हूडा की जमीनों पर अवैध कब्जे हैं अधिकारियों की बड़ी कमाई का ज़रिया

हूडा की जमीनों पर अवैध कब्जे हैं अधिकारियों की बड़ी कमाई का ज़रिया
July 18 17:06 2025

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) सरकार के भ्रष्ट विभागों में से एक हूडा के हरामखोर अधिकारी विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण करवा कर लाखों रुपये कमा रहे हैं। हूडा की जमीनों को किराए पर उठाने के लिए इन अधिकारियों ने बाकायदा एजेंट छोड़ रखे हैं जो इन दुकानों से वसूली कर अपना छोटा सा मेहनताना लेने के बाद बाकी इन अधिकारियों को पहुंचा देते हैं। इस मोटी कमाई के अलावा भवन कंप्लीशन, नक्शा पास करने आदि में भी जमकर लूट खसोट की जा रही है। सीएम सैनी के ‘भ्रष्टाचार मुक्त’ राज मेें हूडा के हरामखोर अधिकारी सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण और अवैध कब्जे हटाने से ज्यादा कब्जा करने वालों से वसूली करने में जुटे हैं। ताजा उदाहरण मेवला महाराजपुर गांव का है। यहां एक सप्ताह पहले हूडा एसडीओ राजपाल व जेई नरेश ने जोर शोर से प्राधिकरण की जमीन पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण हटाने मुनादी करवाई थी। सूत्र बताते हैं कि न तो राजपाल और न ही हूडा अधिकारियों की नीयत अतिक्रमण या कब्जे हटवाने की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालना हेतु अरावली में जो तोडफ़ोड़ की जा रही है, उसका डर दिखा कर अवैध कब्जाधारकों और अतिक्रमणकर्ताओं से वसूली की दर बढ़ाना था।

डुग्गी पिटवा कर दो दिन में जमीन खाली करने का आदेश दिया गया था। एक सप्ताह बीत चुका है कार्रवाई तो दूर दोबारा मुनादी भी नहीं करवाई गई। चर्चाओं के अनुसार मेवला के कुछ गूजर बिचौलिया बने और फिर जमीन के हिसाब से किराया तय हुआ जो यही दलाल वसूल कर एसडीओ राजपाल एंड कंपनी तक पहुंचाएंगे। चर्चा झूठ भी हो सकती है लेकिन मुनादी कराए जाने के बाद भी यदि हूडा की ओर से मेवला में अवैध कब्जे, अतिक्रमण नहीं हटवाए जाते तो मानने में हर्ज नहीं होना चाहिए कि डील हो चुकी है। मेवला गांव ही नहीं सेक्टरों में भी हूडा की ग्रीन बेल्ट, पब्लिक कॉरिडोर और खाली प्लॉट किराए पर दिए जा रहे हैं, जाहिर है अवैध कब्जों से वसूला जाने वाला यह अवैध किराया हूडा के खजाने में नहीं बल्कि अधिकारियों की जेब में जाता है। सेक्टर 15, 17, सेक्टर 21ए, 21 सी, 21 डी, मार्बल मार्केट, सेक्टर 46, सेक्टर नौ, सेक्टर दस की मार्केटों और ग्रीन बेल्टों में इन अधिकारियों की मेहरबानी से कराए गए अवैध कब्जे, दुकानें कहीं भी नजर आ जाते हैं। सेक्टर 21 ए में तो ग्रीन बेल्ट उजाड़ कर अवैध निर्माण कर डाला। सेक्टर नौ के मकान नंबर 460 के रसूखदार दबंग मालिक ने घर के बाहर सड़क तक करीब बारह फीट लंबा रैंप बना डाला। नक्शे का उल्लंघन करते हुए बाउंड्री के बाहर दरवाजे पर पक्का गार्ड रूम भी बनाया हुआ है।

अतिक्रमण और अवैध कब्जे के अलावा हरामखोर अधिकारी निर्माणाधीन भवनों को कंप्लीशन सर्टिफिेकेट बांट कर मोटी कमाई कर रहे हैं। बिल्डर अधूरी इमारत में ही कंप्लीशन सर्टिफिकेट हासिल कर लेता है उसके बाद फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) नियम को ताक पर रख कर पार्किंग आदि जगहों से मोटी कमाई करता है। इतना ही नहीं हूडा सूत्रों के अनुसार नौ मीटर चौड़ी सड़क पर चार मंजिल इमारत निर्माण प्रतिबंधित है। मिलीभगत से यहां तीन मंजिल का नक्शा पास किया जाता है और अधूरे निर्माण पर ही इमारत का कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी कर चौथी मंजिल का निर्माण किया जाता है। नक्शा तो स्टिल्ट प्लस तीन मंजिल का पास किया जाता है लेकिन बिल्डर स्टिल्ट पार्किंग को भी फ्लैट बनाकर खरीदारों को ठग रहे हैं, यह सारा काम हूडा अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है।
नियम तोड़ कर बनाए गए बिल्डर फ्लोर वाले फ्लैट हों या अन्य अवैध निर्माण एसडीओ राजपाल और जेई नरेश की मेहरबानी से बिल्डर बड़ी आसानी से ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) हासिल कर लेता है, जाहिर है कि यह मेहरबानी बिना हथेली गर्म किए नहीं की जाती। मोदी-सैनी की सदाचारी सरकारों में जब सभी विभाग राजनेताओं के संरक्षण में जम कर खा कमा रहे हैं तो हूडा के अधिकारी भी हराखोरी में पीछे कहां से रह सकते हैं। अधिकारियों को भी यह मालूम है कब्जे करवाओ और पैसा बनाओ, जब कभी सुप्रीम कोर्ट आदेश करेगा तब की तब देख लेंगे। इसका असर यह है कि हूडा के सभी सेक्टर और इलाकों में जमकर अतिक्रमण और अवैध कब्जे लगातार बढ़ रहे हैं।

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Mazdoor Morcha
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