फऱीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) बडख़ल विधानसभा क्षेत्र में सब डिवीजन, सीएलयू कराए बिना ही बड़े पैमाने पर अवैध रूप से फ्लैट व अन्य निर्माण जारी हैं। तीन महीने पहले विधायक भ्रष्टाचारी धनेश अदलखा ने दावा किया था कि उनके क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण नहीं होगा और न ही ऐसे मकानों की रजिस्ट्री होगी। उनका दावा झूठा साबित हो चुका है, यदि रजिस्ट्रियां नहीं हो रहीं तो एनआईटी एक, दो, तीन और पांच में धड़ल्ले से अवैध निर्माण किसके इशारे पर जारी हैं।
ट्रिपल इंजन की भाजपा सरकारों में बीते ग्यारह वर्षों में सत्ता पक्ष के चहेतों ने नियम कानून ताक पर रख कर खूब अवैध निर्माण किए। बडख़ल विधानसभा क्षेत्र के एनआईटी, सैनिक कॉलोनी आदि में जमकर अवैध निर्माण कराए गए। मज़दूर मोर्चा समय समय पर इन अवैध निर्माणों और नगर निगम के निर्लज्ज अधिकारियों द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने के समाचार प्रकाशित करता आ रहा है। सुधी पाठकों को याद होगा कि एनआईटी तीन ईएसआईसी चौक स्थित रिहायशी प्लॉट डी 57 में किस तरह नेताओं के इशारे पर अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से दुकानें और फ्लैट बना डाले गए। इस प्लॉट के बगल में भी दुकानें और फ्लैट बन कर बिकने को तैयार हैं। इस तरह के निर्माण धड़ल्ले से जारी हैं।
तीन महीने पहले विधायक धनेश अदलखा ने खुद स्वीकार किया था कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में अवैध निर्माण जोरों पर है। भ्रष्टाचार का खुलासा करते हुए उन्होंने बताया था कि कैसे बिल्डर लॉबी अधिकारियों की मिलीभगत से 233 गज के फ्लैटों को बिना सब डिवीजन दो हिस्सों में तोड़ कर उसमें चार फ्लोर बनाती है। इसके बाद नगर निगम में सक्रिय भ्रष्ट अधिकारी मोटी बख्शीश हासिल कर इन फ्लैटों की प्रॉपर्टी आईडी बनाते हैं। फर्जी ढंग से बनाई गई प्रॉपर्टी आईडी के आधार पर इन्हें सीवर-पानी कनेक्शन दिलाया जाता है। इतना ही नहीं धनेश अदलखा ने बडख़ल तहसील प्रशासन पर भी आरोप लगाया था कि इस तरह के विवादित फ्लैटों की रजिस्ट्री के लिए एक से डेढ़ लाख रुपये वसूले जाते हैं।
मज़दूर मोर्चा ने दिसंबर 2024 में बडख़ल तहसील में चल रहा अवैध प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री का खेल शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर बताया था कि किस तरह केंद्रीय मंत्री गूजर के चहेते तहसीलदार उमेश कसाना और नेहा सरन दलालों के जरिए अवैध प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कर रही हैं। धनेश अदलखा जो भी दावे करे तहसील में आज भी अवैध प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियां जारी हैं। स्टिल्ट पार्किंग की जगह बनाए गए फ्लैट हों या छज्जा बढ़ा कर बनाए गए चूहा फ्लैट सबकी रजिस्ट्री करने का खेल बदस्तूर जारी है, बस इतना हुआ है कि दलालों ने सख्ती होने का बहाना बना कर रेट बढ़ा कर डेढ़ से दो लाख कर दिए हैं।
हालांकि बडख़ल एसडीएम त्रिलोकचंद और विधायक धनेश अदलखा दावे कर रहे हैं कि इस तरह की रजिस्ट्रियां बंद हैं लेकिन एनआईटी एक, दो, तीन और पांच में बेरोकटोक अवैध निर्माण जारी है। भ्रष्टाचारियों को विधायकी का टिकट देने वाली भाजपा राज में जब अवैध निर्माण हो रहे हैं तो रिश्वत और नजराजे पेश कर प्रॉपर्टी आईडी भी बन जाएगी, सीवर-पानी का कनेक्शन भी मिल जाएगा। ऐसे में नए बढ़े हुए रेट पर रजिस्ट्री होने से इनकार नहीं किया जा सकता, यह भी हो सकता है कि दलाल नेताजी का हिस्सा भी मांगने लगें।