फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) वर्ष 2014 में प्रति वर्ष दो करोड़ नौकरियां देने, हर व्यक्ति को 15 लाख रुपए देने, पेट्रोल 35 रुपए प्रति लीटर बेचने, महंगाई घटाने, अपराध समाप्त करने तथा अच्छे दिन लाने के वायदे के साथ आई मोदी सरकार को रंग बदलने में गिरगिट से भी कम समय लगा। इन सब वायदों को भुलाने के लिए मोदी सरकार ने जनता को धर्म की अफीम खिलाने का कार्यक्रम बड़े पैमाने पर चालू कर दिया। पुराने स्थापित एवं घोषित बलात्कारी हत्यारे बाबे कम पडऩे लगे तो नए-नए बाबों को मैदान में उतारा जाने लगा।
इसी शृंखला में नये नवेले बाबा धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को मैदान में उतारा गया है। अन्य बाबों की तरह इसका काम भी जनता में अन्धविश्वास फैलाना है। इसका स्थायी ठिकाना बागेश्वरधाम मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में गढ़ा गांव में स्थित है। जहां एक प्रसिद्ध (बालाजी) मंदिर है। अपने धाम पर आने वाले अन्धभक्तों को मूर्ख बनाने के लिए इसने प्रपंच का पूरा जाल फैला रखा है। उनसे प्रश्न लिखी पर्ची लेकर उत्तर देने का पाखंड किया जाता है। इस पर्ची के भी बाकायदा बाबा द्वारा पैसे वसूले जाते हैं। ज्यादा पैसे देने पर उसका नम्बर जल्दी और कम देने वाले का पेंडिंग में डाल दिया जाता है। बाबा द्वारा गलत उत्तर देने पर उल्टे, ठगे गए भक्त को ही हड़का कर भगा दिया जाता है।
भाजपा की हिन्दू-मुस्लिम वाली राजनीति को बढ़ावा देने में यह पाखंडी भाजपा सरकार के लिए का$फी संतोषजनक कार्य कर रहा है। इसी नीति के तहत हिन्दुत्व को बढ़ावा देते हुए इस बाबा द्वारा मुसलमानों के विरुद्ध खुलकर जहर उगला जाता है। इतने काम के बाबा का मान सम्मान बढ़ाने एवं जनता में उसकी मान्यता बढ़ाने के लिए भाजपाई मंत्री बड़े पैमाने पर उसके यहां मत्था टेकने जाते रहते हैं। जाहिर है जब मुख्यमंत्री, तथा प्रधानमंत्री स्तर के लोग इसके यहां मत्था टेकेंगे तो जनता को पागल होना तो स्वाभाविक ही है।
इसी प्रचार को बढ़ाने के लिए बाबा समय-समय पर यहां-वहां पदयात्राएं निकालने का ढोंग बिखेरता रहता है। यही ढोंग बिखेरने के लिए सात नवम्बर को छतरपुर दिल्ली से लेकर 16 नवम्बर का समापन वृंदावन में होगा। प्रशासन द्वारा जारी घोषणा के अनुसार पदयात्रा दिनांक सात नवम्बर को श्री कात्यायनी मंदिर, छतरपुर दिल्ली से चलकर आठ को प्रात: काल मांगर कट से $फरीदाबाद-गुडग़ांव मार्ग से $फरीदाबाद एनआईटी दशहरा ग्राऊंड में प्रवेश करेगी। 9 तारीख को यहां से चल कर सेक्टर 22-23 होते हुए सोहना रोड के रास्ते बल्लबगढ़ अनाज मंडी पहुंचेगी। 10 तारीख को यह पदयात्रा सीकरी से प्रस्थान कर पलवल होते हुए 12 नवम्बर को होडल के अनाजमंडी पहुंचेगी। इस बीच रास्ते में अनेकों पड़ावों पर यात्रा विश्राम आदि करेगी। होडल से चलकर दिनांक 16 नवम्बर को वृंदावन में समापन होगा।
इस दौरान फरीदाबाद व पलवल जिलों का पूरा प्रशासन इसकी सेवा में हाजिर रहेगा। इसकी तमाम सुख-सुविधाओं का ध्यान रखना प्रशासन का मुख्य दायित्व रहेगा। डॉक्टरों सहित एम्बुलेंस व दमकल गाड़ी तथा अन्य सुरक्षा प्रबन्ध, इसके लिए विशेषतौर पर किए जाएंगे। जाहिर है कि इस दौरान सड़कों पर चलने वाले आम यातायात को पुलिस द्वारा ठप कर दिया जाएगा। इस बाबत पुलिस ने बाकायदा एक एडवाइजरी बताकर हुक्मनामा जारी किया है। समझा जा सकता है कि इस पुलिसिया हुक्मनामे के कारण सड़कों पर चलने वाले यातायात की क्या दुर्दशा होने वाली है। सरकारी भोपूओं द्वारा इस यात्रा का मकसद सनातन धर्म की रक्षा बताया गया है। इसके द्वारा जनता में सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने की बात कही जा रही है। समझने वाली बात यह है कि सैंकड़ों हजारों साल पुराने बताए जाने वाले सनातन धर्म को अब यकायक कहां से और क्या खतरा पैदा होने लगा है? इससे भी बड़ी बात यह है कि इस तरह की यात्राबाजी से उनके तथाकथित धर्म को क्या लाभ होने वाला है? यदि ऐसी यात्राओं से ही लाभ होना है और उससे देश विश्वगुरू बनने वाला है तो तमाम काम-काज छोड़ कर पूरे देश को हर समय ऐसी यात्राओं में लगा दिया जाना चाहिए।