नमक-लोटा अभियान से वार्ड-गांव होंगे नशा मुक्त : हरियाणा एनसीबी प्रमुख पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह

नमक-लोटा अभियान से वार्ड-गांव होंगे नशा मुक्त :  हरियाणा एनसीबी प्रमुख पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह
April 06 12:03 2025

करनाल। प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए हरियाणा स्टेट नाकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) प्रमुख पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन पंचकूला सेक्टर 6 में हुई बैठक में इस वर्ष प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए व नशा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई करने का संकल्प लिया गया।

एनसीबी प्रमुख ने नशे को खत्म करने के लिए जन आंदोलन तैयार करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने प्रिवेंंशन ऑफ इल्लिशिट ट्रैफिक इन नारकोटिक सब्टेंंस एक्ट (पीआईटी एनडीपीएस) के तहत आदतन नशा तस्करों की नजरबंदी, एनडीपीएस मामलों मे रिकवरी, नशा तस्कर की प्रॉपर्टी अटैच करने और कमर्शियल नशे के मामलों को बढ़ाने के निर्देेष दिए। सभी जिलों के संबंधित नोडल अधिकारियों, थाना अध्यक्षों और हरियाणा एनसीबी के इकाई प्रभारियों को कार्रवाई करने को पे्ररित किया गया। बताया कि नशा पीडि़तों की मदद करने और अपने क्षेत्र में ड्रग पैडलिंग की गतिविधियों के बारे में जनता से जानकारी एकत्र करने के लिए प्रदेश में टोल फ्री एंटी-ड्रग हेल्पलाइन नंबर 9050891508 पहले ही शुरू की जा चुकी है।

मीटिंग में सभी अधिकारियों को हरियाणा सरकार के “नशा मुक्त हरियाणा” एवं पुलिस महानिदेशक हरियाणा श्री शत्रुजीत कपूर के “नशा मुक्त वार्ड – नशा मुक्त गाँव” मिशन पर और बेहतर काम करने और प्रदेश को इस वर्ष के अंत तक नशा मुक्त करने के लिए सभी से आह्वान किया गया।

मीटिंग में हरियाणा एनसीबी प्रमुख ने सभी जिलों के एनडीपीएस केनोडल अधिकारियों, पुलिस विभाग के जनसंपर्क सुचना अधिकारी और हरियाणा एनसीबी के इकाई प्रभारियो को “नमक लोटा अभियान” को अपने अपने कार्यक्षेत्रों में साप्ताहिक तौर पर आयोजित करने के बारे में कहा गया था। उन्होंने कहा कि “नमक लोटा अभियान” में लोटे में गंगाजल और नमक लेकर समाज के लोग नशा न करने और नशे के खिलाफ आगामी पीढ़ी को जागरूक करने की कसम ली जाती है और उसे हर कीमत पर निभाया जाता है। यानी गांव में या समाज में अगर सामूहिक रूप से कसम ली गई है तो इसके व्यापक परिणाम सामने आते हैं। विदित है कि इस ऑनलाइन आंदोलन का प्रभाव प्रदेश के गांव व वार्ड तक पहुंंच गया है। इस आंदोलन में मीडिया के प्रभावशाली व्यक्ति वीडियो बनाकर आमजन को नशा छोडऩे और उससे दूर रहने का निवेदन कर उसे नशे की बुराइयों से अवगत कराते हैं।

अभियान के तहत गांव में नशीली दवाओं के तस्कर और उपभोक्ताओं की पहचान करने के बाद, उन्हें गांव में ही समुदाय, बुजुर्गों और पंडितों के सामने लाया जाएगा। सबके सामने उन्हें बताया जाएगा कि नशे से उन्हें, उनके परिवार और समुदाय को कितना नुकसान हो रहा है। एनसीबी प्रमुख का कहना है कि युवाओं को साइकोट्रोपकि ड्रग्स के नुकसान के बारे में बताने के साथ यह भी डर दिखाया जाएगा कि राज्य में नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जा रहा है। पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इस कारण से दर्जनों तस्कर जेल की हवा खा रहे हैं। एचएसएनसीबी प्रमुख पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम नमक लोटा अभियान, रामगुरूकुल गमन के साथ साथ प्रदेश सरकार भी नशे के खिलाफ अनेक योजनाएं चला रही है। सरकार ने मादक पदार्थों की लत के दुष्परिणामों और इसके बढ़ते प्रसार को संज्ञान में लिया है। इसलिए युवाओं और किशोरों को नशे से बचाने के लिए एक राज्य कार्य-योजना शुरू की गई है।

इस योजना के तीन पहलू हैं- जन जागरूकता अभियान, नशा मुक्ति और पुनर्वास व नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई। नशा मुक्ति व पुनर्वास के लिए प्रदेश में नशा मुक्ति केंद्र खोले गए हैं, वहीँ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी नशा मुक्ति वार्ड स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न सिविल अस्पतालों में नशा मुक्ति केंद्र बनाए गए हैं। नशा मुक्ति व पुनर्वास के लिए ग्राम व वार्ड स्तर से लेकर राज्य स्तर तक मिशन टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। यह व्यक्तियों, समुदायों और सरकारी निकायों की सक्रिय भागीदारी की मांग करता है। सहयोग, जागरूकता और प्रभावी पुनर्वास के माध्यम से हम समाज को नशा मुक्त बना सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया।

मीटिंग में सभी अधिकारियों व पुलिस इकाइयों को निर्देश दिए गए कि वो शहरों तक सीमित न रहें। नशे के नेक्सस को तोडऩे के लिए गांव तक पहुंचना होगा, इसके लिए प्रदेश भर के सरपंचो को भी जोडऩे की ज़रूरत है। लोगों से बात की जाए और देखा जाए कि नशे पर जमीनी स्थिति क्या है। अगर वहां कोई नशे से पीडि़त मिलता है तो उसे सभी प्रकार की सरकारी सहायता जरूर उपलब्ध करवाई जाए। नशे के उद्देश्य से उपयोग की जाने वाली दवाओं की अवैध बिक्री को रोकने के लिए राज्य के सभी केमिस्ट स्टोर के लिए एक मोबाइल ऐप ‘साथी’ तैयार किया गया है। एक अन्य मोबाइल ऐप ‘प्रयास’ का विकास किया गया है। इस ऐप में सभी नशा पीडि़तों का राज्यव्यापी डेटा तैयार किया जा रहा है और यह ऐप नशा तस्करों के बारे में जानकारी देने में भी मदद करेगा।

बच्चों और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के स्तर पर कार्यक्रम शुरू किये जाएंंगे। मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए हरियाणा में जिला, रेंज और राज्य स्तर पर एंटी नारकोटिक्स सेल स्थापित किए गए हैं। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को फार्मा कंपनियों के साथ मीटिंग कर विभिन्न प्रकार के ड्रग्स जैसे फार्मा और सिन्थेटिक ड्रग्स की जानकारी से अपडेट रहने को कहां। मीटिंग में हरियाणा एनसीबी के एसपी मोहित हांडा और श्रीमति पंखुरी कुमार, डीसीपी जगबीर सिंह, सतेंद्र कुमार, गजेन्द्र कुमार व जिला न्यायवादी महिपाल सिंह सांगवान सहित सभी यूनिट इंचार्ज आदि मौजूद रहे।

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Mazdoor Morcha
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