विज्ञापन घोटाला खोलने के लिए निगम सचिव जयदीप कुमार पर ही गाज गिरी है ऐसा नहीं है, इससे पहले अतिरिक्त निगम आयुक्त इंद्रजीत कुलेरिया को भी इसी मामले में दरकिनार किया जा चुका है। इंद्रजीत कुलेरिया ने भी इस मामले में जांच कर दो करोड़ 23 लाख 45 हजार 698 रुपये वसूले जाने की रिपोर्ट तैयार की थी। इस रिपोर्ट को तत्कालीन निगमायुक्त ने चार अप्रैल 2022 को मंजूरी दे दी थी। तब भी विज्ञापन शाखा के एसई ओमबीर, ईएक्सईएन पद्मभूषण, एई विनोद सिंह और जेई दिनेश सिंह ने रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर ठेकेदारों से की जाने वाली वसूली रोकने का खेल खेला था। इंद्रजीत कुलेरिया ने उनके सवालों के जवाब के साथ सभी जरूरी दस्तावेज भी जमा कर दिए थे। फिर से फंसता देख इन हरामखोर अधिकारियों ने आपत्ति लगाई के एएमसी ने इस संबंध में स्टीयरिंग कमेटी की रिपोर्ट नहीं पढ़ी है। इस पर एएमसी कुलेरिया ने 5 दिसंबर 2022 को सीधे आरोप लगाया था कि ये भ्रष्ट अधिकारी अपने गलत कामों को छिपाने के लिए गलत बहाने बना रहे हैं साथ ही निगमायुक्त से इसकी दोबारा जांच कराने की सिफारिश की थी। तत्कालीन निगमायुक्त 27 जनवरी 2023 को एसीएमसी को री इंक्वायरी के आदेश दिए थे। एसीएमसी ने पूछताछ करने के लिए 17 मार्च 2023 को जांच बैठक बुलाई लेकिन आज तक न तो वो बैठक हुई और न कोई कार्रवाई। हां ये जरूर हुआ कि इंद्रजीत कुलेरिया की विस्तृत रिपोर्ट भी निगम के रिकॉर्ड से गायब कर दी गई।