फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बेटी के सुसरालियों को जबरन धोखाधड़ी के केस में फंसाने के लिए प्रॉपर्टी दलाल, धर्म के ठेकेदार और भाजपा नेता राजेश भाटिया ने कोतवाली थानाध्यक्ष श्रीभगवान को पांच हजार रुपये की ऑनलाइन रिश्वत दे दी। जानकारों के अनुसार शातिर राजेश भाटिया ने यह चाल थानाध्यक्ष को फंसाने के लिए चली थी लेकिन दांव उल्टा पड़ गया, थानाध्यक्ष ने राजेश भाटिया, बेटी उचिका भाटिया और बेटे मोक्षित के खिलाफ सरकारी अधिकारी को रिश्वत देने का केस दर्ज कर दिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए राजेश भाटिया ने बेटी की ओर से कोर्ट में अग्रिम जमानत की अपील की लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंदर कुमार ने खारिज कर दिया।
राजेश भाटिया की बेटी उचिका भाटिया की शादी मुरादाबाद निवासी रितुल भंडूला से दिसंबर 2020 में हुई थी। उचिका ने पति रितुल, सास-ससुर और जेठ-जेठानी के खिलाफ दहेज में एक करोड़ की डिमांड करने, उत्पीडऩ, जान से मारने की धमकी, रिवाल्वर दिखा कर डराने, धोखाधड़ी कर उसके बैंक खाते से करीब पचास लाख रुपये निकालने का आरोप लगाते हुए जुलाई 2025 को डीसीपी एनआईटी को शिकायती पत्र दिया था, उसमें सबके नाम लिखे थे। डीसीपी के आदेश पर 30 जुलाई 2025 को कोतवाली में केस दर्ज कर मामले की जांच महिला सब इंस्पेक्टर सरोज को सौंपी गई। महिला एसआई ने उचिका और ससुराली पक्ष को बुलाकर काउंसलिंग व जांच की। पुलिस के अनुसार जांच में उचिका द्वारा सास-ससुर, जेठ-जेठानी और रितुल की महिला मित्रों से अनैतिक संबंधों के ठोस प्रमाण नहीं मिले। जांच में यह भी पाया कि उचिका ने ही चेक पर हस्ताक्षर कर पचास लाख रुपये निकलवाए थे। रितुल को पत्नी के साथ मारपीट, दहेज उत्पीडऩ का दोषी मानते हुए उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच चल रही थी।
दामाद और ससुरालियों को धोखाधड़ी के केस में उलझाने का षणयंत्र रच रहा राजेश भाटिया 12 जनवरी 2026 को बेटी उचिका, बेटे मोक्षित के साथ कोतवाली पहुंचा। यहां इन लोगों ने एसएचओ श्रीभगवान पर दबाव बनाया कि वह चेक में उचिका के फर्जी हस्ताक्षर दिखा कर आरोपी ससुरालियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा जोड़ दे। एसएचओ ने महिला एसआई सरोज को बुलाया, उसने जांच में ऐसा तथ्य आने पर सुसंगत धाराएं जोडऩे और कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। फर्जीवाड़ा करवाने को आतुर राजेश भाटिया ने धाराएं जोडऩे के लिए एसएचओ को रिश्वत प्रस्ताव दिया लेकिन श्रीभगवान ने सख्ती से मना कर दिया। रात में श्रीभगवान ने अपना मोबाइल चेक किया तो उनके खाते में उचिका भाटिया द्वारा पांच हजार रुपये ऑनलाइन जमा करवाने का मैसेज प्राप्त हुआ। जानकार बताते हैं कि यह राजेश भाटिया की चाल थी, यदि एसएचओ रिश्वत की रकम रख लेते तो बाद में भाटिया उन्हें रिश्वत खाने के नाम पर ब्लैकमेल कर बेटी के ससुरालियों के खिलाफ मनमर्जी की धाराएं जुड़वाता। एसएचओ ने ऑनलाइन रिश्वत दिए जाने की जानकारी आला अधिकारियों को दी और उनके आदेश पर पिता और बेटी-बेटे के खिलाफ सामान्य आशय से लोकसेवक को रिश्वत देने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद आरोपी पिता, पुत्र-पुत्री गिरफ्तारी से बचने के लिए भागते घूम रहे हैं।
चोरी गया मुकुट तो नकली निकला एनआईटी एक हनुमान मंदिर का सारा प्रबंधन भाजपा नेता राजेश भाटिया के ही हाथ में है। बीती 9 जनवरी को इस मंदिर में हनुमान मूर्ति से चार किलोग्राम चांदी का मुकुट चोरी हो गया था। चोरी की घटना सीसीटीवी फुटेज में दर्ज हो गई थी। जानकार बताते हैं कि बीते दिनों सीआईए ने चोर को पकड़ लिया, चोर ने बताया कि मुकुट तो नकली निकला, वह जहां भी बेचने गया सुनार ने जांच कर बताया कि पीतल पर चांदी का पानी चढ़ा हुआ है और कोई भी दो सौ रुपये तक में लेने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस ने चोरी का मुकुट भी बरामद कर लिया। सवाल यह उठता है कि यदि चोरी किया गया मुकुट नकली था तो हनुमान मूर्ति पर चढ़ाया गया चार किलोग्राम असली चांदी का मुकुट कहां गया। माना जा सकता है कि असली मुकुट मंदिर प्रबंधन द्वारा ही दायें-बांए किया गया होगा, यानी शक की सीधी सुई अब राजेश भाटिया और उनके प्रबंधन पर है। बताया जा रहा है कि बदनामी के डर से बीते दिनों राजेश भाटिया ने चार किलोग्राम चांदी का मुकुट हनुमान मूर्ति पर चढ़ाया। होना तो यह चाहिए था कि सीआईए जांच करती कि असली मुकुट कहां गया, किसने मूर्ति से हटाकर नकली मुकुट पहनाया लेकिन मामला भाजपा नेता से संबंधित और धार्मिक होने के कारण लगता है कि पुलिस भी चोर को पकड़ कर केस की इतिश्री करने वाली है।