फऱ़ीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) फॉरेक्स ट्रेडिंग, रियल एस्टेट कारोबार में निवेश कर 18 महीने में रुपये दोगुने करने का झांसा देकर अनेकों लोगों से करीब बीस करोड़ रुपये ठगने वाले विशंबर सिंघानिया के खिलाफ आखिरकार सेक्टर 17 थाने में केस दर्ज हो गया। ठग ने फऱीदाबाद में तो पुलिस को संभाल रखा था इसलिए पीडि़तों को इकोनॉमिक अफेंस विंग, क्राइम ब्रांच, मंदिर मार्ग, डीसीपी दिल्ली के यहां शिकायत देनी पड़ी। डीसीपी दिल्ली कार्यालय से रजिस्टर्ड डाक द्वारा शिकायत भेजे जाने पर न चाहते हुए भी फरीदाबाद पुलिस को मजबूरी में केस दर्ज करना ही पड़ा। जो केस रोते पीटते दर्ज किया गया हो उसकी तफ्तीश कैसी होगी यह समझा जा सकता है। केस तो दर्ज हो गया लेकिन पैसा खिलाकर आजाद घूम रहे आरोपी की गिरफ़्तारी कब होगी, यह सवाल है, हालांकि पुलिस तफ़्तीश करने और जल्द गिरफ़्तार करने का दावा कर रही है।
ठगी का शिकार हूडा कॉलोनी निवासी विमलजीत के अनुसार विशंबर लाल ने लोगों से पैसा निकलवाने के लिए मेसर्स सिंघानिया इंटरप्राइजेज, वल्र्ड फॉरेक्स ट्रेड फार्म आदि नाम से ओल्ड फरीदाबाद और डबुआ में कार्यालय खोले थे। वह लोगों को प्रतिमाह 10 से 18 प्रतिशत रिटर्न का झांसा देकर उनसे मोटी रकम ऐंठता। एक दो महीने तक कुछ रुपये देकर विश्वास जमाता और दूसरों से निवेश करवाने को कहता। इस तरह उसने सैकड़ों लोगों के करीब बीस करोड़ रुपये हड़प लिए और फिर कार्यालय व फोन बंद कर गायब हो गया।
पीडि़तों ने अक्तूबर से दिसंबर 2024 के बीच पुलिस में कई बार शिकायत की लेकिन आरोपी का पता नहीं होने की बात कह लौटा दिया जाता। खोजबीन की तो पता चला कि विशंबर समृद्धि अपार्टमेंट सेक्टर 89 में रह रहा है। इसके बाद शिकायत की गई तो पुलिस ने मामला आर्थिक अपराध बता ईओडब्ल्यू शाखा में शिकायत देने को कह टरका दिया था। 19 नवंबर को विमलजीत ने ईओडब्ल्यू में शिकायत दी तो वहां भी पहले तफ्तीश करने की बात कह बिना केस दर्ज किए लौटा दिया गया था। ठगी के शिकार लोगों की जानकारी मज़दूर मोर्चा को हुई तो 14-21 दिसंबर 2024 अंक में खुलेआम ठगी करने वाले विशंबर दयाल को नहीं पकड़ रही पुलिस शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था, बावजूद इसके शहर की पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। विशंबर की ठगी का शिकार करीब 20 लोग एक दूसरे से मिले और ठग के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करने का निर्णय लिया। इसके बाद दिल्ली निवासी राकेश कुमार की अगुआई में रोहित, रविंद्र कुमार, अनिता देवी, भावना, विनोद कुमार, कविता गौतम, कमल कुमार, श्रीपाल सिंह, भूपेंद्र कुमार, नवीन कुमार, ओमवती, प्रीति, मीनाक्षी, मीनरा, रेणू पत्नी अनिल, रेणू पत्नी मोहित, दीपक, पारुल, लखन सिंह आदि ने ईओडब्ल्यू, क्राइम ब्रांच डीसीपी दिल्ली में इकट्ठा शिकायतें दी।
पीडि़तों के अनुसार विशंबर ने उन लोगों से 2 करोड़ 39 लाख 55 हजार रुपये हड़पे हैं। डीसीपी के पत्र पर सेक्टर 17 थाने में विशंबर उसके साथी दीपक व नरेंदर के खिलाफ दि हरियाणा प्रोटेक्शन ऑफ इंट्रेस्ट ऑफ डिपोजिटर्स इन फाइनेंशियल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2013 (हरियाणा एक्ट नं.32 ऑफ 2014) व आईपीसी की धारा 406, 420 व 120 बी के तहत केस दर्ज किया है। एसएचओ सेक्टर 17 कुलदीप दहिया ने बताया कि तफ़्तीश की जा रही है जल्द ही आरोपियों को गिरफ़्तार किया जाएगा।