शहर को गैस चेंबर बना कर होश आया सरकार को

शहर को गैस चेंबर बना कर होश आया सरकार को
February 13 07:28 2026

फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बीते बीसियों वर्ष से लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण ने आम जनता का जीना हराम कर रखा है। लोग तरह-तरह की श्वास सम्बंधी रोगों से ग्रस्त होकर, इलाज पर भारी खर्च करने के बावजूद जीवन के कई वर्ष घटाने को मजबूर हैं। प्रदूषण से निपटने के नाम पर सरकार असली कोई काम करने की बजाय तरह-तरह की नौटंकियां करने में जुटी है। कभी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कभी एनजीटी का गठन, तो कभी प्रदूषण टैक्स लगा कर वसूली करने का धंधा चलाती है। दिखावे के तौर पर ग्रैप लागू करने तथा सड़कों पर पानी छिड़कने की घोषणा करती है जो केवल कागजों तक ही सीमित रहती हैं।

‘मज़दूर मोर्चा’ पहले दिन से ही लिखता आ रहा है कि जब तक सड़कों के किनारे कच्चे रहेंगे और सड़कों में गड्ढे बने रहेंगे तब तक धूल का उडऩा रोका नहीं जा सकता। यही छोटी सी बात, लगता है अब सरकार की समझ में आ गई है। इसे लेकर घोषणा तो कर दी गई है कि सड़कों के किनारे की धूल-मिट्टी हटा कर हरियाली की जाएगी, अमल कितना व कब होगा, समय बताएगा। सड़कों पर लगने वाले जाम से जो धुआं उड़ता है उसे रोकने का कोई गम्भीर प्रयास कहीं नजर नहीं आ रहा। शहर भर की अत्यधिक चौड़ी सड़कों पर दुकानदारों के सामान रखने व पार्किंग के चलते बमुश्किल एक चौथाई सड़क ही चलने को बचती है, जिसके कारण लगने वाले जाम से वाहन खड़े-खड़े धुआं उगलने को मजबूर होते हैं। चौराहों व तिराहों पर स्लिप रोड बनाने पर कोई लम्बा-चौड़ा खर्चा नहीं आता लेकिन इससे वाहनों के जाम को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है। इसका उदाहरण नीलम फ्लाई ओवर से अजरौंदा की तरफ उतरने वाली सड़क पर देखा जा सकता है। जबसे दिल्ली की ओर जाने वाले ट्रैफिक को स्लिप रोड उपलब्ध कराई है तब से यहां जाम लगना समाप्त सा हो चुका है। इसी तरह की अक्लमंदी हर चौराहे व तिराहे पर किए जाने से, काफी हद तक जाम से छुटकारा मिल सकता है। लगता है कि यह बात प्रशासन की समझ में आने लगी है इसलिए इस तरह की स्लिप रोड प्रत्येक चौराहे-तिराहे पर बनाने की घोषणा तो की जा रही है, फलीभूत कब होगी कोई नहीं जानता।

पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ तथा घर-घर व हर फैक्टरी से कूड़ा-कचरा उठाने का जो ढोल लगातार पीटा जा रहा है, उसके लिए सरकार को शर्म भी नहीं आती। विदित है सरकार द्वारा स्थापित किसी भी नगर निकाय का यह प्रथम दायित्व होता है कि वह अपने नागरिकों के लिए फुटपाथ जैसी आवश्यक सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ कूड़ा-कचरा उठाने का काम भी करे। इस शहर में पचासों साल से भारी-भरकम नगर निकाय कायम होने के बावजूद अभी तक उक्त कामों को करने की घोषणाएं ही हो रही हैं।

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