फरीदाबाद (मज़दूर मोर्चा) आपराधिक प्रवृति के साथ-साथ सत्ता के नशे में धुत्त स्थानीय विधायक अदलखा के पास आजकल सबसे बड़ा काम अपने विरोधियों से बदला लेने का है। इसी श्रृंखला में उसने एनआईटी एक नम्बर निवासी भाषी के रिहायशी मकान नम्बर 155 की चौथी मंजिल को अवैध घोषित करा कर एमसीएफ द्वारा बीते सप्ताह तोड़वा दिया। मजे की बात तो यह है कि बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी विजय प्रताप के कट्टर समर्थक भाषी ने इसका विरोध बाकायदा ढ़ोल-धमाके तथा मिठाई बांट कर किया। जाहिर है धनेश अदलखा जिस पीडि़त को रोता-बिलखता देखना चाहता था वह तो उलटा हंसता-गाता ढ़ोल बजा कर मिठाईयां बांट रहा था। ऐसे में विधायक का जलना-भुनना तो तय ही था।
नि:संदेह भाषी की ये चौथी मंजिल अवैध थी, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या उस मुहल्ले में यही अकेली अवैध बिल्डिंग थी? नहीं, वहां मकान नम्बर 133 के ऊपर भी अवैध रूप से चौथी मंजिल बनी हुई है, उसे छुआ तक नहीं गया क्योंकि वह अदलखा समर्थक की बिल्डिंग है।
इसी तरह एनएच पांच में भी बड़े पैमाने पर अदलखा समर्थकों ने अवैध कब्जे व निर्माण किए हुए हैं। इनमें सबसे बड़ा अवैध धंधा स्टिल्ट पार्किंग के लिए छोड़ी गई जगह में फ्लैट बना कर बेचने का है। इन फ्लैटों को ‘चूहा फ्लैट’ का नाम दिया गया है। ऐसा ही एक चूहा फ्लैट एम 26 लक्ष्य नामक व्यक्ति का भी है। लक्ष्य की तारीफ यह है कि वह सोनिया मक्कर नामक महिला का पुत्र है। यह महिला धनेश अदलखा की विशेष विश्वसनीय कार्यकर्ता होने के नाते कई तरह की जिम्मेवारियां निभाती है। वैसे तो इलाके में होने वाले हर अवैध निर्माण की सूचना एमसीएफ को देना पार्षद अपना दायित्व समझते हैं परन्तु इस मामले में स्थानीय पार्षद जसवंत सिंह भी आंखें बंद किए बैठे हैं, लगता है उनकी सीधी सेटिंग या तो सोनिया मक्कर से हो गई है अथवा विधायक अदलखा के दबाव में खामोश रहना ही बेहतर समझते हैं।