विकसित फरीदाबाद रैली : भाड़े की भीड़ पर उड़ा दिए जनता के दो करोड़ रुपये

विकसित फरीदाबाद रैली : भाड़े की भीड़ पर उड़ा दिए जनता के दो करोड़ रुपये
April 13 06:29 2026

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) इवेंटजीवी कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने अपना कद ऊंचा दिखाने की गरज से बीते शनिवार मुख्यमंत्री नायब सैनी को बुलाकर विकसित फरीदाबाद धन्यवाद रैली का आयोजन किया। विपुल गोयल ही नहीं सारे भाजपाइयों को अच्छी तरह मालूम है कि उनकी सत्ता में शहर और देश का जो हाल हुआ है, ऐसे में बजबजाती नालियां, गंदी पेयजल आपूर्ति, टूटी सड़कों से परेशान और महंगाई, बेरोजगारी से जूझ रहा आम नागरिक तो मुख्यमंत्री की फर्जी धन्यवाद रैली में आने से रहा।

क्योंकि प्रदेश के मुख्यमंत्री आ रहे थे तो भव्य कार्यक्रम के लिए जनता की गाढ़ी कमाई से चूसा गया टैक्स का दो करोड़ से भी ज्यादा रुपया शहंशाही दरबार रूपी पंडाल सजाने, भोजन-पानी की व्यवस्था, भाड़े की भीड़ जुटाने पर दिल खोल कर लुटाया गया। रैली से आम जनता को भले ही कुछ न हासिल हो लेकिन इसके आयोजन से अधिकारियों से लेकर ठेकेदार तक मालामाल हो गए। पंडाल लगाने में टेंडर प्रक्रिया को धता बता कर संघी कंपनी जेबी डेकोर को काम दिए जाने की जानकारी मज़दूर मोर्चा गतांक में प्रकशित कर चुका है। कार्यक्रम चाहे भाजपा का हो या सत्ता का ये जेबी डेकोर ही पंचकूला से लेकर दिल्ली एनसीआर में पंडाल लगाता है, सवाल न उठें इसलिए लगभग हर बार फर्जी टेंडर प्रक्रिया भी की जाती है और मोटी लूट कमाई में सबकी हिस्सापत्ती बनती है। सीएम सैनी को जलवा-जलाल दिखाने के लिए कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने दस हजार लोगों की भीड़ जुटाने के लिए धुंआधार खर्च किया था। उन्हें अपनी विधानसभा की जनता पर भरोसा नहीं रहा कि वह सीएम की रैली में पहुंचेगी, तो बडख़ल विधानसभा में भी रैलियां करके लोगों से आने की गुहार लगाई थी। सीएम को दूर तक भीड़ नजर आए इसके लिए सात हजार कुर्सियां लगवाई गईं, बढिय़ा चाय-नाश्ता और भोजन का इंतजाम किया गया बावजूद इसके जनता नहीं आई। भाजपा जिला कार्यकारिणी स्तर के सूत्रों की मानें तो कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए सारे भाजपा कार्यकर्ताओं को रैली में पहुंचाया गया, हालांकि कृष्णपाल गूजर के कट्टर समर्थक भाजपाइयों ने इससे दूरी बनाई।

भीड़ नहीं जुटी तो भाजपा पदाधिकारी अपने समर्थकों को बढिय़ा भोजन, सीएम के साथ फोटो खिंचवाने का लालच देकर पकड़ लाए। इतनी मशक्कत के बाद भी बामुश्किल एक हजार कुर्सियां ही भर सकीं। इसके बाद पटेल चौक, लेबर चौक आदि से दिहाड़ी मज़दूर पांच सौ रुपये और खाना देने के एवज में पकड़ कर लाए गए, भीड़ इकट्ठा करने के लिए हर बार की तरह इस बार भी स्कूल बसें लगाई गई थीं तब कहीं जाकर दो हजार के आसपास लोग जुटाए जा सके। महज चंद घंटों के कार्यक्रम के लिए शहंशाही राजमहल नुमा एसी पंडाल, वीआईपी लाउंज, कलाकारों और उनके भोजन-पानी पर दो करोड़ रुपये पानी की तरह बहा डाले गए। झूठ और जुमलेबाजी पर टिकी भाजपा के सीएम नायब सैनी ने रैली में 120 करोड़ 76 लाख रुपये के चार प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। दावा तो किया गया कि इन प्रोजेक्ट से जनता का भला होगा। करीब 51 करोड़ से रेस्ट हाउस बनाया जाएगा। जनता के धन से बनाई जाने वाली इस इमारत से नेता-मंत्री और सत्ताधारियों को ही आराम होगा, आम आदमी तो यहां फटक तक नहीं सकेगा। सैनी ने विभिन्न क्षेत्रों में सीवर लाइन बिछाने के लिए 25 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। सुधी पाठकों को याद होगा कि पूर्व भाजपाई सीएम मनोहरलाल खट्टर ने 2015-16 में एनआईटी विधानसभा में सीवर लाइन बिछाने के लिए 156 करोड़ की घोषणा की थी, जो आज तक घोषणा ही है। सीएम सैनी क्या कर पाएंगे समझा जा सकता है। सेक्टर सात में डिस्पेंसरी-सह-सीएमओ कार्यालय निर्माण प्रोजेक्ट के लिए 41 करोड़ 61 लाख रुपये दिए। गौरतलब है कि यहां पर करीब डेढ़ एकड़ के प्लॉट में हूडा ने एक सिविल डिस्पेंसरी उस वक्त बना कर दी थी जब इस सेक्टर का निर्माण किया गया था जो देखरेख के अभाव में पूरी तरह से विखंडित हो चुकी है।

इसके अलावा उन्होंने ओल्ड फरीदाबाद में स्कूल भवन निर्माण पर 3 करोड़ 45 लाख रुपयों का ऐलान किया। समझा जा सकता है कि भाजपाई शिक्षा की बेहतरी के लिए कितने गंभीर हैं, स्कूल के लिए साढ़े तीन करोड़ भी नहीं जबकि रेस्ट हाउस के लिए 51 करोड़, बच्चे तो खुले आसमान के नीचे पढ़ लेंगे लेकिन नेताजी के लिए एसी रेस्ट हाउस बहुत जरूरी है। सीएम सैनी ने कहा कि फरीदाबाद में पिछले साढ़े ग्यारह वर्षों में इन्फ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, उद्योग, स्मार्ट सिटी, मैट्रो विस्तार और डिजिटल सुविधाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। दरअसल वो बताना चाह रहे थे कि इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर दो सौ करोड़ रुपयों की लूट की गई, 76 करोड़ के पेरिफेरल रोड प्रोजेक्ट को 102 करोड़ कर नेता-अधिकारी-ठेकेदार के बीच करोड़ो रुपयों की लूट बांट हुई।

ओल्ड फरीदाबाद में 30 बेड का अस्पताल बनाने की घोषणा 2019 में हुई थी जो न खट्टर बनवा सके न सैनी साहब करवा पाए। स्मार्ट सिटी में करीब 3600 करोड़ रुपये बर्बाद कर दिए गए। कांग्रेस सरकार के मैट्रो प्रोजेक्ट को अपना बता कर खुश होने वाले नायब सैनी को यह भी बताना चाहिए था कि उनकी सरकार में फरीदाबाद-गुडग़ांव और फरीदाबाद-पलवल मैट्रो की सिर्फ घोषणा की जाती है जो कभी सिरे चढऩे वाला नहीं है। उन्होंने विकसित फरीदाबाद के बारे में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 संकल्प को विकसित हरियाणा के माध्यम से साकार किया जा रहा है, दरअसल, वह कह रहे थे कि विकसित भारत में भी गंदगी, सीवरजाम, दूषित पेयजल, खराब सड़कें और भ्रष्टाचार ही विकसित होंगे, आम जनता तो बेचारी जीएसटी, इनकम टैक्स आदि में अपनी गाढ़ी कमाई सरकार को देती रहेगी, उसे विकसित भारत का झुनझुना ही मिलना है।

बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना बने केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गूजर
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के कार्यक्रम में बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना की तरह केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गूजर भी पहुंचे थे। जानकारों के अनुसार उन्हें औपचारिकतावश बुलाया गया था ताकि जनता के बीच भाजपाइयों में एकता का संदेश पहुंचे लेकिन जिस तरह उन्हें हर जगह साथ रख कर भी हाशिए पर रखा गया वह जानकारों को नजर आया। उन्हें यह भी नजर आया कि सीएम के बाएं बाजू विपुल गोयल, मंत्री राजेश नागर और मंत्री गौरव गौतम थे जबकि दाएं बाजू कृष्णपाल गूजर, मूलचंद, सतीश फागना रहे, यानी मंच पर भी धड़ेबंदी साफ नजर आई। अब स्टेज पर बुलाया गया था तो भाषण भी दिलवाना था। गूजर के पास अपने काम बताने को थे ही नहीं तो उन्होंने मोदी की तरह पिछली कांग्रेसी सरकारों को कोसा और अबाध बिजली आपूर्ति का गुणगान कर चलते बने।

कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने भी बांधे झूठ के पुल
सीएम सैनी जब झूठ उंडेल रहे थे तो कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल कहां पीछे रहने वाले थे, उन्होंने भी रैपिड रीजनल ट्रांजिट सिस्टम और जेवर एयरपोर्ट को फरीदाबाद से जोडऩे वाले तथाकथित इंटरनेशनल ग्लोबल कॉरिडोर बनाए जाने जैसे बड़े झूठ बोलकर दिहाड़ी पर बुलाई गई उस भीड़ से तालियां बजवाईं जिसका एयरपोर्ट से कोई लेना देना नहीं। संदर्भवश, जिस एयरपोर्ट के चलने की अभी कोई संभावना नजर नहीं आ रही उसके लिए यह यह हाईवे और रैपिड रेल न जाने क्या क्या चला रहे हैं। दावा किया कि सीएम सैनी ने फरीदबाद को बाढ़ मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। जानकारों की मानें तो गोयल ने मंच पर यह दावा कर गूजर का सिरदर्द बढ़ा दिया, क्योंकि यमुना डूब क्षेत्र में प्लॉट काट कर बेचने वालेे अधिकतर भूमाफिया केंद्रीय मंत्री गूजर के सजातीय और समर्थक ही हैं। जानकारों की मानें तो गूजर के सांसद बनने के बाद से यमुना के डूब क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और उनकी रजिस्ट्री होने का खेल बहुत तेजी से बढ़ा है। इन अवैध कॉलोनियों की जानकारी होने के बावजूद सीटीपी कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता उसके पीछे डीलर से लीडर बने मंत्री जी का ही हाथ है।

  Article "tagged" as:
  Categories:
view more articles

About Article Author

Mazdoor Morcha
Mazdoor Morcha

View More Articles