फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) शहर के सारन चौक स्थित पार्क में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर यानी डिलीवरी हट बीते रविवार को शादी घर बना दिया गया। दरअसल, यह सब पहली बार विधायक बने सतीश फागना के इशारे पर हुआ है। कुछ दिन पहले उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का दौरा किया था, तब उन्होंने इसे सामुदायिक केंद्र की जगह बताते हुए ये सरकारी अस्पताल यहां से हटाने का फरमान सुनाया था। फरमान तो हवा हवाई रहा यानी न स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल हटाने के लिए लिखा गया न ही निगम अधिकारियों ने अस्पताल शिफ्ट करने की कोई तैयारी की। बावजूद इसके बीते रविवार को अस्पताल परिसर में शामियाना, पंडाल ताना गया, गाजा बाजा, डीजे का इंतजाम किया गया। अस्पताल परिसर में शादी की अनुमति किसने दी इस पर कोई बोलने को तैयार नहीं हैं। अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि वो रविवार को छुट्टी पर थे।
रात में स्टाफ ने उन्हें परिसर में शादी के आयोजन की सूचना दी, इस पर उन्होंने तत्काल स्वास्थ्य विभाग और आला अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। सवाल यह है कि शादी के लिए शामियाना रविवार रात को तो तान नहीं दिया गया होगा, इसकी तैयारी एक दो दिन पहले से होती है, तब अस्पताल के कर्मचारियों और अधिकारियों ने रोका क्यों नहीं। विधायक से पंगा लेने की हिम्मत कोई सरकारी अधिकारी क्यों करे, जब विधायक ही अपनी सरकार की ऐसी तैसी करने में लगा हो तो कोई क्या कर सकता है। जानकारों के अनुसार विधायक सतीश फागना ने सामुदायिक भवन बता कर इस सरकारी अस्पताल को दूसरी जगह शिफ्ट करने का हवा-हवाई फरमान सुनाया था। बेचैनी इतनी कि अस्पताल को सारन स्थित नगर निगम दफ्तर परिसर में शिफ्ट कराने के लिए तुरंत ही वहां के चार कमरे भी दिखा डाले।
कमरों की हालत खराब थी इसलिए यहां अस्पताल शिफ्ट किए जाने में असमर्थता जता दी और लौट गए। विधायक ने कमरों का रेनोवेशन कराने का हवा हवाई आश्वासन दिया। कमरों का रेनोवेशन तो हुआ नहीं लेकिन अस्पताल में शादी का पंडाल तान दिया गया। पाठकों को बता दें कि इस आयुष्मान आरोग्य मंदिर जो पहले डिलीवरी हट के नाम से जाना जाता था, में डिलीवरी सहित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण आदि की सुविधाएं हैं। चौबीस घंटे सेवाएं देने के लिए यहां एक मेडिकल ऑफिसर, एक फार्मासिस्ट, एक लैब टेक्नीशियन, चार नर्सिंग ऑफिसर, चार एएनएम, एक अकाउंटेंट, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, एक सफाईकर्मी तथा टीबी दवा वितरण स्टाफ तैनात है। इसके अतिरिक्त समय-समय पर प्रशिक्षण स्टाफ भी आता है। लोगों के अनुसार इस हेल्थ सेंटर पर वर्षों से 24 घंटे प्रसव की सुविधा उपलब्ध है और आसपास की बड़ी आबादी की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं यहां से पूरी होती हैं। सरकारी परिसर मेंं पंडाल लगाने की हिम्मत कोई आम आदमी कर ही नहीं सकता। समझा जा सकता है कि यह कार्यक्रम विधायक सतीश फागना के इशारे पर उसकी दरी बिछाने वाले, जयकारे लगाने वाले किसी भाजपा कार्यकर्ता का होगा।
शादी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हों तो हुआ करें, गर्भवती महिलाओं को प्रसव के बिना ही यहां से भगा दिया जाए इससे विधायक और उनके लगुए भगुओं को कोई सरोकार नहीं है। वैसे भी इनका इस तरह करना बनता है क्योंकि इसी जनता ने उन्हें वोट देकर जिताया है। सत्ता हासिल होने पर ये लोग जनता का शोषण करने वाले शासक बन चुके हैं, लानत है ऐसे जन प्रतिनिधि पर जो जनता को मिल रही छोटी मोटी सुविधाओं में भी डकैती मारने से नहीं चूकते।