अरावली पर न्यायालय का निर्णय पढ़ कर उपजी कविता

अरावली पर न्यायालय का निर्णय पढ़ कर उपजी कविता
February 11 14:15 2026

डॉ. रामवीर 
ये अरावली बेच देंगे
बेच देंगे ये समन्दर
बेचने का मिशन लेकर
आए हैं सत्ता के अन्दर।

ये हैं सौदागर पुराने
बेचने में ही धुरन्धर
जो बिके वो बेच देते
ऐसे व्यापारी भयंकर।

बेचने तक ही नहीं ये
खुद भी बिकने को हैं तत्पर
ये स्वयं को बेच देंगे
माल मोटा मिलता हो गर।

अपनी अन्तरात्मा भी
बेचने से जो न माने
प्राकृतिक संसाधनों के
वे क्या जानें क्या हैं माने।

इनको मोनेटाइजेशन
का है ऐसा पक्का पैशन
पैसा बनता हो तो चाहे
भाड़ में ही जाए नेशन।

पैसा चाहे जैसा भी हो
तनिक न लेने से गुरेज
अन्य दल के भ्रष्ट नेता
भी किए जाते परचेज।

हो रहा जलवायु दूषित
सांस लेना भी है दूभर
प्राथमिकता में परन्तु
पैसा ही है सबसे ऊपर।

अंग्रेजो भारत छोड़ो का
जब चल रहा था आन्दोलन
तब संघी अंंग्रेजों की ही
आज्ञा का कर रहे थे पालन।

जिनका ऐसा है इतिहास
उनसे देशभक्ति की आस
रखना लगता जैसे करना
देशभक्ति का ही उपहास।

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Mazdoor Morcha
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