विधायक जी जनता का पैसा है, आपकी जेब का नहीं

विधायक जी जनता का पैसा है, आपकी जेब का नहीं
November 04 05:24 2024

फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) धनेश अदलखा ने विधायक बनते ही जैसे हवा हवाई रूप में पांच दिन में बडख़ल विधानसभा क्षेत्र की सीवर लाइनें साफ करा दीं, पेयजल आपूर्ति की समस्या सुलझा दी और भगत सिंह चौराहे से कोढ़ी कॉलोनी वाली सड़क के लिए 2 करोड़ 28 लाख रुपये भी खर्च कर दिए, उसी तरह सोमवार को वह एनआईटी दो- डबुआ कॉलोनी मोड़ की टूटी पुलिया चालू करवाने पहुंच गए। बीते छह महीने से टूटी और बंद पड़ी इस पुलिया पर धनेश अदलखा पहुंच निगम के अधिकारियों पर रौब झाडऩे लगे। दो दिन पहले डाले गए लिंटर को बुधवार से खोलने का फरमान सुना डाला। वहां मौजूद ठेकेदार ने कहा कि सर यह कच्चा है खोला तो टूट जाएगा, तो उन्होंने कहा कि फिर बन जाएगा, पैसे की कमी नहीं है, बस गुडग़ांव जाने वालों को नहीं रुकना चाहिए। फिर चेतावनी दी कि दो दिन बाद वह खुद यहां सुबह ग्यारह बजे आएंगे।

विधायक जी जनता बीते छह महीने से इस पुलिया के नहीं बनने से परेशान रही है, पूरी बरसात में जलभराव झेला और अब जब बनकर तैयार हो गई, लिंटर सूखने में एक दो सप्ताह लगेंगे तो आपने इसे खोलने का फरमान सुना दिया। यह बताने पर कि यह टूट जाएगी आपने तो बड़े आराम से कह दिया कि फिर बन जाएगी जैसे इस पर लगाए गए लाखों रुपये आपकी नजर में कुछ नहीं हैं। विधायक जी अगर तोड़कर बनवाने का इतना ही शौक है तो अपनी जेब से पैसा खर्च कीजिए, जनता की मेहनत की कमाई बर्बाद नहीं कराइए। पार्षद रहे चुके धनेश अदलखा विधायक बनने के बाद शायद ये भी भूल चुके हैं कि किसी भी काम की एक प्रक्रिया होती है, सिर्फ कह देने भर से काम शुरू नहीं हो जाते। पुलिया तो तैयार नहीं करवा पा रहे और पांच नवंबर तक इसके पास की सड़क चौड़ी करने, स्लिप रोड बनाने का आदेश जारी कर दिया। अधिकारियों ने बजट का रोना रोया तो बोले मेरे डी प्लान से पैसा खर्च करो पैसे की कमी नहीं है। कोई उन्हें बताए कि स्लिप रोड बनाने के लिए भी जमीन की उपलब्धता, एस्टीमेट, टेंडर प्रक्रिया होती है न कि इधर आदेश दिया उधर निर्माण कार्य चालू। फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन रहते हुए अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूलने और पांच करोड़ रुपये का गोलमाल करने के आरोपी धनेश अच्छी तरह जानते हैं कि इस तरह के कार्यों में भ्रष्टाचार की पूरी संभावनाएं होती हैं, शायद यही कारण है कि वह दनादन ऐसे आदेश जारी कर रहे हैं जिनमें बिना एस्टीमेट, टेंडर आदि प्रक्रिया के रुपया पानी की तरह बहाया जाए और हिस्सापत्ती मिले। अधिकारी भी विधायक के आदेश की आड़ में लूट कमाई करते हैं।

स्मार्ट सिटी परियोजना भी इसी तरह के आदेशों के कारण लूट कमाई की ही परियोजना साबित हुई थी। सब जानते हैं कि अभी सरकार का गठन हुआ है सदन में बजट भी पेश नहीं हुआ है, सरकार अंतरिम बजट के जरिए खर्च चला रही है, बावजूद इसके धनेश नया मुल्ला प्याज ज्यादा खाता है मुहावरे की तर्ज पर रोजाना घोषणाएं करते जा रहे हैं, कहीं ऐसा न हो कि सरकार बजट ही न आवंटित करे और उन्हें अपनी घोषणाओं के लिए मुंह की खानी पड़े। पांच नवंबर भी दूर नहीं है देखना है कि धनेश अदलखा टूटी पुलिया शुरू करवा पाएंगे, और स्लिप रोड बनवा पाएंगे या फिर उनकी यह कवायद भी पिछले कार्यों की तरह पाखंड ही साबित होगी।

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Mazdoor Morcha
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