ईश्वर हरभगवान चावला

ईश्वर हरभगवान चावला
March 19 16:42 2023

ओ ईश्वर!
बहुत हुआ
अब नष्ट कर दो
दुनिया के तमाम पूजास्थल
तुम देखना
दुनिया बहुत सुखी हो जाएगी
और तुम भी।

ईश्वर-2
दिन-रात लाखों-लाखों
लोगों के द्वारा की जा रही
ख़ुशामद भरी प्रार्थनाओं से
तुम ऊबते नहीं हो?
ओ ईश्वर!
ख़ुशामदियों को गूँगा कर दो
देखना, कितने मज़े में रहते हो तुम।

ईश्वर-3
तुम अपने भक्तों की
दुआएँ क़ुबूल करते हो
उन्हें आशीर्वाद देते हो
अब बंद करो ये आशीर्वाद
तुम्हारे आशीर्वादों ने
संसार को नरक बना दिया है।

ईश्वर-4
ओ ईश्वर!
अपनी छतरी मुझे दे दो
मेरा वादा है
मैं उसे लपेटकर नहीं रखूँगा
तुम्हारी तरह
बल्कि दुनिया पर तान दूँगा
और बचाऊँगा उसे
धूप और बारिश से।

ईश्वर-5
बनी रहे पूजा की थाली
थाली में हल्दी, चंदन और सिंदूर
बचे रहें जग में पान, फूल और कपूर
सलामत रहे दियों में घी
बने रहें अभाव और वैभव एक साथ
कि एक के उन्मूलन
और दूसरे की सलामती के लिए
होती रहें सतत् प्रार्थनाएँ एक साथ
सलामत रहे हाथों में स्पंदन
हृदय में वासना
और मनों में अनिष्ट का भय
ताकि सलामत रहो तुम
सदा के लिए ओ ईश्वर!

ईश्वर-6
राजाओं को बाँध बनाने थे
कारख़ाने लगाने थे
उन्हें सडक़ें और नहरें बनानी थीं
उन्हें सबके लिए रोटी जुटानी थी
उनको बचाने थे पेड़-पौधे
वायु, जल और प्यार
पर तुम्हारे दूतों ने बनाए
भव्य पूजास्थल
भयावह अस्त्र-शस्त्र
वे लगातार बचाते रहे
मठाधीशों को
तुम्हें निर्बल जान ओ ईश्वर !
उन्होंने तुम्हारी रक्षा के लिए
विशाल सेनाएँ बनाईं
आश्चर्य है
इतने सारे रक्षकों के बीच
तुम अपने को अकेला पाते हो
और असहाय।

ईश्वर-7
धर्माचार्य फऱमाते हैं
मोह माया से दूर रहो
और हर रोज़ बढ़ती जाती है
उनके मठों और डेरों की सम्पत्ति
धर्माचार्य कहते हैं
झूठ है वह सब
जो तुम्हें दिखता है
सच वह है जो अदृश्य है
रिश्ते-नाते धोखा हैं
तुम्हारे दुश्मन हैं तुम्हारे बीवी-बच्चे
तुम्हें इस जग में ईश्वर ने भेजा है
तुम्हें जाना है ईश्वर के पास
दिन-रात उसी का नाम लो
एक बात बताओ ईश्वर
मैं आया हूँ तुम्हारे पास से
अंतत: मुझे जाना है तुम्हारे पास
फिर तुमने मुझे भेजा ही क्यों
अपने से दूर।

ईश्वर-8

हज़ार-हज़ार नामों वाला ईश्वर
लोगों को मरते-कटते देखता था
देखता था और सुनता था
कि ईश्वर की मजऱ्ी के बिना
पत्ता तक नहीं हिलता
सुनता था और सोचता था
मैंने कब बताई थी इन्हें अपनी मजऱ्ी
ईश्वर सोचता था और सिर धुनता था
सिर धुनता था और
अपने किसी ईश्वर को याद करता था
याद करता था और रोता था ईश्वर।

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