अश्विनी राहर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक Executive Order के द्वारा भारत पर 27 अगस्त से 50% Tarrif लगाने की घोषणा कर दी है . इसमें भारत पर पहले से जो Tarrif लग रहा था वो अलग से है तथा इसके अलावा भारत पर Pannality लगेगी, वो अलग से. अगर कोई भाई दुनिया की Economy को सही ढंग से जानते हैं उन्हें अच्छी तरह से पता है कि – बकचौदी कुछ और होती है और धरातलीय सच्चाई कुछ और होती है . दुनिया में अमेरिका ही एक ऐसा देश था जहां भारत Surplus में Trade करता है . बाकी दुनिया के हर देश के साथ भारत घाटे में व्यापार करता है मतलब भारत अमेरिका को निर्यात ज्यादा करता है और अमेरिका से आयात कम करता है जबकि बाकी दुनिया के सभी देशों से भारत आयात ज्यादा करता है और निर्यात कम करता है . चीन के साथ तो भारत का आयात और निर्यात एक तरफा है . भारत चीन को सिर्फ 20 प्रतिशत सामान निर्यात करता है जबकि आयात 80 प्रतिशत करता है.
अब जिन भाईयों को यह बहम है कि – फकीरा यह कर देगा और फकीरा वह कर देगा . फकीरा कुछ भी नहीं कर सकता है . भारतीय अर्थव्यवस्था अमेरिका के बगैर Servive ही नहीं कर सकती है . अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की सत्ता को 21 दिन का समय दिया है और मैं 101 प्रतिशत गारंटी देता हूं कि – फकीरा अगले 21 दिन से पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पांवों में दंडवत लेट जाएगा. रह गई बात भारत की रूस से तेल खरीदने की तो रूस से ज्यादातर तेल अंबानी की कंपनी Reliance खरीदती है और फिर उसे Refined करके दुनिया के दूसरे देशों को मोटे मुनाफे पर बेच देती है . जबकि यह सस्ते तेल का समझौता दो देशों ( भारत और रूस ) के बीच हुआ था और इसका सबसे ज्यादा फायदा एक गुजराती व्यापारी अंबानी उठा रहा है . भारत की PCL, IOC जैसी कंपनियां भी रूस से सस्ता तेल खरीद रही हैं लेकिन वो भी मोटा मुनाफा कमा रही हैं लेकिन जनता को वही 95 रूपए लीटर पेट्रोल बेचा जा रहा है . ये कंपनियां उस सस्ते तेल से कमाई का सारा पैसा भारत सरकार को हर साल Dividends के नाम पर दे देती हैं .
रूस से तेल के खेल में भी भारत की आम जनता को निचोड़ा जा रहा है . अब गोदी मीडिया टेलीविजन चैनलों पर यह झूठा प्रोपगंडा फैलाएगा कि – फकीरे ने अमेरिका को लाल आंखें दिखा दी, इसलिए भारत पर 50 प्रतिशत Tarrif लगाया गया है . जबकि सच्चाई यह है कि – फकीरे की डोनाल्ड ट्रम्प से सीधा फोन पर बात करने की भी हैसियत नहीं है . आप मेरी बात को अपने जेहन और किसी किताब में लिख कर रख लो कि – 27 अगस्त से पहले-पहले फकीरा डोनाल्ड ट्रम्प के चरणों में शरणागत हो जाएगा , नहीं तो फिर फकीरे की कुर्सी के भी दिन आप यह समझ लो कि – गिनती के ही रह जाएंगे और फकीरा गद्दी छोडऩे का क्रद्बह्यद्म किसी भी कीमत पर नहीं उठा सकता है क्योंकि गद्दी छोड़ते ही फकीरा सीधा जेल में जाएगा और यह बात ही फकीरे को अंदर से कंपकंपी चढ़ा देती है .