डॉ. रामवीर अमृत काल में कुछ लोगों की इतनी कम हो गई बिनाई जो हो रहा है खुल्लम-खुल्ला वो भी देता नहीं दिखाई।
न्यायालय में न्याय न मिलता विद्यालय से विद्या गायब नेताओं ने राजनीति को बना दिया है एक तवायफ।
जो मंचों से ऊंचे स्वर में बड़ी-बड़ी करते हैं बातें वो घर में नहीं ओवाईओ में देखे गए बिताते रातें।
बड़े लोग हैं बड़े लोगों की बड़ी-बड़ी ही होती बातें छोटे अपराधी फंस जाते बड़े बड़े साफ बच जाते।
देशभक्ति औ राष्ट्रवाद के बने हुए हैं जो ध्वजवाहक उनकी जन्म कुंडली कहती वे ही हैं असली नालायक।
अंग्रेजो भारत छोड़ो का गूंज रहा था देश में नारा इनके पुरखे तब गोरों का बने हुए थे ठोस सहारा।
आज देश में कौन है ऐसा जिसका जीवन हो आदर्श दुराचार के दोषी बाबा करते मिथ्या धर्म विमर्श।