैनी की इन घोषणाओं को नया जुमला ही मानने में कोई हर्ज नहीं है।

 

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Mazdoor Morcha
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