साहेब और सवाल

साहेब और सवाल
November 10 07:38 2024

रंजू राही
ऑटो रिक्शा में जो लाश पड़ी है किसकी है?
मेरे पिता की है साहब!

ऐसे सड़क पर ये कौन महिला बच्चा जन रही है?
मेरी पत्नी है साहब!

सड़कों पर खून सने तलवों के निशान किसके हैं?
मेरी बूढ़ी माँ के हैं साहब!

अरे रे, ये नाबालिग कौन है जो बैल के बदले जुत गया है?
मेरा इकलौता बेटा है साहब!

यह जो प्यासा मर गया है वो कौन है?
मेरा संघाती है साहब!

तुम कहाँ भागे जा रहे हो?
खाना लाने साहब!

तुम कौन हो भाई? ना हिन्दू ना मुसलमान
ना सिक्ख ना ईसाई अपने ही देश में
प्रवासी मजदूर हैं बहुत मजबूर हैं साहब!

और ये थकान से चूर कौन है जो भटक-भटक
चल रही है साथ में? ये मेरी मुनिया है साहब!

बस यही हमारी कहानी है
बदरंग दुनिया बीच साहब!

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Mazdoor Morcha
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